रिलायंस कैपिटल के पूर्व CFO अमित बापना CBI की गिरफ्त में, बैंक धोखाधड़ी मामले में 4 दिन की हिरासत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 4 जुलाई को रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित बापना को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। मुंबई की विशेष CBI अदालत ने पूछताछ के लिए बापना को चार दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है।
कौन हैं अमित बापना और क्या है आरोप
CBI के अनुसार, अमित बापना अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड में मुख्य वित्तीय अधिकारी के पद पर रहे और कंपनी के वित्तीय निर्णयों में प्रमुख भूमिका निभाते थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि बापना ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ऋण स्वीकृति शर्तों का उल्लंघन करते हुए जानबूझकर मध्यस्थ और फर्जी कंपनियों को ऋण मंजूर किए और उनकी सुविधा दी।
धन के प्रवाह का आरोप
CBI की जांच में कथित तौर पर यह सामने आया है कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा बैंकों से उधार ली गई राशि को मध्यस्थ कंपनियों के जरिए रिलायंस एडीए समूह की विभिन्न इकाइयों — रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड — तक पहुंचाया गया। इससे ऋण देने वाले बैंकों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचा, जबकि आरोपियों और संबंधित संस्थाओं को अनुचित लाभ मिला।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
गौरतलब है कि बापना पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांचे जा रहे एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में थे और दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे। CBI ने मुंबई की विशेष अदालत से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर उन्हें अदालत में पेश किया और 4 जुलाई को औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की।
व्यापक जांच का दायरा
यह मामला रिलायंस एडीए समूह के खिलाफ चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है। CBI अब तक रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, RCFL और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के खिलाफ विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शिकायतों के आधार पर सात FIR दर्ज कर चुकी है। इन मामलों की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है।
अब तक की कार्रवाई और आगे की राह
CBI ने 29 मई को रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मामले में कंपनी, उसके 5 वरिष्ठ अधिकारियों और 10 बैंक अधिकारियों सहित कुल 16 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की थी। बापना की गिरफ्तारी के साथ रिलायंस एडीए समूह से जुड़े मामलों में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। CBI ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।