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क्या लंबे औपनिवेशिक शासन के बावजूद भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है?

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क्या लंबे औपनिवेशिक शासन के बावजूद भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है?

सारांश

भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर 'हरियाणा यूथ डायलॉग' में चर्चा। क्या हम औपनिवेशिक इतिहास से आगे बढ़ चुके हैं? जानिए हरविंदर कल्याण के विचार।

मुख्य बातें

भारत का लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा है।
संविधान की शक्ति लोकतंत्र की नींव है।
युवाओं को राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए।
महिलाओं को सशक्त बनाना आवश्यक है।
विविधता में एकता का मूल्य समझना चाहिए।

चंडीगढ़, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 'हरियाणा यूथ डायलॉग' का दूसरा संस्करण शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा में आरंभ हुआ, जिसमें 13 राज्यों से 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

राजधानी युवा संसद संस्थान के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने दीप प्रज्वलित करके किया।

इस अवसर पर अध्यक्ष कल्याण ने कहा कि भारत ने औपनिवेशिक शासन के एक लंबे और कठिन दौर को सहा है, जिस दौरान हमारी समृद्ध संस्कृति और मूल्यों को नष्ट करने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद, आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। यह हमारे संविधान की शक्ति और हमारे नागरिकों की एकता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि संविधान हमें यह सिखाता है कि भारत की असली ताकत उसके जनमानस में निहित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।

अध्यक्ष ने बताया कि भारत विविधता का देश है। यहां विभिन्न भाषाएं, परंपराएं और संस्कृतियां हैं, लेकिन इनका एक ही लक्ष्य है: राष्ट्र और राज्य की प्रगति। विभिन्न राज्य विधानसभाओं की भाषाएं भले ही भिन्न हों, लेकिन सभी जन प्रतिनिधियों का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रभावी और कल्याणकारी कार्यक्रम बनाना है।

उन्होंने कहा कि जनता की कठिनाइयों को दूर करना और उनकी जरूरतों को पूरा करना ही सच्चा लक्ष्य है।

अध्यक्ष ने युवाओं से कहा कि आज वे उसी विधानसभा भवन में हैं जहां से राज्य के कई प्रमुख विधायकों और नेताओं ने कानून निर्माण और हरियाणा के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि यहां उपस्थित युवा भविष्य में जन प्रतिनिधि बनने के अवसर मिलने पर लोकतांत्रिक परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे और सदन में सक्रिय एवं सार्थक चर्चाओं में भाग लेंगे।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की विविधता स्वाभाविक है, लेकिन युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ समाधानों की ओर बढ़ना चाहिए जिससे समाज और देश को एक नई दिशा मिल सके।

अध्यक्ष ने कहा कि यदि देश को प्रगति करनी है, तो महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला एक ऐतिहासिक विधेयक पारित किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा यूथ डायलॉग का उद्देश्य क्या है?
यह कार्यक्रम युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल करने और उनके विचारों को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य रखता है।
इस कार्यक्रम में कितने राज्यों के प्रतिभागी शामिल हुए?
इस कार्यक्रम में 13 राज्यों के 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
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