राम मंदिर दानपात्र घोटाले पर BJP विधायक संजय उपाध्याय बोले — भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 27 जून को मुंबई में राम मंदिर के दानपात्र में हुई कथित अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों के विरुद्ध वसूली और कड़ी कार्रवाई दोनों सुनिश्चित की जाएगी।
राम मंदिर दानपात्र घोटाला: उपाध्याय का सख्त संदेश
उपाध्याय ने कहा, 'अगर राम मंदिर के चढ़ावे में भ्रष्टाचार करने वाले के खिलाफ वसूली भी होगी और कार्रवाई भी होगी। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े दान-संग्रह में कथित अनियमितताओं की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज़ हो गई है।
शिवसेना (यूबीटी) की 'दुर्गति' पर निशाना
विधायक उपाध्याय ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की मौजूदा स्थिति पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब पार्टी को आत्मचिंतन करना चाहिए था, तब उसने न तो आत्ममंथन किया और न ही अपने व्यवहार में कोई बदलाव लाया। उनके अनुसार, पार्टी के सांसद और विधायक जनता की जवाबदेही से दूर रहते हैं।
उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता संजय राउत को पार्टी की 'दुर्दशा' का प्रमुख कारण बताया। उपाध्याय ने कहा, 'जिस राजनीतिक दल को संजय राउत जैसा प्रवक्ता मिले, उसे दुश्मन की कोई आवश्यकता नहीं है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पार्टी के 6 सांसद पहले ही साथ छोड़ चुके हैं और अब 14 विधायकों के भी अलग होने की संभावना जताई जा रही है, जिसे उन्होंने पार्टी नेतृत्व के लिए 'गंभीर चिंता का विषय' बताया। गौरतलब है कि सत्ता में रहते हुए किसी मुख्यमंत्री के मंत्री और सहयोगी इस तरह साथ छोड़ें, यह राजनीतिक इतिहास में असामान्य घटना मानी जाती है।
समान नागरिक संहिता पर BJP का पुराना और दृढ़ रुख
उपाध्याय ने समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर भी अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जनसंघ के ज़माने से लेकर आज तक BJP हमेशा यूसीसी की पैरोकार रही है और पूरे देश में इसे लागू करने की माँग करती आई है।
उन्होंने बताया कि BJP शासित कई राज्यों में यूसीसी को लागू किया जा चुका है और महाराष्ट्र विधानसभा में भी इस पर चर्चा हो चुकी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ भी इस दिशा में प्रतिबद्धता जताई गई है और वे इसे अपने राज्य में लागू करना चाहते हैं।
आगे क्या
राम मंदिर दानपात्र में कथित अनियमितताओं की जाँच की माँग अब राजनीतिक दबाव का रूप लेती दिख रही है। BJP विधायक उपाध्याय के इस बयान के बाद सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि संबंधित अधिकारी कब और किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं।