भाजपा धोखेबाज पार्टी, भगवान राम के यात्रा मार्ग पर हुई हार: सपा सांसद सनातन पांडे
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडे ने 20 जून 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और कहा कि भाजपा एक धोखा देने वाली पार्टी है जिसे जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को उसका उचित जवाब दे दिया है।
भगवान राम के मार्ग पर भाजपा की हार
सनातन पांडे ने कहा कि जिन-जिन स्थानों पर भगवान राम ने विचरण किया, उन सभी जगहों पर भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने अयोध्या, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और चित्रकूट जैसे क्षेत्रों का विशेष रूप से उल्लेख किया। पांडे के अनुसार, भगवान राम के ऐतिहासिक यात्रा मार्ग पर स्थित इन सभी सीटों पर भाजपा की पराजय यह संकेत देती है कि जनता ने पार्टी की नीतियों को अस्वीकार किया।
ओम प्रकाश राजभर पर पलटवार
सपा सांसद ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजभर को 2017 से 2026 तक के राजनीतिक घटनाक्रम पर आत्मचिंतन करना चाहिए। पांडे ने आरोप लगाया कि राजभर ने 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के समर्थन से छह सीटें हासिल कीं और उसके बाद सपा को धोखा देकर भाजपा से हाथ मिला लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं का राजनीतिक अस्तित्व ठोस नहीं है।
सपा की छवि और जातिवाद के आरोपों पर सफाई
सनातन पांडे ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी स्थापना से लेकर अब तक न तो चंदे की राजनीति करती है और न ही टिकट बेचती है। उन्होंने पार्टी को जातिवादी कहे जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सपा सभी वर्गों की पार्टी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ब्राह्मण समुदाय ऐतिहासिक रूप से समाजवादी विचारधारा के करीब रहा है।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और सभी दल अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में लगे हैं। गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था और भाजपा को कई परंपरागत सीटों पर नुकसान उठाना पड़ा था। सनातन पांडे जैसे नेताओं के इस प्रकार के बयान सपा की आक्रामक चुनावी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
आगे क्या
सपा के इस आक्रामक रुख के बाद भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया की संभावना है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में राम-मंदिर और धार्मिक स्थलों से जुड़े बयान हमेशा से संवेदनशील रहे हैं। आने वाले दिनों में यह बयानबाज़ी और तेज़ होने के आसार हैं।