नोएडा में अंतरराज्यीय लग्जरी कार चोर गिरोह गिरफ्तार: थार, क्रेटा, ईकोस्पोर्ट बरामद, अब तक 60 गाड़ियाँ बेचने का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना सेक्टर-58 पुलिस ने 19 जून 2025 को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के ज़रिए एक सक्रिय अंतरराज्यीय लग्जरी वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया और उसके दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। सेक्टर-54 स्थित खरगोश पार्क के पास से पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से तीन चोरी की लग्जरी कारें बरामद की गई हैं। एक आरोपी के पास से .315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी मिला है।
गिरफ्तार आरोपी और बरामद वाहन
पुलिस ने नीरज शर्मा (निवासी: उधम सिंह नगर, उत्तराखंड) और अजय सरकार (निवासी: कूचबिहार, पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया। दोनों पर पहले से वाहन चोरी और अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। नीरज शर्मा के खिलाफ दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट तथा अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
बरामद वाहनों में शामिल हैं — महिंद्रा थार (सेक्टर-59 के एक शोरूम के बाहर से चोरी), हुंडई क्रेटा (वर्ष 2023 में दिल्ली से चोरी, दिल्ली के ई-पुलिस स्टेशन एमवी थेफ्ट में मुकदमा दर्ज), और फोर्ड ईकोस्पोर्ट (दिल्ली से चोरी)। उल्लेखनीय है कि थार की चोरी के मात्र 24 घंटे के भीतर पुलिस ने वाहन बरामद कर लिया।
गिरोह का तरीकाकार
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे वाहन सर्विस सेंटरों और शोरूमों के बाहर रेकी करते थे। मौका मिलने पर गार्ड रूम या अन्य स्थानों से चाबियाँ चुराकर लग्जरी गाड़ियाँ लेकर फरार हो जाते थे। इसके बाद वाहनों के इंजन और चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ कर उनकी पहचान बदल दी जाती थी।
पहचान बदलने के बाद ये वाहन असम बॉर्डर के रास्ते मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में बेचे जाते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अब तक इस नेटवर्क के ज़रिए लगभग 60 चोरी के वाहन बेच चुके हैं।
पुलिस की जाँच का दायरा
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों, वाहन खरीदने वाले डीलरों और अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब एनसीआर क्षेत्र में लग्जरी वाहनों की चोरी की घटनाएँ लगातार सुर्खियाँ बन रही हैं।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपी पहले से कई मामलों में वांछित थे। नीरज शर्मा के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं, जबकि अजय सरकार पर भी वाहन चोरी के पुराने मुकदमे हैं। गौरतलब है कि दोनों अलग-अलग राज्यों से होने के बावजूद एक संगठित नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे।
जाँच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और सदस्यों की गिरफ्तारी हो सकती है।