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नीट री-टेस्ट 21 जून: अन्नामलाई ने सुरक्षा इंतजामों पर उठाए सवाल, छात्रों पर बढ़ते दबाव की जताई चिंता

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नीट री-टेस्ट 21 जून: अन्नामलाई ने सुरक्षा इंतजामों पर उठाए सवाल, छात्रों पर बढ़ते दबाव की जताई चिंता

सारांश

नीट री-टेस्ट के लिए सरकार ने मिलिट्री-स्तरीय सुरक्षा तैनात की — वायुसेना एयरलिफ्ट, एआई सर्विलांस, पीएमओ निगरानी। लेकिन पूर्व भाजपा नेता अन्नामलाई का सवाल है: पेपर लीक रोकने की कोशिश में कहीं छात्रों का मानसिक बोझ और न बढ़ जाए — खासकर जब परीक्षा का समय भी 15 मिनट बढ़ा दिया गया है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के.
अन्नामलाई ने 16 जून को नीट री-टेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सरकार ने 21 जून के री-टेस्ट के लिए भारतीय वायुसेना एयरलिफ्ट , सीआरपीएफ-सीआईएसएफ सुरक्षा , एआई सर्विलांस और पीएमओ निगरानी जैसे इंतजाम किए हैं।
परीक्षा का कुल समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट किया गया है, जिस पर अन्नामलाई ने आपत्ति जताई।
अन्नामलाई के अनुसार यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के 'परीक्षा तनाव कम करने' के लक्ष्य के विरुद्ध है।
NTA ने एडमिट कार्ड डाउनलोड में आ रही तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर करने का भरोसा दिलाया है।

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने 16 जून को केंद्र सरकार द्वारा 21 जून को आयोजित होने वाले नीट री-टेस्ट के लिए की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि ये इंतजाम पेपर लीक रोकने की नीयत से तो सही हैं, लेकिन इनसे पहले से मानसिक दबाव में जी रहे छात्रों की परेशानी और बढ़ेगी।

अन्नामलाई ने क्या कहा

अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकार ने री-टेस्ट के लिए जो इंतजाम किए हैं, उनमें भारतीय वायुसेना एयरलिफ्ट के साथ दो-स्तरीय सीआरपीएफ और सीआईएसएफ सुरक्षा घेरा, एआई सर्विलांस युक्त 4-लेयर सीसीटीवी सिस्टम, बायोमेट्रिक और फेशियल रिकग्निशन, कई स्तरों पर तलाशी और प्रधानमंत्री कार्यालय से सीधी निगरानी शामिल है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'हाँ, आपने सही पढ़ा — लेकिन ये इंतजाम किसी हाई-लेवल, गोपनीय, मिलिट्री-ग्रेड सॉफ्टवेयर खरीद के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा मंत्रालय ने 21 जून को होने वाले नीट री-टेस्ट के लिए किए हैं।'

परीक्षा समय बढ़ाने पर आपत्ति

अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि वे पेपर लीक रोकने के उपायों के विरोध में नहीं हैं, बल्कि उनकी आपत्ति परीक्षा की प्रक्रिया को और बोझिल बनाने को लेकर है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले कड़ी जांच-पड़ताल, लंबी तलाशी और परीक्षा का कुल समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट करने से छात्रों पर पहले से ही बढ़ रहे मानसिक दबाव में और इज़ाफा होगा। उनका कहना है कि जिन छात्रों ने महीनों की मेहनत के बाद परीक्षा दी थी, उन्हें अब इस अतिरिक्त बोझ के साथ दोबारा बैठना पड़ेगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्य पर सवाल

पूर्व भाजपा नेता ने तर्क दिया कि इस तरह की व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उस मूल उद्देश्य के विपरीत है, जिसमें 'परीक्षा का तनाव' कम करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा, 'सरकार ने पेपर लीक रोकने के उपाय तो किए, लेकिन वे उस अतिरिक्त बोझ को भूल गए जो उन्होंने युवा छात्रों पर परीक्षा से ठीक पहले डाला है।' यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र और अभिभावक पहले से ही आक्रोश में हैं।

एडमिट कार्ड में तकनीकी दिक्कतें

अन्नामलाई ने यह भी उजागर किया कि इतनी कड़ी तैयारियों के बावजूद छात्रों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में दिक्कतें आ रही हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने भरोसा दिलाया है कि इन तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर किया जाएगा। अन्नामलाई ने चेताया कि री-टेस्ट के लिए अपनाया गया यह तरीका मूल समस्या का समाधान करने की बजाय नई तरह की परेशानियाँ पैदा कर सकता है।

आगे क्या

21 जून को होने वाला नीट री-टेस्ट सरकार की पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता की असली परीक्षा होगी। छात्र संगठनों और विपक्षी दलों की नज़रें इस पूरी प्रक्रिया पर टिकी हैं, और परिणाम यह तय करेगा कि क्या सरकार के उपाय वाकई भरोसा बहाल कर पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर री-टेस्ट में मिलिट्री-स्तरीय सुरक्षा और बढ़ा हुआ परीक्षा समय थोप रही है। पेपर लीक की जवाबदेही तय करने की बजाय पूरा बोझ छात्रों पर डालना, व्यवस्था की विफलता को छुपाने का तरीका बन सकता है। असली सवाल यह है कि NTA की संरचनात्मक खामियों को दुरुस्त किए बिना, क्या सुरक्षा का यह प्रदर्शन दीर्घकालिक भरोसा बहाल कर पाएगा?
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट री-टेस्ट 21 जून को क्यों हो रहा है?
नीट पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय ने 21 जून को री-टेस्ट आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह उन छात्रों के लिए है जो मूल परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों से प्रभावित हुए थे।
अन्नामलाई ने नीट री-टेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर क्या आपत्ति जताई?
अन्नामलाई का कहना है कि वायुसेना एयरलिफ्ट, एआई सर्विलांस, बायोमेट्रिक जांच और पीएमओ निगरानी जैसी व्यवस्था जरूरत से ज्यादा है और इससे छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ेगा। उन्होंने परीक्षा का समय 180 से 195 मिनट करने को भी अनुचित बताया।
नीट री-टेस्ट में परीक्षा का समय कितना बढ़ाया गया है?
नीट री-टेस्ट का कुल समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। अन्नामलाई के अनुसार यह अतिरिक्त 15 मिनट छात्रों के पहले से बढ़े हुए तनाव को और गहरा करेगा।
NTA के एडमिट कार्ड डाउनलोड में क्या समस्या आ रही है?
कई छात्रों को नीट री-टेस्ट के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। NTA ने आश्वासन दिया है कि इन समस्याओं को जल्द से जल्द दूर किया जाएगा।
क्या नीट री-टेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है?
अन्नामलाई का तर्क है कि यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के 'परीक्षा का तनाव कम करने' के लक्ष्य के विपरीत है। उनके अनुसार कड़ी जांच और बढ़ा हुआ समय उस नीति की भावना को कमजोर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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