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बिहार शराबबंदी के 10 साल: कटिहार में कोसी किनारे खुलेआम देशी शराब की बिक्री, वीडियो वायरल

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बिहार शराबबंदी के 10 साल: कटिहार में कोसी किनारे खुलेआम देशी शराब की बिक्री, वीडियो वायरल

सारांश

बिहार में शराबबंदी के 10 साल बाद भी कटिहार में कोसी नदी किनारे खुलेआम देशी शराब बिकने का वीडियो वायरल हुआ है। युवाओं के नशे की चपेट में आने और नदी किनारे हादसे की आशंका के बीच उत्पाद अधीक्षक ने 2-3 दिन में छापेमारी का वादा किया है।

मुख्य बातें

कटिहार जिले में कोसी नदी किनारे और कोसी बांध के पास खुलेआम देशी शराब की बिक्री का वीडियो 6 जून 2026 को वायरल हुआ।
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुए करीब 10 वर्ष बीत चुके हैं, फिर भी यह अवैध कारोबार स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से जारी है।
बड़ी संख्या में युवा इस नशे की चपेट में आ रहे हैं; नदी किनारे समय बिताने से बड़े हादसे की आशंका।
उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार सिंह ने 2-3 दिनों के भीतर टीम भेजकर जाँच और गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
जिला प्रशासन और पुलिस की निष्क्रियता पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुए करीब 10 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन कटिहार जिले से सामने आए वायरल वीडियो ने इस नीति की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोसी नदी के किनारे और कोसी बांध के सार्वजनिक क्षेत्र में खुलेआम देशी शराब की बिक्री और सेवन का यह मामला 6 जून 2026 को सामने आया। राज्य सरकार जिस शराबबंदी को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनाती है, उस पर यह तस्वीरें तीखा सवाल उठाती हैं।

वायरल वीडियो में क्या दिखा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कोसी नदी के किनारे नियमित रूप से देशी शराब की अवैध मंडी सजती है। बड़ी संख्या में लोग वहाँ पहुँचकर शराब खरीदते और उसका सेवन करते दिखाई देते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह अवैध कारोबार लंबे समय से बिना किसी रोक-टोक के जारी है।

युवाओं पर असर और सुरक्षा का खतरा

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस नशे की चपेट में बड़ी संख्या में युवा भी आ रहे हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, शराब पीने के बाद कई युवक कोसी नदी के पानी के किनारे समय बिताते हैं, जिससे किसी भी क्षण बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।

प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल

कोसी बांध जैसे खुले सार्वजनिक स्थल पर खुलेआम शराब बिकने के आरोपों ने जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठाए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि इतने लंबे समय तक यह अवैध गतिविधि चलती रही और प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ी — क्या यह महज लापरवाही है या कुछ और। गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी उल्लंघन पर कड़े कानूनी प्रावधान हैं, फिर भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं।

उत्पाद अधीक्षक की प्रतिक्रिया

कटिहार के उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार सिंह ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सामाजिक और नैतिक — दोनों ही दृष्टिकोण से गलत है। उन्होंने कहा, 'आज इस मामले की जानकारी मिली है। हम तुरंत कार्रवाई करेंगे। अगले दो-तीन दिनों के भीतर टीम भेजकर वहाँ जाँच कराई जाएगी और अभियान चलाया जाएगा। जो लोग शराब बेचने में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। हमारी कोशिश रहेगी कि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।'

आगे क्या होगा

उत्पाद विभाग की टीम अगले दो-तीन दिनों में कोसी नदी किनारे छापेमारी अभियान चलाएगी। यह मामला बिहार की शराबबंदी नीति के क्रियान्वयन की खामियों को एक बार फिर उजागर करता है — और यह सवाल उठाता है कि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर इस नीति को कितनी प्रभावी ढंग से लागू कर पा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार की शराबबंदी नीति की उस पुरानी खामी का नया चेहरा है जिसमें कानून कागज पर सख्त है, लेकिन जमीन पर लागू करने की इच्छाशक्ति कमजोर दिखती है। उत्पाद अधीक्षक का 'दो-तीन दिन में कार्रवाई' का बयान खुद स्वीकार करता है कि यह सूचना उन्हें पहले नहीं थी — जबकि स्थानीय लोग इसे 'लंबे समय से जारी' बता रहे हैं। असली सवाल यह है कि जब सार्वजनिक स्थल पर खुलेआम अवैध बाज़ार सज रहा हो, तो स्थानीय पुलिस और उत्पाद विभाग की नियमित गश्त कहाँ थी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कटिहार में कोसी नदी किनारे शराब बिक्री का मामला क्या है?
6 जून 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दावा किया गया है कि कटिहार जिले में कोसी नदी किनारे और कोसी बांध के पास खुलेआम देशी शराब की अवैध बिक्री और सेवन हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कारोबार लंबे समय से जारी है।
बिहार में शराबबंदी कब से लागू है?
बिहार में पूर्ण शराबबंदी करीब 10 वर्ष पहले लागू की गई थी। राज्य सरकार इसे अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाती है, हालाँकि समय-समय पर उल्लंघन के मामले सामने आते रहे हैं।
उत्पाद विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करेगा?
कटिहार के उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार सिंह ने कहा है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर टीम भेजकर जाँच और छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। शराब बेचने में शामिल पाए जाने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।
इस मामले से युवाओं और जनसुरक्षा को क्या खतरा है?
स्थानीय लोगों के अनुसार बड़ी संख्या में युवा इस अवैध शराब के सेवन की चपेट में आ रहे हैं। शराब पीने के बाद नदी किनारे समय बिताने से किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
क्या बिहार में शराबबंदी के उल्लंघन के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है?
हाँ, बिहार में शराबबंदी कानून के तहत उल्लंघन पर कड़े दंड का प्रावधान है, जिसमें गिरफ्तारी और जेल शामिल है। इसके बावजूद कटिहार जैसे मामले यह दर्शाते हैं कि जमीनी स्तर पर प्रवर्तन में गंभीर खामियाँ बनी हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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