21 जुलाई 2026
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बांकीपुर उपचुनाव: भाजपा ने चुनाव आयोग में प्रशांत किशोर पर ₹40 लाख खर्च सीमा उल्लंघन की शिकायत दर्ज की

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बांकीपुर उपचुनाव: भाजपा ने चुनाव आयोग में प्रशांत किशोर पर ₹40 लाख खर्च सीमा उल्लंघन की शिकायत दर्ज की

सारांश

बिहार भाजपा ने चुनाव आयोग में जन सुराज नेता प्रशांत किशोर पर बांकीपुर उपचुनाव में ₹40 लाख की खर्च सीमा तोड़ने, फर्जी कंपनियों से प्रचार और विदेश से संचालित बॉट नेटवर्क के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया है — साथ में दस्तावेजी साक्ष्य भी सौंपे।

मुख्य बातें

बिहार भाजपा ने 21 जुलाई को पटना में चुनाव आयोग से मुलाकात कर प्रशांत किशोर के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
आरोप है कि प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में निर्धारित ₹40 लाख की चुनावी खर्च सीमा का उल्लंघन किया।
भाजपा ने फर्जी कंपनियों के माध्यम से सोशल मीडिया प्रचार और विदेश से संचालित फर्जी अकाउंट व बॉट नेटवर्क का भी आरोप लगाया।
प्रतिनिधिमंडल में मंत्री मिथिलेश तिवारी , विधायक जीवेश मिश्रा , जनक राम , दानिश इकबाल और राकेश ठाकुर शामिल थे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने दावा किया कि आयोग को दस्तावेजी साक्ष्य सौंपे गए हैं।
भाजपा ने चुनाव आयोग से जनप्रतिनिधित्व कानून के कथित उल्लंघन पर निष्पक्ष जाँच और सख्त कार्रवाई की माँग की।

बिहार भाजपा के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार, 21 जुलाई को पटना में चुनाव आयोग (ECI) के अधिकारियों से मुलाकात कर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर पर तीन गंभीर आरोप लगाए — निर्धारित ₹40 लाख की चुनावी खर्च सीमा का उल्लंघन, फर्जी कंपनियों के माध्यम से प्रचार पर धन व्यय, और सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट व बॉट नेटवर्क के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और दस्तावेजी साक्ष्य भी उपलब्ध कराए।

प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे

चुनाव आयोग से मिलने वाले भाजपा प्रतिनिधिमंडल में बिहार सरकार के मंत्री मिथिलेश तिवारी, विधायक जीवेश मिश्रा, विधान परिषद के मुख्य सचेतक जनक राम, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल तथा चुनाव आयोग सेल के संयोजक राकेश ठाकुर शामिल थे। यह प्रतिनिधिमंडल बांकीपुर उपचुनाव में कथित अनियमितताओं की शिकायत लेकर आयोग पहुँचा।

भाजपा के मुख्य आरोप

चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में ₹40 लाख की निर्धारित चुनावी व्यय सीमा से कहीं अधिक खर्च किया है। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन सभी उम्मीदवारों के लिए समान रूप से अनिवार्य है।'

हुसैन ने आगे आरोप लगाया कि चुनावी खर्च को छिपाने के लिए अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। उनके अनुसार, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर इन्फ्लुएंसर्स को भुगतान किया जा रहा है और कृत्रिम तरीके से चुनावी माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कई कंपनियों के नाम का उल्लेख करते हुए इनकी जाँच की माँग की।

विदेश से संचालित अकाउंट का आरोप

बिहार सरकार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को ऐसे कई सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी दी है, जिनकी लोकेशन देश के बाहर की है। उन्होंने कहा कि विदेश से संचालित इन अकाउंट के जरिए बिहार के राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने और नेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियाँ प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने आयोग से इस मामले में सख्त कार्रवाई की माँग की।

पूर्व मंत्री एवं विधायक जीवेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग को चुनावी खर्च और कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए हैं।

भाजपा की माँग और आगे का रास्ता

विधान परिषद के मुख्य सचेतक जनक राम ने दावा किया कि बांकीपुर की जनता विकास और सुशासन के साथ है तथा भ्रामक प्रचार से प्रभावित नहीं होगी। भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कर चुनावी आचार संहिता और जनप्रतिनिधित्व कानून के कथित उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई करने की माँग की है। यह ऐसे समय में आया है जब बांकीपुर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है और जन सुराज पार्टी बिहार की राजनीति में अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ डिजिटल प्रचार की निगरानी के लिए स्पष्ट ढाँचा नहीं है। विदेशी लोकेशन वाले अकाउंट का आरोप, यदि सत्यापित हो, तो यह केवल चुनावी नहीं बल्कि साइबर सुरक्षा का भी मामला बनता है। दूसरी ओर, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी एक नई राजनीतिक शक्ति है जिस पर स्थापित दलों की निगाह स्वाभाविक रूप से तीखी रहेगी — इसलिए इस शिकायत को उस राजनीतिक संदर्भ से अलग करके नहीं देखा जा सकता।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा ने प्रशांत किशोर पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा ने तीन मुख्य आरोप लगाए हैं — निर्धारित ₹40 लाख की चुनावी खर्च सीमा का उल्लंघन, फर्जी कंपनियों के माध्यम से सोशल मीडिया प्रचार पर धन व्यय, और विदेश से संचालित फर्जी अकाउंट व बॉट नेटवर्क के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास। पार्टी का दावा है कि इन आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य चुनाव आयोग को सौंपे गए हैं।
बांकीपुर उपचुनाव में चुनावी खर्च की निर्धारित सीमा कितनी है?
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित खर्च सीमा ₹40 लाख है। भाजपा का आरोप है कि प्रशांत किशोर ने इस सीमा से कहीं अधिक खर्च किया है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी क्या है?
जन सुराज, चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की राजनीतिक पार्टी है, जो बिहार की राजनीति में एक नई शक्ति के रूप में उभर रही है। बांकीपुर उपचुनाव में पार्टी की सक्रिय भागीदारी ने स्थापित दलों का ध्यान खींचा है।
भाजपा ने चुनाव आयोग से क्या माँग की है?
भाजपा ने चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और चुनावी आचार संहिता तथा जनप्रतिनिधित्व कानून के कथित उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई करने की माँग की है। मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विशेष रूप से विदेश से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट के मामले में सख्त कदम उठाने की अपील की।
क्या प्रशांत किशोर ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर या जन सुराज पार्टी की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चुनाव आयोग की जाँच के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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