अनाहत सिंह और लवलीना बोरगोहेन से मिले दिल्ली खेल मंत्री आशीष सूद, खेल अवसंरचना पर हुई अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार, 4 अगस्त को विश्व जूनियर गर्ल्स स्क्वैश चैंपियन अनाहत सिंह और राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन से मुलाकात की। इस बैठक में दिल्ली में खेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण और युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
अनाहत सिंह से बैठक: स्क्वैश को जमीनी स्तर तक पहुँचाने की पहल
मंत्री आशीष सूद ने सबसे पहले अनाहत सिंह से भेंट की, जिन्होंने हाल ही में विश्व जूनियर गर्ल्स स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। अनाहत एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
बैठक के दौरान अनाहत सिंह ने दिल्ली के युवाओं के बीच स्क्वैश को अधिक लोकप्रिय और सुलभ बनाने से जुड़े अपने सुझाव साझा किए। उन्होंने जमीनी स्तर पर सुविधाओं की कमी और खेल के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया।
आशीष सूद ने आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार स्क्वैश के जमीनी विकास, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए हरसंभव सहयोग देगी।
लवलीना बोरगोहेन से मुलाकात: मुक्केबाजी प्रशिक्षण केंद्रों पर फोकस
इसके बाद मंत्री ने ओलंपिक कांस्य पदक विजेता एवं विश्व चैंपियन मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन से भी भेंट की। मूल रूप से असम की रहने वाली लवलीना अब नई दिल्ली में रह रही हैं और उन्होंने हाल ही में ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
लवलीना ने बैठक में दिल्ली में मुक्केबाजी प्रतिभाओं को निखारने की इच्छा व्यक्त की और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास के लिए सरकारी सहयोग का अनुरोध किया।
सरकार की प्रतिक्रिया: खिलाड़ियों के साथ विचार-विमर्श का वादा
आशीष सूद ने दोनों खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार सक्रिय एवं पूर्व खिलाड़ियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन चर्चाओं के आधार पर खेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण केंद्रों को सुदृढ़ करने और राजधानी में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली में खेल प्रतिभाओं को सरकारी समर्थन और बेहतर ढाँचागत सुविधाओं की माँग लंबे समय से उठ रही है।
आगे की राह
दोनों खिलाड़ियों के सुझावों को नीतिगत प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही गई है। आशीष सूद ने विश्वास व्यक्त किया कि अनाहत सिंह और लवलीना बोरगोहेन आने वाले वर्षों में भी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ हासिल करती रहेंगी और दिल्ली की खेल नीति को आकार देने में सहयोगी भूमिका निभाएंगी।