7 अगस्त 2026
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बंगाल चुनाव: मतदान केंद्रों के चारों ओर बांस की बाड़ लगाने का आयोग का निर्देश

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बंगाल चुनाव: मतदान केंद्रों के चारों ओर बांस की बाड़ लगाने का आयोग का निर्देश

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग ने अनधिकृत व्यक्तियों के मतदान केंद्रों में प्रवेश को रोकने के लिए बांस की बाड़ लगाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय सुरक्षा को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

मतदान केंद्रों के चारों ओर बांस की बाड़ लगाने का निर्णय।
अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती।
मतदाताओं को घर-घर जाकर मतदान पर्ची का वितरण।

कोलकाता, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने के लिए बिना चारदीवारी वाले मतदान केंद्रों के चारों ओर अस्थायी बांस की बाड़ लगाने का निर्देश दिया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार, आयोग के प्रतिनिधियों ने जांच के दौरान यह पाया कि कई मतदान केंद्र खुले स्कूल भवनों में स्थित हैं, जिनकी कोई उचित चारदीवारी नहीं है। इससे अनधिकृत व्यक्तियों के लिए मतदान केंद्रों में प्रवेश करना आसान हो जाता है और वहां तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों की निगरानी से बचना संभव हो जाता है।

सीईओ कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा, "दूरदराज के वन क्षेत्रों में स्थित कुछ खुले मतदान केंद्र घने जंगलों या झाड़ियों से घिरे हुए हैं, जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से इन्हें और अधिक असुरक्षित बनाते हैं। इसलिए, आयोग ने निर्णय लिया है कि ऐसे मतदान केंद्रों के चारों ओर बांस की बाड़ लगाई जाएगी।"

इन मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति बांस की बाड़ पर चढ़कर मतदान केंद्र में प्रवेश न कर सके।

इस बार आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को मतदाताओं के घर-घर जाकर उन्हें मतदान पर्ची वितरित करनी होगी, जैसे कि उन्होंने राज्य में हाल ही में संपन्न विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के दौरान जनगणना प्रपत्र वितरित किए थे।

आयोग ने बीएलओ को कड़ी चेतावनी दी है कि किसी भी परिस्थिति में उन्हें मतदान पर्चियों का वितरण किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों को नहीं सौंपना चाहिए।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने सेक्टर अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों और अन्य मतदान अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।

इन अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी मतदान दल के प्रतिनिधियों, जिसमें मतदान एजेंट भी शामिल हैं, से किसी भी प्रकार की सहायता न मांगें और न ही स्वीकार करें।

उन्हें यह भी सलाह दी गई है कि किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए भोजन, पानी या अन्य सामग्री को स्वीकार न करें। इसके बजाय, मतदान अधिकारियों को चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर ही निर्भर रहने की सलाह दी गई है।

पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में मतदान २३ अप्रैल और २९ अप्रैल को होगा। परिणाम ४ मई को घोषित किए जाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांस की बाड़ लगाने का निर्णय क्यों लिया गया?
अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने और मतदान केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए।
मतदान के लिए कब की तिथियां हैं?
मतदान २३ अप्रैल और २९ अप्रैल को होगा।
बीएलओ को क्या निर्देश दिए गए हैं?
मतदाताओं को घर-घर जाकर मतदान पर्ची वितरित करने का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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