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जयपुर नगर निगम में ACB का शिकंजा: जमादार रामसिंह यादव ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

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जयपुर नगर निगम में ACB का शिकंजा: जमादार रामसिंह यादव ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

सारांश

जयपुर नगर निगम में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया। ACB ने हवा महल-आमेर जोन के जमादार रामसिंह यादव को ₹50,000 की रिश्वत लेते दबोचा — लीज डीड जारी करने के लिए ₹2 लाख माँगे गए थे। यह जून के अंत में उसी निगम में हुई एक और गिरफ्तारी के महज़ तीन दिन बाद की घटना है।

मुख्य बातें

ACB ने 2 जुलाई 2026 को जयपुर नगर निगम के जमादार रामसिंह यादव (28) को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
आरोपी ने लीज डीड (पट्टा) जारी करने के बदले कुल ₹2 लाख की माँग की थी; ₹50,000 पहली किस्त के रूप में लिए गए।
आरोपी हवा महल-आमेर जोन की लीज डीड शाखा में तैनात था और सीकर जिले के श्रीमाधोपुर का निवासी है।
ACB महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने कार्रवाई की पुष्टि की; पूछताछ जारी है।
इससे पहले 29 जून 2026 को ACB ने उसी निगम के जूनियर इंजीनियर संजय कुमार बैरवा को ₹80,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को जयपुर नगर निगम के हवा महल-आमेर जोन की लीज डीड (पट्टा) शाखा में तैनात जमादार रामसिंह यादव (28) को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर प्रॉपर्टी लीज डीड जारी करने के बदले कुल ₹2 लाख की माँग करने का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम

ACB महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, यह कार्रवाई गुरुवार दोपहर जयपुर नगर निगम परिसर में की गई। शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर एक लीज डीड लंबे समय से नगर निगम में लंबित थी। शिकायतकर्ता बार-बार कार्यालय के चक्कर लगा रहा था, तभी आरोपी रामसिंह यादव ने फाइल आगे बढ़ाने के बदले ₹2 लाख की रिश्वत की माँग रखी।

शिकायत की पुष्टि और जाँच के बाद ACB ने ट्रैप बिछाया। शिकायतकर्ता को ₹50,000 की पहली किस्त लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही रामसिंह यादव ने रकम अपने हाथ में ली, ACB की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। रामसिंह यादव सीकर जिले के श्रीमाधोपुर का निवासी है।

पूछताछ और जाँच की स्थिति

गिरफ्तारी के बाद ACB टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार आगे की जाँच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत की माँग में और कौन-कौन शामिल हो सकते हैं।

पहले भी हुई थी नगर निगम में गिरफ्तारी

यह ऐसे समय में आया है जब ACB की जयपुर इकाई पहले ही नगर निगम के भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई कर चुकी है। 29 जून 2026 (सोमवार) को ACB ने जयपुर नगर निगम के सिविल लाइंस जोन में उप आयुक्त कार्यालय में तैनात जूनियर इंजीनियर संजय कुमार बैरवा को कथित तौर पर ₹80,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।

उस मामले में शिकायतकर्ता ने अपने पुराने जर्जर मकान को गिराकर नया भवन बनाने की अनुमति के लिए आवेदन किया था। करीब चार महीने बाद संपत्ति की सील हटाकर बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल के निर्माण की अनुमति दे दी गई। आरोप है कि 3 जून 2026 को आरोपी जूनियर इंजीनियर संजय कुमार बैरवा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल कथित रूप से निर्माण स्थल पर पहुँचे और सील दोबारा लगाने व निर्माण कार्य रोकने की धमकी दी। कथित तौर पर ₹2 लाख की रिश्वत की माँग रखी गई, जो तत्कालीन उप आयुक्त सुनील बैरवा की ओर से भी बताई गई।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि लीज डीड जैसी बुनियादी नागरिक सेवाओं में रिश्वतखोरी आम नागरिकों को सबसे अधिक प्रभावित करती है, जो अपनी संपत्ति के वैध दस्तावेज़ के लिए सरकारी दफ्तरों पर निर्भर रहते हैं। जयपुर नगर निगम में पिछले कुछ दिनों में हुई दो गिरफ्तारियाँ इस बात का संकेत हैं कि ACB ने स्थानीय निकायों में भ्रष्टाचार पर निगरानी बढ़ा दी है।

क्या होगा आगे

ACB की जाँच जारी है और यह देखा जाएगा कि रिश्वत की माँग में ऊपर तक कोई श्रृंखला तो नहीं थी। आरोपी रामसिंह यादव को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे पेश किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

या जाँच उन वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुँचेगी जिनके नाम पहले के मामलों में सामने आए हैं। बिना संस्थागत जवाबदेही के, ट्रैप ऑपरेशन लक्षणों का उपचार करते हैं, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ACB ने जयपुर नगर निगम के जमादार को क्यों गिरफ्तार किया?
ACB ने जमादार रामसिंह यादव को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के पिता की लीज डीड (पट्टा) फाइल आगे बढ़ाने के बदले कुल ₹2 लाख की माँग की थी।
गिरफ्तार आरोपी रामसिंह यादव कौन है?
रामसिंह यादव (28) जयपुर नगर निगम के हवा महल-आमेर जोन की लीज डीड शाखा में जमादार के पद पर तैनात था। वह सीकर जिले के श्रीमाधोपुर का निवासी है।
जयपुर नगर निगम में इससे पहले भी ACB ने कार्रवाई की थी?
हाँ, 29 जून 2026 को ACB ने जयपुर नगर निगम के सिविल लाइंस जोन में तैनात जूनियर इंजीनियर संजय कुमार बैरवा को कथित तौर पर ₹80,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी निर्माण अनुमति के बदले ₹2 लाख की माँग का आरोप था।
लीज डीड के लिए रिश्वत माँगने का क्या मामला था?
शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर लीज डीड लंबे समय से नगर निगम में लंबित थी। बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद काम नहीं हुआ, तब आरोपी ने फाइल आगे बढ़ाने के लिए ₹2 लाख की माँग रखी और ₹50,000 की पहली किस्त लेते पकड़ा गया।
ACB की जाँच अब किस दिशा में जाएगी?
ACB महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की जाँच चल रही है। यह देखा जाएगा कि रिश्वत की माँग में और कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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