22 जुलाई 2026
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नीट विवाद पर कांग्रेस के 'राजनीतिक ड्रामे' के खिलाफ भाजपा का बेंगलुरु में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

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नीट विवाद पर कांग्रेस के 'राजनीतिक ड्रामे' के खिलाफ भाजपा का बेंगलुरु में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

सारांश

भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस पर नीट को लेकर 'राजनीतिक ड्रामा' करने और कर्नाटक के 175 तालुकों में फैले सूखे तथा आरसीबी जश्न में 11 मौतों की अनदेखी का आरोप लगाया। भाजपा बेंगलुरु में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेगी।

मुख्य बातें

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर.
अशोक ने 22 जुलाई को भाजपा के बेंगलुरु में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की घोषणा की।
भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर नीट मुद्दे को लेकर 'राजनीतिक ड्रामा' करने का आरोप लगाया।
कर्नाटक में 175 तालुक सूखे की चपेट में; भाजपा ने प्रत्येक तालुक में ₹20 करोड़ पेयजल कार्यों के लिए आवंटित करने की माँग की।
अशोक ने आरसीबी जश्न के दौरान 11 लोगों की मौत के मामले में जिम्मेदारी तय करने की माँग की।
प्रदर्शन में भाजपा विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे।

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता आर. अशोक ने 22 जुलाई को घोषणा की कि भाजपा बुधवार को बेंगलुरु स्थित कर्नाटक कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर नीट मुद्दे को लेकर 'राजनीतिक ड्रामा' करने का आरोप लगाया, जबकि कर्नाटक में सूखे की गंभीर स्थिति और आरसीबी जश्न के दौरान हुई मौतों जैसे असली मुद्दों की अनदेखी का आरोप भी लगाया।

प्रदर्शन की घोषणा और कारण

मीडिया से बातचीत में अशोक ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व — मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, मंत्री, पूर्व मंत्री और विधायक — नई दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं, जबकि कर्नाटक के बड़े हिस्से में भीषण सूखे की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस संकट से प्रभावी ढंग से नहीं निपट रही।

भाजपा का यह प्रदर्शन कांग्रेस नेतृत्व की कथित विफलताओं और कर्नाटक के मुद्दों की अनदेखी को उजागर करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा। इसमें भाजपा विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे।

सूखे पर भाजपा की माँगें

अशोक ने कहा, 'राज्य का लगभग पूरा हिस्सा सूखे की चपेट में है। अब तक 175 तालुक प्रभावित हो चुके हैं और केवल कुछ ही जिले इससे बचे हैं। लेकिन आज कर्नाटक में सरकार दिखाई नहीं दे रही है।' उन्होंने सरकार से तुरंत सूखा घोषित करने और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र तथा तालुक में पेयजल कार्यों के लिए ₹20-20 करोड़ आवंटित करने की माँग की।

इसके अलावा उन्होंने प्रत्येक तालुक स्तर पर सूखा टास्क फोर्स गठित करने की भी माँग की, ताकि स्थिति की निगरानी और त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।

नीट और राहुल गांधी पर निशाना

नीट विवाद पर दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर अशोक ने कहा, 'कांग्रेस प्रधानमंत्री कार्यालय के पास नीट को लेकर प्रदर्शन कर रही है। यह प्रतिबंधित क्षेत्र है और यह पूरी तरह राजनीतिक प्रदर्शन है।' उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास दिल्ली में प्रदर्शनों में शामिल होने का समय है, लेकिन बेंगलुरु में आरसीबी जश्न के दौरान जान गंवाने वाले 11 निर्दोष लोगों के बारे में बोलने का समय नहीं है।

अशोक ने राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए कहा, 'आपको संसद में बोलने का अधिकार है, लेकिन आपने अपनी जिम्मेदारियाँ निभाने में विफलता दिखाई है। राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने के योग्य नहीं रहे हैं।'

आरसीबी जश्न हादसे पर सवाल

अशोक ने आरसीबी की जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ जैसी घटना का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि क्या इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर

कर्नाटक में सूखे की तैयारियों, नीट विवाद और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सूखे की स्थिति और नीट परीक्षा विवाद दोनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच यह टकराव और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सूखे के उस मुद्दे पर है जो कर्नाटक के 175 तालुकों को प्रभावित कर रहा है और जिस पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया अब तक सुस्त रही है। आरसीबी जश्न में 11 मौतों का मुद्दा उठाकर अशोक ने कांग्रेस को उसी मैदान पर घेरने की कोशिश की है जहाँ वह केंद्र को कटघरे में खड़ा करती है। गौरतलब है कि नीट विवाद मूलतः केंद्र सरकार से जुड़ा है, फिर भी भाजपा ने इसे राज्य कांग्रेस के खिलाफ हथियार बनाया — यह रणनीति कर्नाटक में 2028 के चुनावी समीकरणों की पूर्वपीठिका हो सकती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा बेंगलुरु में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन क्यों कर रही है?
भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस पर नीट मुद्दे को लेकर 'राजनीतिक ड्रामा' करने और कर्नाटक के सूखे व आरसीबी जश्न हादसे जैसे असली मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया है। यह प्रदर्शन कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व की कथित विफलताओं को उजागर करने के लिए किया जा रहा है।
कर्नाटक में सूखे की स्थिति कितनी गंभीर है?
आर. अशोक के अनुसार, कर्नाटक के 175 तालुक सूखे की चपेट में हैं और केवल कुछ ही जिले इससे बचे हैं। भाजपा ने सरकार से तुरंत सूखा घोषित करने और प्रत्येक तालुक में ₹20 करोड़ पेयजल कार्यों के लिए आवंटित करने की माँग की है।
आरसीबी जश्न के दौरान क्या हुआ था जिसका भाजपा ने उल्लेख किया?
बेंगलुरु में आरसीबी की जीत के जश्न के दौरान भगदड़ जैसी घटना में कथित तौर पर 11 लोगों की जान गई थी। अशोक ने आरोप लगाया कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और इसे जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।
भाजपा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
आर. अशोक ने कहा कि राहुल गांधी के पास दिल्ली में नीट प्रदर्शनों में शामिल होने का समय है, लेकिन बेंगलुरु में आरसीबी जश्न के दौरान जान गंवाने वाले 11 लोगों के बारे में बोलने का समय नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने में अयोग्य करार दिया।
भाजपा ने सूखे से निपटने के लिए क्या सुझाव दिए हैं?
भाजपा ने सरकार से तुरंत सूखा घोषित करने, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र और तालुक में पेयजल कार्यों के लिए ₹20-20 करोड़ आवंटित करने और प्रत्येक तालुक स्तर पर सूखा टास्क फोर्स गठित करने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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