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केंद्र ने राज्यों को जारी किए ₹1.09 लाख करोड़, UP को सर्वाधिक ₹19,208 करोड़; कैपेक्स को मिलेगी रफ्तार

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केंद्र ने राज्यों को जारी किए ₹1.09 लाख करोड़, UP को सर्वाधिक ₹19,208 करोड़; कैपेक्स को मिलेगी रफ्तार

सारांश

केंद्र ने 1 अगस्त को राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ की अतिरिक्त कर हस्तांतरण राशि जारी की — नियमित किस्त से अलग। UP को सर्वाधिक ₹19,208 करोड़ मिले। साथ ही Q1 में राजकोषीय घाटा बजट लक्ष्य का 18.2% रहा, पर कर राजस्व 18.5% बढ़कर ₹6.4 लाख करोड़ पहुँचा।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने 1 अगस्त 2026 को राज्यों को ₹1,09,019 करोड़ की अतिरिक्त कर हस्तांतरण राशि जारी की, जो 10 अगस्त की नियमित किस्त से अलग है।
उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक ₹19,208 करोड़ ; इसके बाद बिहार ( ₹10,845 करोड़ ) और मध्य प्रदेश ( ₹8,010 करोड़ ) का स्थान।
इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी ₹1,01,603 करोड़ की अतिरिक्त कर हस्तांतरण राशि जारी की गई थी।
CGA के अनुसार, Q1 2026-27 में राजकोषीय घाटा ₹3.1 लाख करोड़ — बजटीय लक्ष्य का 18.2% , पिछले वर्ष के ₹2.8 लाख करोड़ से अधिक।
शुद्ध कर राजस्व ₹6.4 लाख करोड़ — पिछले वर्ष की तुलना में करीब 18.5% की वृद्धि।
वित्त वर्ष 2027 का कुल राजकोषीय घाटा लक्ष्य ₹16.96 लाख करोड़ — GDP का 4.3% ।

केंद्र सरकार ने 1 अगस्त 2026 को राज्यों को ₹1,09,019 करोड़ की अतिरिक्त कर हस्तांतरण राशि जारी की, जिसका उद्देश्य राज्यों की वित्तीय क्षमता को सुदृढ़ करना और पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) तथा विकास परियोजनाओं को गति देना है। यह राशि 10 अगस्त को जारी होने वाले नियमित मासिक कर हस्तांतरण के अतिरिक्त है और इसे एक असाधारण किस्त के रूप में जारी किया गया है।

किस राज्य को कितना मिला

इस अतिरिक्त हस्तांतरण में उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक ₹19,208 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके बाद बिहार को ₹10,845 करोड़ और मध्य प्रदेश को ₹8,010 करोड़ मिले हैं।

पश्चिम बंगाल को ₹7,866 करोड़, महाराष्ट्र को ₹7,022 करोड़ और राजस्थान को ₹6,460 करोड़ की राशि दी गई है। इसके अलावा ओडिशा को ₹4,819 करोड़, आंध्र प्रदेश को ₹4,597 करोड़, कर्नाटक को ₹4,504 करोड़, तमिलनाडु को ₹4,466 करोड़ और झारखंड को ₹3,660 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई है।

केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता

सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह कदम राज्यों को विकास परियोजनाओं और पूंजीगत निवेश में तेजी लाने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। गौरतलब है कि इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी केंद्र ने ₹1,01,603 करोड़ की अतिरिक्त कर हस्तांतरण राशि जारी की थी, जो त्योहारी सीजन में राज्यों के कैपेक्स और कल्याणकारी योजनाओं को सहारा देने के लिए दी गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के लक्ष्य को साधते हुए विकास व्यय बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

राजकोषीय घाटे की स्थिति

कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स (CGA) के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा ₹3.1 लाख करोड़ रहा, जो पूरे वर्ष के बजटीय लक्ष्य का 18.2 प्रतिशत है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹2.8 लाख करोड़ से अधिक है, जो दर्शाता है कि राजस्व संग्रह मजबूत रहने के बावजूद सरकार ने खर्च में बढ़ोतरी की है।

केंद्र ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹16.96 लाख करोड़ का राजकोषीय घाटा निर्धारित किया है, जो GDP का 4.3 प्रतिशत है — और यह राजकोषीय सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक सुनिश्चित कदम माना जा रहा है।

कर राजस्व में मजबूत वृद्धि

अप्रैल-जून तिमाही में शुद्ध कर राजस्व बढ़कर ₹6.4 लाख करोड़ पर पहुँच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹5.4 लाख करोड़ था — यानी एक वर्ष में करीब 18.5 प्रतिशत की वृद्धि। CGA के आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों कर संग्रह में ठोस बढ़ोतरी बनी हुई है।

आगे की राह

यह अतिरिक्त हस्तांतरण राज्यों को वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में बुनियादी ढाँचे और सामाजिक योजनाओं पर खर्च बढ़ाने का मौका देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से राज्य स्तरीय कैपेक्स को बल मिलेगा, जो केंद्र के समग्र विकास एजेंडे के लिए महत्वपूर्ण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बशर्ते कर राजस्व की 18.5% वृद्धि इसे संतुलित करे — पर यह गणित तभी टिकेगा जब वैश्विक मंदी की आशंकाएँ घरेलू माँग को नहीं दबाएँगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्र सरकार ने राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ क्यों जारी किए?
यह राशि राज्यों की वित्तीय क्षमता को मजबूत करने और पूंजीगत व्यय तथा विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के उद्देश्य से जारी की गई है। यह 10 अगस्त को आने वाली नियमित मासिक कर हस्तांतरण किस्त से अलग एक अतिरिक्त असाधारण राशि है।
किस राज्य को सबसे अधिक कर हस्तांतरण राशि मिली?
उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक ₹19,208 करोड़ मिले। इसके बाद बिहार को ₹10,845 करोड़ और मध्य प्रदेश को ₹8,010 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
क्या इससे पहले भी ऐसी अतिरिक्त कर हस्तांतरण राशि जारी की गई है?
हाँ, अक्टूबर 2025 में भी केंद्र ने ₹1,01,603 करोड़ की अतिरिक्त कर हस्तांतरण राशि जारी की थी। वह राशि भी नियमित मासिक किस्त से अलग थी और त्योहारी सीजन में राज्यों के कैपेक्स व कल्याणकारी योजनाओं के लिए दी गई थी।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में राजकोषीय घाटा कितना रहा?
CGA के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में राजकोषीय घाटा ₹3.1 लाख करोड़ रहा, जो पूरे वर्ष के बजटीय लक्ष्य का 18.2% है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹2.8 लाख करोड़ से अधिक है।
कर राजस्व में कितनी वृद्धि हुई है?
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कर राजस्व ₹6.4 लाख करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹5.4 लाख करोड़ था। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों कर संग्रह में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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