कोयंबटूर एयरपोर्ट विस्तार: 10.5 मीटर चौड़े पहुंच मार्ग के लिए भूमि सर्वे AAI को सौंपा
सारांश
मुख्य बातें
कोयंबटूर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बहुप्रतीक्षित विस्तार की राह में एक अहम पड़ाव पार हो गया है — कोयंबटूर जिला प्रशासन ने 10.5 मीटर चौड़ी पहुंच सड़क के निर्माण के लिए विस्तृत भूमि सर्वेक्षण पूरा कर उसकी रिपोर्ट भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को 26 जुलाई 2026 को सौंप दी। यह सर्वेक्षण स्थानीय किसानों और निवासियों के उस विरोध के बाद कराया गया, जिसके चलते हवाई अड्डे की परिधि दीवार का निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार संशोधित भूमि मानचित्र सहित सर्वेक्षण रिपोर्ट AAI को भेज दी गई है। AAI की स्वीकृति मिलते ही हवाई अड्डे की परिधि दीवार का निर्माण फिर से शुरू होने की संभावना है, जो इस विस्तार परियोजना के अगले चरण की शुरुआत होगी। गौरतलब है कि यह सर्वेक्षण जिला कलेक्टर पवन कुमार के निर्देश पर मात्र तीन दिनों में पूरा किया गया।
विरोध की पृष्ठभूमि
परिधि दीवार का निर्माण हाल ही में शुरू हुआ था, परंतु आसपास के गांवों के किसानों और निवासियों ने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि मूल योजना में दीवार के साथ केवल चार मीटर चौड़ी सड़क का प्रावधान था, जो नियमित यातायात और भविष्य की ज़रूरतों के लिए अपर्याप्त है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि 10.5 मीटर चौड़ी सड़क की व्यवस्था सुनिश्चित होने पर ही वे आगे के निर्माण की अनुमति देंगे।
इसके बाद जिला कलेक्टर पवन कुमार ने स्वयं स्थल का निरीक्षण किया और किसानों व स्थानीय निवासियों के साथ बैठक कर उनकी माँगों को सुना। इसी बैठक के परिणामस्वरूप व्यापक भूमि सर्वेक्षण का आदेश दिया गया।
परियोजना का महत्व और वर्तमान स्थिति
कोयंबटूर एयरपोर्ट विस्तार परियोजना को पश्चिमी तमिलनाडु की सर्वाधिक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में गिना जाता है। प्रस्ताव के अनुसार मौजूदा 9,000 फुट लंबे रनवे को बढ़ाकर 12,000 फुट किया जाएगा, जिससे बोइंग 777 और एयरबस A350 जैसे वाइड-बॉडी विमानों का संचालन संभव होगा।
परियोजना के पहले चरणों के लिए ₹2,200 करोड़ का आवंटन पहले ही हो चुका है और अधिकांश भूमि अधिग्रहण भी पूरा किया जा चुका है। हालाँकि अधिकारियों के अनुसार परियोजना के लिए अभी भी सात एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है, जिसके लिए राजस्व विभाग की प्रक्रिया जारी है।
आम जनता और क्षेत्र पर असर
लंबा रनवे तैयार होने के बाद कोयंबटूर से सीधी अंतर्राष्ट्रीय यात्री उड़ानें और लंबी दूरी की कार्गो सेवाएं संचालित की जा सकेंगी। इससे अन्य हवाई अड्डों पर निर्भरता कम होगी और क्षेत्र के निर्यात, विनिर्माण एवं निवेश को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब कोयंबटूर पहले से ही दक्षिण भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शुमार है।
आगे की राह
AAI की स्वीकृति मिलते ही परिधि दीवार का निर्माण पुनः आरंभ होगा, जो इस विस्तार परियोजना की दिशा में निर्णायक कदम होगा। शेष सात एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही परियोजना की रफ्तार और तेज़ होने की संभावना है।