21 जुलाई 2026 पंचांग: पार्वती जयंती और दुर्गाष्टमी का शुभ संयोग, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:59 बजे तक
सारांश
मुख्य बातें
हिंदू पंचांग के अनुसार 21 जुलाई 2026, मंगलवार को पार्वती जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी का दुर्लभ शुभ संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन माता पार्वती और देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना विशेष रूप से फलदायी मानी जा रही है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि सुबह 5:16 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
तिथि, नक्षत्र और योग
पंचांग गणना के अनुसार इस दिन सूर्य पुष्य नक्षत्र में गोचर करेगा। चंद्रमा रात 8:49 बजे तक चित्रा नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेगा। योग की दृष्टि से इस दिन सिद्ध योग प्रभावी रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय
21 जुलाई को सूर्योदय सुबह 5:56 बजे और सूर्यास्त शाम 7:09 बजे होगा। चन्द्रोदय दोपहर 12:28 बजे और चन्द्रास्त रात 11:53 बजे होगा। सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा सुबह 8:00 बजे तक कन्या राशि में संचार करेगा और इसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेगा।
अभिजीत मुहूर्त और शुभ समय
मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार यह दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल होता है, जिसमें राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए बिना कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा, यात्रा या व्यापार आरंभ किया जा सकता है।
अशुभ काल — राहुकाल, गुलिक और यमगंड
पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन तीन कालों में नए कार्य शुरू करने से बचना उचित माना जाता है। राहुकाल दोपहर 3:27 से 5:09 बजे तक, गुलिक काल दोपहर 12:44 से 2:23 बजे तक और यमगंड काल सुबह 9:02 से दोपहर 10:45 बजे तक रहेगा।
दिशाशूल और यात्रा संबंधी सावधानी
ज्योतिष और वास्तु परंपरा के अनुसार इस दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। इस दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि उत्तर दिशा में यात्रा अनिवार्य हो, तो विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है। पार्वती जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी के इस संयोग में देवी-उपासना का विशेष महत्व है, और भक्त इस दिन व्रत, पूजन और दान के माध्यम से शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं।