मानसून सत्र में कांग्रेस का हमला: राम मंदिर चढ़ावा, मदरसा विवाद पर सरकार से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
संसद के मानसून सत्र में मंगलवार, 4 अगस्त को विपक्षी दल कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में कथित हेराफेरी, उत्तर प्रदेश के मदरसा विवाद और पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न प्रकरण सहित कई मुद्दों पर एनडीए सरकार को घेरा। कांग्रेस सांसदों का आरोप है कि सरकार इन संवेदनशील विषयों पर जवाब देने से बच रही है, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर संसद परिसर में प्रदर्शन
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि राम मंदिर के चढ़ावे में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और सरकार को इस मामले में उठाए गए सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि सदन में इस विषय पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
बांकीपुर और दतिया उपचुनाव: विपक्ष ने बताया बदलाव का संकेत
प्रियंका गांधी वाड्रा ने बांकीपुर और दतिया उपचुनाव के नतीजों पर कहा कि जनता अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) से थक चुकी है और देश की परिस्थितियों को भली-भाँति समझ रही है। उन्होंने इन परिणामों को विपक्ष के लिए सकारात्मक शुरुआत बताते हुए कहा कि आने वाले समय में जनता का रुझान और अधिक स्पष्ट होगा।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि मतदाताओं ने BJP को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे बदलाव चाहते हैं। उनके अनुसार इन उपचुनाव परिणामों का असर आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति पर दिखाई देगा। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने बांकीपुर के नतीजे को 'चौंकाने वाला' बताया, क्योंकि यह सीट पिछले दो दशकों से BJP का मज़बूत गढ़ मानी जाती रही है।
मदरसा विवाद पर कांग्रेस की आलोचना
उत्तर प्रदेश के मदरसा विवाद पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश की आज़ादी की लड़ाई में मदरसों और उलेमाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए और स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए बलिदानों का सम्मान होना चाहिए।
पहलवान यौन उत्पीड़न मामला और महिला सुरक्षा
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि न्याय की लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पीड़ित पक्ष उच्च न्यायालय का रुख करता है, तो कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी। रंजन ने इस पूरे मामले को महिलाओं की सुरक्षा और न्याय से जुड़ा अहम विषय बताया।
संसद की बाधित कार्यवाही: जवाबदेही की माँग
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि देश को एक सुचारू रूप से चलने वाली संसद की ज़रूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जो मुद्दे उठा रहा है, वे जनहित से सीधे जुड़े हैं, लेकिन सरकार उन पर विचार करने की बजाय कठोर रवैया अपना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के दौरान बल प्रयोग के मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
तारिक अनवर ने भी संसद की कार्यवाही को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण है और यदि विपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला, तो संसद की प्रभावशीलता प्रभावित होगी। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता दिख रहा है।