अदीना मस्जिद विवाद: मौलाना रजवी बरेलवी की चेतावनी — तनाव बढ़ा तो CM सुवेंदु अधिकारी होंगे जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 26 जुलाई 2026 को बरेली से पश्चिम बंगाल के अदीना मस्जिद विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार मस्जिद परिसर में पूजा-पाठ की अनुमति देती है, तो उससे उपजने वाले किसी भी तनाव की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की होगी।
मौलाना रजवी का बयान
मौलाना रजवी बरेलवी ने कहा, 'जब से सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल में सरकार की कमान संभाली है, तब से तनाव और टकराव का माहौल बढ़ गया है।' उन्होंने अदीना मस्जिद को सदियों पुरानी ऐतिहासिक धरोहर बताया और कहा कि इसे मुस्लिम शासनकाल में बनाया गया था। उनके अनुसार, ब्रिटिश शासन के दौरान भी इस मस्जिद के स्वामित्व पर कभी कोई आपत्ति नहीं उठाई गई।
सांप्रदायिक सौहार्द पर चिंता
मौलाना रजवी ने आरोप लगाया कि 'फिरकापरस्ती के हौंसले बुलंद हैं' और कुछ तत्व अदीना मस्जिद में पूजा-पाठ कराने की माँग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार ऐसी माँगों को मंजूरी देती है, तो इससे हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को गहरा नुकसान पहुँचेगा। उनके अनुसार, सीएम सुवेंदु अधिकारी पर मुसलमानों को निशाना बनाने का आरोप है, जो सामाजिक सद्भाव के लिए खतरनाक है।
राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन
इस बीच, मौलाना रजवी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत तेज़ी से निवेश आकर्षित कर रहा है, औद्योगिक इकाइयाँ बढ़ रही हैं और देश के युवाओं को रोज़गार के अवसर मिल रहे हैं। मौलाना ने कहा, 'मैं उनकी बातों का समर्थन करता हूँ।'
पाकिस्तान पर टिप्पणी
मौलाना रजवी ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत की नकल करने का प्रयास कर रहा है, परंतु वहाँ की जनता आतंकवाद और महंगाई से बुरी तरह परेशान है। उन्होंने माँग की कि पाकिस्तान सरकार आतंकवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाए और अपनी जनता की समस्याओं का समाधान करे।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक संवेदनशीलता को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो रही है। अदीना मस्जिद के स्वामित्व और उपयोग का मुद्दा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को और गर्म कर सकता है।