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सपा विधायक का आरोप: CM योगी के काफिले में 7 गाड़ियां, PM की ऊर्जा बचत अपील अनसुनी

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सपा विधायक का आरोप: CM योगी के काफिले में 7 गाड़ियां, PM की ऊर्जा बचत अपील अनसुनी

सारांश

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने CM योगी पर PM की ऊर्जा बचत अपील की अनदेखी का आरोप लगाया — लोकभवन पहुँचने पर काफिले में 7 गाड़ियाँ। साथ ही लखनऊ में वकीलों के 40 साल पुराने चैंबर तोड़े जाने और लाठीचार्ज, NEET विवाद और मंत्रिमंडल में विभागहीन मंत्रियों पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 17 मई को आरोप लगाया कि CM योगी आदित्यनाथ के काफिले में लोकभवन पहुँचते समय 7 गाड़ियाँ थीं, जो PM की ऊर्जा बचत अपील के विपरीत है।
लखनऊ अदालत परिसर में 40 वर्ष से अधिक पुराने वकीलों के चैंबर्स ध्वस्त किए गए; पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप, कई वकील घायल।
यूपी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भी कई मंत्रियों के पास विभाग नहीं — मेहरोत्रा का आरोप।
आंध्र प्रदेश में तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे पर ₹40,000 की घोषणा का हवाला देते हुए UP में भी ऐसी पहल की माँग।
NEET परीक्षा निरस्त होने और छात्रों की मौतों के बावजूद शिक्षा मंत्री को न हटाने पर BJP की आलोचना।

समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 17 मई को लखनऊ में आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री की ऊर्जा बचत की अपील का पालन नहीं कर रहे हैं। मेहरोत्रा के अनुसार, जब मुख्यमंत्री लोकभवन पहुँचे तो उनके काफिले में सात गाड़ियाँ शामिल थीं।

मुख्य आरोप: ऊर्जा बचत में दोहरा मापदंड

मेहरोत्रा ने कहा, 'प्रधानमंत्री की अपील भी मुख्यमंत्री नहीं मान रहे हैं। आज प्रदेश के मुख्यमंत्री लोकभवन पहुँचे तो उनके पीछे सात गाड़ियाँ थीं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं की कथनी और करनी में 'जमीन-आसमान का अंतर' है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो नेता नागरिकों को विदेश यात्रा से बचने की सलाह दें, उन्हें खुद भी उसका पालन करना चाहिए।

लखनऊ कोर्ट में वकीलों के चैंबर ध्वस्त, लाठीचार्ज का आरोप

सपा विधायक ने लखनऊ की अदालत परिसर में 40 वर्ष से अधिक पुराने वकीलों के चैंबर्स तोड़े जाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने वकीलों पर लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोग घायल हुए। मेहरोत्रा ने इसे 'जुल्म और अन्याय' करार दिया।

मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार के बाद विभागों के बंटवारे पर मेहरोत्रा ने कहा कि कई नवनियुक्त मंत्रियों को अभी तक कोई विभाग नहीं मिला है और राज्य सरकार के मंत्रियों के विभागों का फैसला भी केंद्र सरकार करती है — यह आरोप उन्होंने लगाया।

स्वास्थ्य, जनसंख्या और NEET पर चिंताएँ

मेहरोत्रा ने यह भी दावा किया कि देश में मृत्यु दर बढ़ी है और जन्मदर घटी है, तथा BJP सरकारें स्वास्थ्य सुविधाएँ देने में विफल रही हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे बच्चे पर ₹40,000 देने की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भी ऐसी पहल होनी चाहिए। NEET परीक्षा विवाद पर उन्होंने कहा कि परीक्षा निरस्त होने और कई शहरों में छात्रों द्वारा जान देने की घटनाओं के बावजूद शिक्षा मंत्री को नहीं हटाया गया — जो उनके अनुसार छात्रों के भविष्य के साथ 'खिलवाड़' है।

गौरतलब है कि ये सभी आरोप विपक्षी दल की ओर से लगाए गए हैं। सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दृश्यमान उदाहरण जनता में अधिक प्रभाव डालते हैं। लखनऊ में वकीलों के चैंबर ध्वस्त करने का मुद्दा अधिक गंभीर है — न्यायिक परिसर में बल प्रयोग और दशकों पुरानी संरचनाएँ तोड़ना कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सवाल खड़े करता है, जिसका जवाब सरकार ने अभी नहीं दिया। इन आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से होना अभी शेष है।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा विधायक ने CM योगी पर क्या आरोप लगाए?
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि CM योगी आदित्यनाथ लोकभवन पहुँचे तो उनके काफिले में 7 गाड़ियाँ थीं, जो प्रधानमंत्री की ऊर्जा बचत अपील के विपरीत है। उन्होंने BJP नेताओं पर कथनी और करनी में अंतर का आरोप भी लगाया।
लखनऊ में वकीलों के चैंबर क्यों तोड़े गए और क्या हुआ?
मेहरोत्रा के अनुसार लखनऊ की अदालत परिसर में 40 वर्ष से अधिक पुराने वकीलों के चैंबर्स ध्वस्त किए गए। उनका आरोप है कि पुलिस ने वकीलों पर लाठीचार्ज किया जिससे कई लोग घायल हुए। सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यूपी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा क्यों नहीं हुआ?
सपा विधायक का आरोप है कि कई नवनियुक्त मंत्रियों को अभी तक विभाग नहीं मिले हैं और राज्य मंत्रियों के विभागों का फैसला केंद्र सरकार करती है। यह आरोप विपक्ष की ओर से लगाया गया है, सरकार ने इसका खंडन नहीं किया है।
आंध्र प्रदेश की जनसंख्या प्रोत्साहन योजना का उत्तर प्रदेश से क्या संबंध है?
मेहरोत्रा ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे बच्चे पर ₹40,000 देने की घोषणा का हवाला देते हुए कहा कि घटती जन्मदर और बढ़ती मृत्यु दर के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश में भी ऐसी पहल होनी चाहिए।
NEET विवाद पर सपा का क्या रुख है?
सपा विधायक मेहरोत्रा ने NEET परीक्षा निरस्त होने और कई शहरों में छात्रों की मौतों को BJP सरकार की विफलता बताया। उन्होंने माँग की कि इसके लिए शिक्षा मंत्री को जवाबदेह ठहराते हुए हटाया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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