11 अगस्त 2026
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भाजपा धोखेबाज पार्टी, भगवान राम के यात्रा मार्ग पर हुई हार: सपा सांसद सनातन पांडे

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भाजपा धोखेबाज पार्टी, भगवान राम के यात्रा मार्ग पर हुई हार: सपा सांसद सनातन पांडे

सारांश

सपा सांसद सनातन पांडे ने भाजपा को 'धोखेबाज पार्टी' करार दिया और दावा किया कि 2024 में भगवान राम के यात्रा मार्ग — अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट सहित — की सभी सीटों पर भाजपा को हार मिली। ओम प्रकाश राजभर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सपा को धोखा देकर भाजपा में जाने वालों का अस्तित्व ठोस नहीं है।

मुख्य बातें

सपा सांसद सनातन पांडे ने 20 जून 2026 को लखनऊ में भाजपा को 'धोखा देने वाली पार्टी' बताया।
उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़ सहित भगवान राम के यात्रा मार्ग की सभी सीटों पर भाजपा हारी।
ओम प्रकाश राजभर पर आरोप लगाया कि उन्होंने 2022 में सपा के सहारे छह सीटें जीतकर बाद में भाजपा से हाथ मिला लिया।
पांडे ने सपा को जातिवाद के आरोपों से मुक्त बताते हुए कहा कि पार्टी न टिकट बेचती है, न चंदे की राजनीति करती है।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा की यह आक्रामक बयानबाज़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडे ने 20 जून 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और कहा कि भाजपा एक धोखा देने वाली पार्टी है जिसे जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को उसका उचित जवाब दे दिया है।

भगवान राम के मार्ग पर भाजपा की हार

सनातन पांडे ने कहा कि जिन-जिन स्थानों पर भगवान राम ने विचरण किया, उन सभी जगहों पर भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने अयोध्या, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और चित्रकूट जैसे क्षेत्रों का विशेष रूप से उल्लेख किया। पांडे के अनुसार, भगवान राम के ऐतिहासिक यात्रा मार्ग पर स्थित इन सभी सीटों पर भाजपा की पराजय यह संकेत देती है कि जनता ने पार्टी की नीतियों को अस्वीकार किया।

ओम प्रकाश राजभर पर पलटवार

सपा सांसद ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजभर को 2017 से 2026 तक के राजनीतिक घटनाक्रम पर आत्मचिंतन करना चाहिए। पांडे ने आरोप लगाया कि राजभर ने 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के समर्थन से छह सीटें हासिल कीं और उसके बाद सपा को धोखा देकर भाजपा से हाथ मिला लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं का राजनीतिक अस्तित्व ठोस नहीं है।

सपा की छवि और जातिवाद के आरोपों पर सफाई

सनातन पांडे ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी स्थापना से लेकर अब तक न तो चंदे की राजनीति करती है और न ही टिकट बेचती है। उन्होंने पार्टी को जातिवादी कहे जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सपा सभी वर्गों की पार्टी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ब्राह्मण समुदाय ऐतिहासिक रूप से समाजवादी विचारधारा के करीब रहा है।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और सभी दल अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में लगे हैं। गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था और भाजपा को कई परंपरागत सीटों पर नुकसान उठाना पड़ा था। सनातन पांडे जैसे नेताओं के इस प्रकार के बयान सपा की आक्रामक चुनावी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।

आगे क्या

सपा के इस आक्रामक रुख के बाद भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया की संभावना है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में राम-मंदिर और धार्मिक स्थलों से जुड़े बयान हमेशा से संवेदनशील रहे हैं। आने वाले दिनों में यह बयानबाज़ी और तेज़ होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'भगवान राम के यात्रा मार्ग' की समस्त सीटों पर हार का दावा सत्यापन माँगता है। असली राजनीतिक संदेश यह है कि सपा भाजपा की हिंदुत्व-केंद्रित छवि को उसी की भाषा में चुनौती दे रही है — राम को भाजपा की एकाधिकार संपत्ति मानने से इनकार करते हुए। 2027 से पहले यह बयानबाज़ी सपा की उस रणनीति की झलक है जो धार्मिक प्रतीकों पर भाजपा के एकाधिकार को तोड़ने की कोशिश करती है। ओम प्रकाश राजभर पर हमला यह भी दर्शाता है कि छोटे दलों के साथ गठबंधन-विखंडन उत्तर प्रदेश की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बनता जा रहा है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद सनातन पांडे ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
सनातन पांडे ने भाजपा को 'धोखा देने वाली पार्टी' बताया और कहा कि पार्टी को जनता के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार को जनता का 'माकूल जवाब' करार दिया।
भगवान राम के यात्रा मार्ग पर भाजपा की हार से सनातन पांडे का क्या आशय था?
पांडे ने दावा किया कि अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर और प्रतापगढ़ जैसे क्षेत्र — जो भगवान राम के ऐतिहासिक यात्रा मार्ग से जुड़े हैं — वहाँ 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पराजय का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार यह भाजपा की राम-केंद्रित राजनीति की विफलता का प्रमाण है।
सनातन पांडे ने ओम प्रकाश राजभर पर क्या आरोप लगाए?
पांडे ने आरोप लगाया कि राजभर ने 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के समर्थन से छह सीटें जीतीं और बाद में सपा को धोखा देकर भाजपा से हाथ मिला लिया। उन्होंने राजभर को 2017 से 2026 तक के राजनीतिक घटनाक्रम पर आत्मचिंतन करने की सलाह दी।
सपा ने जातिवाद के आरोपों पर क्या कहा?
सनातन पांडे ने स्पष्ट किया कि सपा जातिवादी पार्टी नहीं है और अपनी स्थापना से अब तक न चंदे की राजनीति करती है, न टिकट बेचती है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्राह्मण समुदाय ऐतिहासिक रूप से समाजवादी विचारधारा के निकट रहा है।
यह बयान 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव के संदर्भ में कितना अहम है?
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की यह आक्रामक रणनीति भाजपा की धार्मिक-राजनीतिक छवि को सीधे चुनौती देती है। राम-मंदिर और धार्मिक प्रतीकों पर भाजपा के एकाधिकार को तोड़ने की यह कोशिश उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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