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नोएडा में अंतरराज्यीय लग्जरी कार चोर गिरोह गिरफ्तार: थार, क्रेटा, ईकोस्पोर्ट बरामद, अब तक 60 गाड़ियाँ बेचने का खुलासा

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नोएडा में अंतरराज्यीय लग्जरी कार चोर गिरोह गिरफ्तार: थार, क्रेटा, ईकोस्पोर्ट बरामद, अब तक 60 गाड़ियाँ बेचने का खुलासा

सारांश

नोएडा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक बड़े अंतरराज्यीय लग्जरी वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया। दो आरोपी गिरफ्तार, तीन कारें बरामद और करीब 60 गाड़ियाँ पूर्वोत्तर में बेचने का खुलासा — यह मामला एनसीआर से लेकर असम बॉर्डर तक फैले संगठित अपराध नेटवर्क की परतें उघाड़ता है।

मुख्य बातें

नोएडा थाना सेक्टर-58 पुलिस ने 19 जून 2025 को अंतरराज्यीय लग्जरी वाहन चोर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी नीरज शर्मा (उत्तराखंड) और अजय सरकार (पश्चिम बंगाल) हैं; दोनों पर पहले से आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
महिंद्रा थार, हुंडई क्रेटा और फोर्ड ईकोस्पोर्ट — तीन चोरी की लग्जरी कारें बरामद; थार की बरामदगी 24 घंटे में हुई।
नीरज शर्मा के पास से .315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस मिला।
आरोपियों ने वाहनों के इंजन व चेसिस नंबर बदलकर उन्हें असम बॉर्डर के रास्ते मिजोरम और त्रिपुरा में बेचने की बात कबूली।
पूछताछ में खुलासा — गिरोह अब तक करीब 60 चोरी के वाहन बेच चुका है।

नोएडा के थाना सेक्टर-58 पुलिस ने 19 जून 2025 को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के ज़रिए एक सक्रिय अंतरराज्यीय लग्जरी वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया और उसके दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। सेक्टर-54 स्थित खरगोश पार्क के पास से पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से तीन चोरी की लग्जरी कारें बरामद की गई हैं। एक आरोपी के पास से .315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी मिला है।

गिरफ्तार आरोपी और बरामद वाहन

पुलिस ने नीरज शर्मा (निवासी: उधम सिंह नगर, उत्तराखंड) और अजय सरकार (निवासी: कूचबिहार, पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया। दोनों पर पहले से वाहन चोरी और अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। नीरज शर्मा के खिलाफ दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट तथा अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

बरामद वाहनों में शामिल हैं — महिंद्रा थार (सेक्टर-59 के एक शोरूम के बाहर से चोरी), हुंडई क्रेटा (वर्ष 2023 में दिल्ली से चोरी, दिल्ली के ई-पुलिस स्टेशन एमवी थेफ्ट में मुकदमा दर्ज), और फोर्ड ईकोस्पोर्ट (दिल्ली से चोरी)। उल्लेखनीय है कि थार की चोरी के मात्र 24 घंटे के भीतर पुलिस ने वाहन बरामद कर लिया।

गिरोह का तरीकाकार

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे वाहन सर्विस सेंटरों और शोरूमों के बाहर रेकी करते थे। मौका मिलने पर गार्ड रूम या अन्य स्थानों से चाबियाँ चुराकर लग्जरी गाड़ियाँ लेकर फरार हो जाते थे। इसके बाद वाहनों के इंजन और चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ कर उनकी पहचान बदल दी जाती थी।

पहचान बदलने के बाद ये वाहन असम बॉर्डर के रास्ते मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में बेचे जाते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अब तक इस नेटवर्क के ज़रिए लगभग 60 चोरी के वाहन बेच चुके हैं।

पुलिस की जाँच का दायरा

पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों, वाहन खरीदने वाले डीलरों और अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब एनसीआर क्षेत्र में लग्जरी वाहनों की चोरी की घटनाएँ लगातार सुर्खियाँ बन रही हैं।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपी पहले से कई मामलों में वांछित थे। नीरज शर्मा के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं, जबकि अजय सरकार पर भी वाहन चोरी के पुराने मुकदमे हैं। गौरतलब है कि दोनों अलग-अलग राज्यों से होने के बावजूद एक संगठित नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे।

जाँच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और सदस्यों की गिरफ्तारी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राज्य सीमाओं की जटिलता का फायदा उठाता है। आरोपियों द्वारा इंजन और चेसिस नंबर बदलने की क्षमता यह संकेत देती है कि इस गिरोह के पास तकनीकी जानकार सदस्य या सहयोगी हैं जो अभी भी पकड़ से बाहर हैं। असली सवाल यह है कि 60 वाहन बेचे जाने के बावजूद यह नेटवर्क इतने लंबे समय तक कैसे सक्रिय रहा — और क्या पूर्वोत्तर राज्यों में वाहन खरीदने वाले डीलरों की भूमिका की जाँच राज्यों की समन्वित कार्रवाई के बिना संभव होगी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में किस लग्जरी कार चोर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?
नोएडा के थाना सेक्टर-58 पुलिस ने 19 जून 2025 को एक अंतरराज्यीय लग्जरी वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया, जो एनसीआर से गाड़ियाँ चुराकर पूर्वोत्तर राज्यों में बेचता था। गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और तीन चोरी की कारें बरामद की गईं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनका तरीका क्या था?
गिरफ्तार आरोपी नीरज शर्मा (उधम सिंह नगर, उत्तराखंड) और अजय सरकार (कूचबिहार, पश्चिम बंगाल) हैं। ये दोनों शोरूम और सर्विस सेंटरों के बाहर रेकी कर चाबियाँ चुराते थे, फिर वाहनों के इंजन व चेसिस नंबर बदलकर असम बॉर्डर के रास्ते मिजोरम और त्रिपुरा में बेच देते थे।
बरामद वाहन कहाँ से चोरी हुए थे?
महिंद्रा थार नोएडा के सेक्टर-59 स्थित एक शोरूम के बाहर से चोरी हुई थी। हुंडई क्रेटा और फोर्ड ईकोस्पोर्ट दोनों दिल्ली से चोरी की गई थीं — क्रेटा वर्ष 2023 में, जिसके संबंध में दिल्ली के ई-पुलिस स्टेशन एमवी थेफ्ट में मुकदमा दर्ज है।
इस गिरोह ने अब तक कितनी गाड़ियाँ बेची हैं?
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अब तक करीब 60 चोरी के वाहन अंतरराज्यीय नेटवर्क के माध्यम से बेच चुके हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और वाहन खरीदने वाले डीलरों की तलाश कर रही है।
क्या आरोपियों के पास हथियार भी मिले?
हाँ, गिरफ्तार आरोपी नीरज शर्मा के पास से .315 बोर का एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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