अहमदाबाद एयरपोर्ट पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा के लिए मल्टी-एजेंसी ड्रिल

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अहमदाबाद एयरपोर्ट पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा के लिए मल्टी-एजेंसी ड्रिल

सारांश

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भूकंप के प्रभावों की जांच के लिए एक महत्वपूर्ण मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। यह ड्रिल आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और एजेंसियों के बीच समन्वय की क्षमता का मूल्यांकन करने हेतु किया गया था।

मुख्य बातें

भूकंप के प्रभावों का मूल्यांकन करना आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना मानक संचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा संरचनात्मक क्षति और एयरपोर्ट संचालन में बाधा को समझना

अहमदाबाद, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बुधवार को अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भूकंप और उसके प्रभावों की एक व्यापक मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और एजेंसियों के बीच समन्वय की क्षमता का परीक्षण करना था।

यह आपदा प्रबंधन ड्रिल नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) के सहयोग से एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई), गुजरात स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (जीएसडीएमए) और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) द्वारा इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल पर आयोजित की गई थी।

यह मल्टी-हैजर्ड परिदृश्य अभ्यास उन संभावित स्थितियों की तैयारी के स्तर और संयुक्त कार्यवाही के प्रभाव का आकलन करने के लिए किया गया था, जो किसी भी बड़ी भूकंपीय घटना के दौरान महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को प्रभावित कर सकती हैं। इस सिमुलेशन में भूकंप और इसके अन्य परिणामों को दर्शाया गया, जिनमें संरचनात्मक क्षति और एयरपोर्ट संचालन में बाधा शामिल थी।

अधिकारियों ने कहा कि इस ड्रिल का उद्देश्य प्रतिक्रिया तंत्र का मूल्यांकन करना, इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) का परीक्षण करना, संचार चैनलों का आकलन करना और दबाव में संसाधनों के उपयोग का मूल्यांकन करना था।

इस अभ्यास में एनडीआरएफ, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ), पुलिस और अग्निशामक सेवाओं की टीमों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

ऑपरेशनल और इमरजेंसी मैनेजमेंट यूनिट्स में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एयरपोर्ट के कर्मचारी, कलेक्टर कार्यालय, सीआईएसएफ, आपदा मित्र और अन्य महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर्स की टीमें भी इस अभ्यास में शामिल थीं।

अधिकारियों के अनुसार, इस मॉक एक्सरसाइज ने मानक संचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा करने और सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने का अवसर प्रदान किया। इसका उद्देश्य उन एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना भी था, जिन्हें वास्तविक आपात स्थिति के दौरान मिलकर कार्य करने की आवश्यकता होगी।

एक अधिकारी ने कहा, "यह ड्रिल इंटर-एजेंसी समन्वय को मजबूत करने और कठिन आपदा परिस्थितियों में त्वरित और सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद करेगी। इस तरह के अभ्यास ऑपरेशनल कमियों को पहचानने और जीवन तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए संयुक्त तैयारी को मजबूत करने में सहायक होते हैं।"

अधिकारियों ने कहा कि ड्रिल के परिणामों का विश्लेषण किया जाएगा ताकि एयरपोर्ट और संबंधित विभागों में आपातकालीन तैयारी की विधियों को और बेहतर बनाया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समाचार हमें आपदा प्रबंधन की तैयारियों की आवश्यकता और महत्व को समझाता है। ऐसे अभ्यासों से समय पर आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित होती है, जो किसी भी संभावित संकट में जीवन और संपत्ति की रक्षा करने में मदद करते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह मॉक एक्सरसाइज कब आयोजित की गई थी?
यह मॉक एक्सरसाइज २५ फरवरी को आयोजित की गई थी।
इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और एजेंसियों के बीच समन्वय का परीक्षण करना था।
कौन से संगठन इस ड्रिल में शामिल थे?
इस ड्रिल में एनडीएमए, एएआई, जीएसडीएमए और एनडीआरएफ शामिल थे।
इस ड्रिल से क्या सीखने को मिला?
इस ड्रिल से मानक संचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा करने और सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने का अवसर मिला।
किसके द्वारा इस ड्रिल का आयोजन किया गया था?
यह ड्रिल नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी द्वारा आयोजित की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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