4 जुलाई 2026
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रिलायंस कैपिटल के पूर्व CFO अमित बापना CBI की गिरफ्त में, बैंक धोखाधड़ी मामले में 4 दिन की हिरासत

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रिलायंस कैपिटल के पूर्व CFO अमित बापना CBI की गिरफ्त में, बैंक धोखाधड़ी मामले में 4 दिन की हिरासत

सारांश

CBI ने रिलायंस कैपिटल के पूर्व CFO अमित बापना को बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया — वे पहले से ED मामले में तिहाड़ जेल में थे। मुंबई अदालत ने 4 दिन की हिरासत दी। रिलायंस एडीए समूह के खिलाफ 7 FIR, 6 गिरफ्तारियां और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच जारी है।

मुख्य बातें

CBI ने 4 जुलाई को रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व CFO अमित बापना को कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया।
बापना अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल में CFO रहे और वित्तीय निर्णयों में प्रमुख भूमिका निभाते थे।
आरोप है कि RBI दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर मध्यस्थ कंपनियों के जरिए बैंक ऋण रिलायंस एडीए समूह की कंपनियों — रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर , रिलायंस पावर — तक पहुंचाया गया।
बापना पहले से ED मामले में तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में थे; CBI ने प्रोडक्शन वारंट से गिरफ्तारी की।
CBI ने रिलायंस एडीए समूह के खिलाफ अब तक 7 FIR दर्ज की हैं और कुल 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
इन मामलों की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है; जांच जारी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 4 जुलाई को रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित बापना को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। मुंबई की विशेष CBI अदालत ने पूछताछ के लिए बापना को चार दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है।

कौन हैं अमित बापना और क्या है आरोप

CBI के अनुसार, अमित बापना अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड में मुख्य वित्तीय अधिकारी के पद पर रहे और कंपनी के वित्तीय निर्णयों में प्रमुख भूमिका निभाते थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि बापना ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ऋण स्वीकृति शर्तों का उल्लंघन करते हुए जानबूझकर मध्यस्थ और फर्जी कंपनियों को ऋण मंजूर किए और उनकी सुविधा दी।

धन के प्रवाह का आरोप

CBI की जांच में कथित तौर पर यह सामने आया है कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा बैंकों से उधार ली गई राशि को मध्यस्थ कंपनियों के जरिए रिलायंस एडीए समूह की विभिन्न इकाइयों — रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड — तक पहुंचाया गया। इससे ऋण देने वाले बैंकों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचा, जबकि आरोपियों और संबंधित संस्थाओं को अनुचित लाभ मिला।

गिरफ्तारी की प्रक्रिया

गौरतलब है कि बापना पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांचे जा रहे एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में थे और दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे। CBI ने मुंबई की विशेष अदालत से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर उन्हें अदालत में पेश किया और 4 जुलाई को औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की।

व्यापक जांच का दायरा

यह मामला रिलायंस एडीए समूह के खिलाफ चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है। CBI अब तक रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, RCFL और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के खिलाफ विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शिकायतों के आधार पर सात FIR दर्ज कर चुकी है। इन मामलों की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है।

अब तक की कार्रवाई और आगे की राह

CBI ने 29 मई को रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मामले में कंपनी, उसके 5 वरिष्ठ अधिकारियों और 10 बैंक अधिकारियों सहित कुल 16 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की थी। बापना की गिरफ्तारी के साथ रिलायंस एडीए समूह से जुड़े मामलों में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। CBI ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह जांच शीर्ष स्तर तक पहुंचेगी। सात FIR और छह गिरफ्तारियों के बाद भी समूह के प्रमुख अनिल अंबानी पर अभी तक CBI की कोई सीधी कार्रवाई सामने नहीं आई है। सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी इस मामले को राजनीतिक दबाव से परे रखती है, लेकिन इतने बड़े वित्तीय जाल में केवल मध्यम स्तर के अधिकारियों की गिरफ्तारी से न्याय की पूर्णता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित बापना को CBI ने क्यों गिरफ्तार किया?
CBI ने अमित बापना को रिलायंस एडीए समूह से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने CFO रहते हुए RBI दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर मध्यस्थ और फर्जी कंपनियों को ऋण मंजूर किए, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को नुकसान हुआ।
अमित बापना कितने समय तक रिलायंस कैपिटल में CFO रहे?
CBI के अनुसार, अमित बापना अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड में मुख्य वित्तीय अधिकारी के पद पर रहे।
रिलायंस एडीए समूह के खिलाफ CBI ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
CBI ने रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस होम फाइनेंस, RCFL और रिलायंस टेलीकॉम के खिलाफ सात FIR दर्ज की हैं। 29 मई को 16 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की गई और अब तक कुल 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
क्या अमित बापना पहले से किसी मामले में जेल में थे?
हां, अमित बापना प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांचे जा रहे एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे। CBI ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए उन्हें मुंबई की विशेष अदालत में पेश कर औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की।
इन मामलों की निगरानी कौन कर रहा है?
रिलायंस एडीए समूह से जुड़े सभी CBI मामलों की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है। यह निगरानी मामलों की संवेदनशीलता और व्यापक वित्तीय प्रभाव को देखते हुए की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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