कोयंबटूर एयरपोर्ट विस्तार विवाद: बाउंड्री वॉल से किसानों की जमीन तक रास्ता बंद होने का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
कोयंबटूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर तमिलनाडु में एक नया विवाद उभरा है, जहाँ चिन्नियामपालयम और इरुगुर के किसान व स्थानीय निवासी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के उस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, जिसमें नए टर्मिनल तक जाने वाली अप्रोच रोड के दोनों ओर बाउंड्री वॉल बनाने की योजना है। किसानों का कहना है कि यह दीवार उनकी बची हुई कृषि भूमि और संपत्ति तक पहुँच का एकमात्र रास्ता बंद कर देगी, जिससे उनकी आजीविका सीधे खतरे में पड़ जाएगी।
विवाद की जड़: क्या है अप्रोच रोड का मामला
यह विवाद अविनाशी रोड से नए टर्मिनल तक निर्मित हो रही 1,917 मीटर लंबी और 60 मीटर चौड़ी अप्रोच रोड से जुड़ा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार यह सड़क आरजी पुदुर, इरुगुर और चिन्नियामपालयम के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है और एक 20 मीटर चौड़ी स्थानीय सड़क को काटती है, जो इस क्षेत्र की दर्जनों रिहायशी और कृषि संपत्तियों तक पहुँचने का मुख्य मार्ग है। किसानों की आशंका है कि अप्रोच रोड के पूरे हिस्से को दीवारों से घेर देने पर इरुगुर रोड सहित आसपास की सड़कों से उनका ज़रूरी संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा।
किसानों की पीड़ा: जमीन दी, अब रास्ता भी जाएगा
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने अक्टूबर 2010 में एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण का सरकारी आदेश जारी किया था। मुआवज़े का निर्धारण 2020 में हुआ — कृषि भूमि के लिए ₹900 प्रति वर्ग फुट और रिहायशी भूमि के लिए ₹1,500 प्रति वर्ग फुट। हालाँकि मूल मालिकों की बची हुई जमीन तक पहुँच सुनिश्चित करने का कोई प्रावधान उस समय नहीं किया गया था।
एक किसान, जिन्होंने एयरपोर्ट परियोजना के लिए दो एकड़ से अधिक भूमि दी थी, ने कहा, 'हमें एयरपोर्ट परिसर के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अप्रोच रोड के किनारे दीवारें बनाने से मौजूदा सार्वजनिक सड़क बंद हो जाएगी और हमारी बची हुई जमीनें अलग-थलग पड़ जाएंगी।' भूमि मालिकों का तर्क है कि उनकी शेष जमीन ही उनकी आजीविका का एकमात्र आधार है।
AAI का रुख और निर्माण पर रोक
स्थानीय निवासियों की आपत्तियों के बाद AAI के अधिकारियों ने फिलहाल बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य रोक दिया है और वैकल्पिक समाधानों पर विचार कर रहे हैं। यह मामला सुलूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एन.एम. सुकुमार के सामने भी रखा गया है। AAI अधिकारियों से मुलाकात के बाद सुकुमार ने कहा कि उन्होंने एयरपोर्ट प्राधिकरण से अप्रोच रोड के दोनों ओर सर्विस रोड बनाने की अपील की है, ताकि किसानों और निवासियों का आवागमन बाधित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी जमीन तक पहुँचने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
निवासियों की माँग: सर्विस रोड या संपत्ति खरीद
स्थानीय निवासियों ने AAI से माँग की है कि अप्रोच रोड के दोनों ओर 10 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनाई जाए — ठीक उसी तरह जैसे एयरपोर्ट तक जाने वाली मौजूदा सड़क पर है। कुछ प्रभावित लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि यदि वैकल्पिक पहुँच का रास्ता सुनिश्चित नहीं किया जा सकता, तो अधिकारियों को उनकी शेष संपत्ति भी उचित मुआवज़े पर अधिग्रहित कर लेनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के कारण विस्थापित भूमि मालिकों की पुनर्वास समस्याएँ बार-बार सामने आती रही हैं।
आगे क्या होगा
AAI अधिकारी वर्तमान में वैकल्पिक योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। विधायक सुकुमार ने भरोसा जताया है कि एक ऐसा समाधान निकाला जाएगा जो सभी पक्षों को स्वीकार्य हो। कोयंबटूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार की यह परियोजना क्षेत्र की हवाई संपर्क क्षमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन प्रभावित किसानों के हितों की रक्षा किए बिना इसका क्रियान्वयन विवादास्पद बना रहेगा।