भारत-यूएई जेसीसीए की 7वीं बैठक नई दिल्ली में संपन्न, 45 लाख प्रवासी भारतीयों के कल्याण और डिजिलॉकर सत्यापन पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच संयुक्त कांसुलर मामलों की समिति (जेसीसीए) की 7वीं बैठक 22 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें यूएई में बसे लगभग 45 लाख भारतीय प्रवासियों के कल्याण, वीजा प्रक्रियाओं और दस्तावेज सत्यापन को सुगम बनाने पर केंद्रित विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन और यूएई विदेश मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी उमर ओबैद मोहम्मद अल हसन अलशम्सी ने की।
बैठक में क्या-क्या हुआ
विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने कांसुलर मामलों, श्रम एवं आवागमन (मोबिलिटी) से जुड़े मुद्दों, वीजा केंद्रों की कार्यप्रणाली, कानूनी सहयोग और दोनों देशों में निवास कर रहे नागरिकों के कल्याण पर गहन विचार-विमर्श किया। जेसीसीए बैठक से पूर्व तकनीकी स्तर पर प्रत्यर्पण और पारस्परिक कानूनी सहायता के विषयों पर भी अलग से चर्चा की गई।
दोनों पक्षों ने नवंबर 2025 में अबू धाबी में आयोजित पिछली जेसीसीए बैठक के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की और आगे के लिए मासिक समीक्षा व्यवस्था जारी रखने तथा आवश्यकतानुसार तकनीकी बैठकें बुलाने पर सहमति जताई।
डिजिलॉकर एकीकरण: भारतीय पेशेवरों को बड़ी राहत
बैठक की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि भारत के डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म को यूएई के संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए एक अलग तकनीकी बैठक आयोजित की गई। इस एकीकरण का उद्देश्य यूएई में कार्यरत भारतीय पेशेवरों की शैक्षणिक डिग्री और अन्य दस्तावेजों का आसान एवं सुरक्षित सत्यापन सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम रोजगार और शिक्षा के अवसरों को सुगम बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
भारत-यूएई संबंधों की मजबूत नींव
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और यूएई के द्विपक्षीय संबंध आर्थिक, राजनीतिक, रक्षा, प्रौद्योगिकी, सांस्कृतिक और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगाढ़ हो रहे हैं। दोनों देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के नेतृत्व में द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की सराहना की। गौरतलब है कि यूएई में बसा लगभग 45 लाख भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के जुड़ाव की सबसे मजबूत कड़ी है।
भारत ने यूएई नेतृत्व और वहाँ के अधिकारियों द्वारा प्रवासी भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए दिए जा रहे सहयोग की सराहना की। दोनों देशों ने एक-दूसरे के देशों में निवास कर रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
आगे की राह
बैठक में निर्णय लिया गया कि जेसीसीए की अगली बैठक अबू धाबी में पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तारीखों पर आयोजित की जाएगी। कांसुलर, वीजा और कानूनी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने के लिए नए कदम उठाने पर भी दोनों पक्षों की सहमति बनी। यह बैठक भारत-यूएई के बीच संस्थागत संवाद को निरंतर मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।