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मंगलुरु पोर्ट पर CM शिवकुमार का औचक दौरा, मछुआरों से सुनीं समस्याएं; सी-मेट्रो और ब्लू इकोनॉमी का वादा

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मंगलुरु पोर्ट पर CM शिवकुमार का औचक दौरा, मछुआरों से सुनीं समस्याएं; सी-मेट्रो और ब्लू इकोनॉमी का वादा

सारांश

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सुबह 5 बजे उठकर मंगलुरु पोर्ट पहुँचे — यह सिर्फ दौरा नहीं, तटीय कर्नाटक के लिए बड़े विकास दांव की शुरुआत थी। सी-मेट्रो, समुद्री विश्वविद्यालय और ब्लू इकोनॉमी के वादों के साथ सरकार ने मछुआरों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 19 सितंबर 2026 को सुबह 5 बजे मंगलुरु पोर्ट का औचक दौरा किया।
फिशिंग यार्ड, जेट्टी और मछली बाज़ार का निरीक्षण; मछुआरों और व्यापारियों से सीधी बातचीत।
सरकार ने ब्लू इकोनॉमी , सी-मेट्रो और समुद्री कनेक्टिविटी कार्यक्रम शुरू करने की योजना बताई।
समुद्री विश्वविद्यालय में सीटें 40 से बढ़ाकर 200 तक करने का लक्ष्य घोषित।
तुलु भाषा पर ऐतिहासिक कैबिनेट फैसले का श्रेय लेते हुए शिवकुमार ने और घोषणाओं के संकेत दिए।
जिला प्रभारी मंत्री यूटी खादर मछुआरों की समस्या-सूची पर आगे की कार्यवाही करेंगे।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 को तड़के सुबह मंगलुरु पोर्ट का अघोषित दौरा किया और वहाँ फिशिंग यार्ड, जेट्टी तथा मछली बाज़ार का सीधे स्थल-निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मछुआरों और व्यापारियों से सीधी बातचीत कर उनकी शिकायतें और माँगें सुनीं।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री ने बताया कि वे सुबह 5 बजे उठकर जिला प्रभारी मंत्री यूटी खादर के साथ पोर्ट पहुँचे। उन्होंने कहा, 'उन्होंने हमें अपनी समस्याओं की सूची दी है और मैं अपनी आँखों से भी उन्हें देख रहा हूँ। हमें समाधान निकालना होगा।' इस दौरे पर कांग्रेस नेता पद्मराज और इनायत अली, दक्षिण कन्नड़ जिला ट्रॉल बोट मछुआरा संघ के पूर्व अध्यक्ष चेतन बेंगरे, मोहन बेंगरे तथा अन्य स्थानीय नेता भी उपस्थित रहे।

ब्लू इकोनॉमी और विकास की योजनाएँ

शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार समुद्री और मत्स्य पालन क्षेत्रों को विकसित कर ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है। इस क्रम में इस क्षेत्र में एक विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की घोषणा भी की गई, जिसमें छात्रों की सीटों की संख्या 40 से बढ़ाकर 50 और आगे चलकर 200 तक करने की योजना है।

उन्होंने कहा, 'हम समुद्र और पानी से जुड़ी शिक्षा के लिए एक नया मास्टर प्लान ला रहे हैं।' गौरतलब है कि फिलहाल कर्नाटक में समुद्री मार्ग से यात्री या माल परिवहन की कोई व्यवस्थित सुविधा नहीं है।

सी-मेट्रो और समुद्री कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार सी-मेट्रो सहित समुद्री कनेक्टिविटी से जुड़े कई कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रही है। इन सेवाओं के माध्यम से तटीय क्षेत्रों में आवाजाही और व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन फैसलों का दायरा केवल तटीय इलाकों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इन्हें ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों के माध्यम से समूचे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाया जाएगा।

तुलु भाषा पर ऐतिहासिक निर्णय

दौरे के दौरान पत्रकारों ने जब तुलु भाषा से जुड़े सरकारी फैसले पर प्रवासी भारतीयों (NRI) की सराहना का ज़िक्र किया, तो शिवकुमार ने कहा कि इस भाषा का लंबा इतिहास है और इस क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भाषा खत्म न हो।' मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस माँग को सभी दलों का समर्थन था, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार निर्णय नहीं ले पाई। उन्होंने कहा, 'इतिहास में पहली बार कैबिनेट बैठक हुई और हमने इतिहास बनाया।'

आगे क्या

जिला प्रभारी मंत्री यूटी खादर मछुआरों द्वारा सौंपी गई समस्याओं की सूची पर आगे की कार्यवाही करेंगे। समुद्री विश्वविद्यालय की स्थापना और सी-मेट्रो जैसी परियोजनाओं की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन सरकार ने और भी महत्वपूर्ण फैसलों के संकेत दिए हैं। यह दौरा ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार तटीय कर्नाटक में विकास की एक व्यापक रूपरेखा तैयार कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सी-मेट्रो और समुद्री विश्वविद्यालय जैसे वादों की कोई ठोस समयसीमा या बजट आवंटन घोषित नहीं किया गया। तटीय कर्नाटक में मछुआरों की समस्याएं — बुनियादी ढाँचे की कमी, बाज़ार पहुँच, मौसमी नुकसान — वर्षों पुरानी हैं और हर चुनावी चक्र में नए वादों की शक्ल में आती रही हैं। ब्लू इकोनॉमी की बात तब सार्थक होगी जब मत्स्य पालन क्षेत्र में रोज़गार और आय के ठोस आँकड़े सामने आएँ — महज़ घोषणाओं से नहीं।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM डीके शिवकुमार ने मंगलुरु पोर्ट पर क्या घोषणाएं कीं?
मुख्यमंत्री ने ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने, सी-मेट्रो सेवा शुरू करने और एक समुद्री विश्वविद्यालय में सीटें 40 से बढ़ाकर 200 करने की योजना की जानकारी दी। साथ ही मछुआरों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।
कर्नाटक में सी-मेट्रो क्या है?
सी-मेट्रो एक प्रस्तावित समुद्री परिवहन सेवा है जिसके ज़रिए कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में यात्री और माल का जलमार्ग से आवागमन संभव होगा। फिलहाल राज्य में ऐसी कोई व्यवस्थित सेवा मौजूद नहीं है।
मंगलुरु पोर्ट दौरे पर कौन-कौन मौजूद थे?
दौरे में जिला प्रभारी मंत्री यूटी खादर, कांग्रेस नेता पद्मराज और इनायत अली, दक्षिण कन्नड़ जिला ट्रॉल बोट मछुआरा संघ के पूर्व अध्यक्ष चेतन बेंगरे, मोहन बेंगरे और अन्य स्थानीय नेता उपस्थित रहे।
तुलु भाषा पर कर्नाटक सरकार का क्या फैसला है?
मुख्यमंत्री शिवकुमार के अनुसार कैबिनेट ने तुलु भाषा के संरक्षण और प्रोत्साहन से जुड़ा ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिसकी माँग सभी दलों की ओर से की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि इतिहास में पहली बार इस विषय पर कैबिनेट बैठक हुई।
मछुआरों की समस्याओं पर आगे क्या कार्रवाई होगी?
मछुआरों ने अपनी समस्याओं की लिखित सूची सरकार को सौंपी है। जिला प्रभारी मंत्री यूटी खादर इन मुद्दों पर आगे ध्यान देंगे और समाधान की दिशा में काम करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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