15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में टूरिस्ट पुलिस तैनात: राज्यसभा में बोले पर्यटन मंत्री शेखावत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 25 जुलाई 2025 को राज्यसभा में जानकारी दी कि देश के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष टूरिस्ट पुलिस की तैनाती की जा चुकी है। सांसद चंद्रकांत हंडोरे के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने इस योजना की विस्तृत स्थिति सदन के सामने रखी।
किन राज्यों में है टूरिस्ट पुलिस
शेखावत ने बताया कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और उत्तर प्रदेश में यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टूरिस्ट पुलिस तैनात है। ये वे राज्य हैं जहाँ देश के प्रमुख पर्यटन स्थल स्थित हैं और जहाँ घरेलू व विदेशी पर्यटकों की आवाजाही सर्वाधिक है।
अध्ययन और रिपोर्ट का आधार
पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) ने टूरिस्ट पुलिस योजना पर एक विस्तृत अध्ययन कराया और इसके निष्कर्षों के आधार पर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की गई, जिसका उद्देश्य इस योजना को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एकसमान रूप से लागू करना है। इसके अतिरिक्त, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट (IITTM) के माध्यम से एक अलग अध्ययन भी कराया गया, ताकि टूरिस्ट पुलिस को पर्यटकों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया जा सके।
शेखावत ने बताया कि 'राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में टूरिस्ट पुलिस की कार्यप्रणाली और सर्वोत्तम प्रथाओं का दस्तावेजीकरण' शीर्षक वाली यह अध्ययन रिपोर्ट सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजी जा चुकी है।
प्रशिक्षण और केंद्रीय समन्वय
IITTM द्वारा तैयार एक प्रशिक्षण मॉड्यूल गृह मंत्रालय को सौंपा गया, जिसे बाद में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तक पहुँचाया गया। यह मॉड्यूल सुरक्षा प्रोटोकॉल, धोखाधड़ी की रोकथाम और विदेशी भाषाओं की बुनियादी जानकारी जैसे विषयों को समेटता है।
पर्यटन मंत्रालय ने गृह मंत्रालय और BPR&D के सहयोग से नई दिल्ली में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों (DGP) और पुलिस महानिरीक्षकों (IGP) का एक राष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया, जिसमें इस योजना के क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया।
वित्तीय सहायता का प्रावधान नहीं
शेखावत ने स्पष्ट किया कि टूरिस्ट पुलिस की अलग इकाइयाँ स्थापित करने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोई विशेष वित्तीय सहायता या पैकेज नहीं दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि टूरिस्ट पुलिस की तैनाती और संचालन का खर्च संबंधित राज्य सरकारें स्वयं वहन कर रही हैं।
आगे की राह
गौरतलब है कि भारत में पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पर्यटकों की सुरक्षा एक अहम पहलू है, विशेष रूप से विदेशी पर्यटकों के लिए। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर देश की हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रयास कर रही है। आने वाले समय में शेष राज्यों में भी इस योजना के विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।