जयपुर नगर निगम में ACB का शिकंजा: जमादार रामसिंह यादव ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को जयपुर नगर निगम के हवा महल-आमेर जोन की लीज डीड (पट्टा) शाखा में तैनात जमादार रामसिंह यादव (28) को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर प्रॉपर्टी लीज डीड जारी करने के बदले कुल ₹2 लाख की माँग करने का आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम
ACB महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, यह कार्रवाई गुरुवार दोपहर जयपुर नगर निगम परिसर में की गई। शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर एक लीज डीड लंबे समय से नगर निगम में लंबित थी। शिकायतकर्ता बार-बार कार्यालय के चक्कर लगा रहा था, तभी आरोपी रामसिंह यादव ने फाइल आगे बढ़ाने के बदले ₹2 लाख की रिश्वत की माँग रखी।
शिकायत की पुष्टि और जाँच के बाद ACB ने ट्रैप बिछाया। शिकायतकर्ता को ₹50,000 की पहली किस्त लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही रामसिंह यादव ने रकम अपने हाथ में ली, ACB की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। रामसिंह यादव सीकर जिले के श्रीमाधोपुर का निवासी है।
पूछताछ और जाँच की स्थिति
गिरफ्तारी के बाद ACB टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार आगे की जाँच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत की माँग में और कौन-कौन शामिल हो सकते हैं।
पहले भी हुई थी नगर निगम में गिरफ्तारी
यह ऐसे समय में आया है जब ACB की जयपुर इकाई पहले ही नगर निगम के भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई कर चुकी है। 29 जून 2026 (सोमवार) को ACB ने जयपुर नगर निगम के सिविल लाइंस जोन में उप आयुक्त कार्यालय में तैनात जूनियर इंजीनियर संजय कुमार बैरवा को कथित तौर पर ₹80,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
उस मामले में शिकायतकर्ता ने अपने पुराने जर्जर मकान को गिराकर नया भवन बनाने की अनुमति के लिए आवेदन किया था। करीब चार महीने बाद संपत्ति की सील हटाकर बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल के निर्माण की अनुमति दे दी गई। आरोप है कि 3 जून 2026 को आरोपी जूनियर इंजीनियर संजय कुमार बैरवा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल कथित रूप से निर्माण स्थल पर पहुँचे और सील दोबारा लगाने व निर्माण कार्य रोकने की धमकी दी। कथित तौर पर ₹2 लाख की रिश्वत की माँग रखी गई, जो तत्कालीन उप आयुक्त सुनील बैरवा की ओर से भी बताई गई।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि लीज डीड जैसी बुनियादी नागरिक सेवाओं में रिश्वतखोरी आम नागरिकों को सबसे अधिक प्रभावित करती है, जो अपनी संपत्ति के वैध दस्तावेज़ के लिए सरकारी दफ्तरों पर निर्भर रहते हैं। जयपुर नगर निगम में पिछले कुछ दिनों में हुई दो गिरफ्तारियाँ इस बात का संकेत हैं कि ACB ने स्थानीय निकायों में भ्रष्टाचार पर निगरानी बढ़ा दी है।
क्या होगा आगे
ACB की जाँच जारी है और यह देखा जाएगा कि रिश्वत की माँग में ऊपर तक कोई श्रृंखला तो नहीं थी। आरोपी रामसिंह यादव को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे पेश किया जाएगा।