तेलंगाना: भट्टी विक्रमार्क ने एससी-एसटी सब-प्लान निधियों के उपयोग की समीक्षा की, पात्र परिवारों तक लाभ पहुँचाने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने 29 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए एससी/एसटी सब-प्लान निधियों का त्वरित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना प्राथमिकता है।
बैठक में क्या हुआ
इस समीक्षा बैठक में समाज कल्याण विकास मंत्री अडलूरी लक्ष्मण भी उपस्थित रहे। बैठक में कृषि, ऊर्जा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पंचायत राज, ग्रामीण विकास और नगर प्रशासन विभागों द्वारा एससी/एसटी सब-प्लान निधियों के उपयोग की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी विभागों में समन्वित कार्यशैली अपनाने और फंड के उपयोग में गति लाने के निर्देश दिए गए।
कृषि क्षेत्र में विशेष ध्यान
उपमुख्यमंत्री ने रायथु भरोसा, रियायती बीज वितरण और कृषि मशीनीकरण जैसी योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि कृषि भूमि रखने वाले एससी-एसटी किसानों तक पहुँच रहे लाभों का व्यापक आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि भूमि स्वामित्व आधारित पात्रता शर्तों के कारण विशेष विकास निधियों के उपयोग में कोई अंतर आ रहा है, तो उसकी पहचान की जाए और सामान्य योजनाओं तथा एससी-एसटी किसानों को मिले लाभों की तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार की जाए। जहाँ मौजूदा दिशा-निर्देश निधि के पूर्ण उपयोग में बाधा बन रहे हों, वहाँ वैकल्पिक योजनाएँ तैयार करने का भी सुझाव दिया गया।
डिजिटल रिकॉर्ड और मॉनिटरिंग व्यवस्था
भट्टी विक्रमार्क ने सभी विभागों को गांववार और श्रेणीवार लाभार्थियों का विवरण तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के नाम, गांव, सामाजिक श्रेणी और प्राप्त सहायता का विवरण एकत्रित कर डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाए, साथ ही फंड उपयोग की निगरानी के लिए स्थायी मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की जाए। यह कदम योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भूमि और आवास: 1,300 एकड़ खाली भूमि का उपयोग
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिला कलेक्टरों से प्राप्त आँकड़ों के अनुसार राज्य में लगभग 1,300 एकड़ खाली भूमि उपलब्ध है। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार इस भूमि के उपयोग की संभावनाएँ तलाशने और आवश्यक मंजूरियाँ शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने उन पात्र परिवारों के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्तावों की भी समीक्षा करने को कहा जिनके पास मकान बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है।
बुनियादी ढाँचा, बिजली और स्वास्थ्य सेवाएँ
मंत्री अडलूरी लक्ष्मण ने एससी-एसटी बस्तियों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने का सुझाव दिया और बिजली के खंभे लगाने तथा विद्युत वायरिंग के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने की बात कही। उन्होंने आदिवासी और एजेंसी क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार करने का सुझाव दिया। दूरदराज के इलाकों में डॉक्टरों और जरूरी दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने तथा आपातकालीन चिकित्सा सहायता समय पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने बैठक के समापन में कहा कि एससी-एसटी समुदायों के लिए बुनियादी ढाँचे, बिजली, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं का समग्र विस्तार इन वर्गों की आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा। आने वाले समय में इन निर्देशों के क्रियान्वयन की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी।