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केसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मुबीन अहमद शाह की श्रीनगर में संपत्ति जब्त, सीआईके की बड़ी कार्रवाई

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केसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मुबीन अहमद शाह की श्रीनगर में संपत्ति जब्त, सीआईके की बड़ी कार्रवाई

सारांश

जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने केसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मुबीन अहमद शाह की श्रीनगर के बुचवारा में 12 मरला ज़मीन जब्त की है। 2020 में दर्ज मामले की जांच के तहत हुई यह कार्रवाई तब हुई जब शाह मलेशिया में रह रहे हैं।

मुख्य बातें

काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने 1 जुलाई 2026 को डॉ.
मुबीन अहमद शाह की संपत्ति जब्त की।
जब्त संपत्ति श्रीनगर के बुचवारा में स्थित 12 मरला भूमि है।
यह कार्रवाई 2020 में दर्ज एफआईआर के तहत चल रही जांच का हिस्सा है।
मुबीन शाह 2006–2008 के बीच केसीसीआई के अध्यक्ष रहे; 2019 में गिरफ्तारी के बाद रिहा हुए।
2019 के अंत से वे अपने परिवार के साथ मलेशिया में रह रहे हैं।
जब्ती प्रक्रिया नायब तहसीलदार शाह मोहम्मद आसिफ की उपस्थिति में पूरी की गई।

जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) विंग ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मुबीन अहमद शाह की श्रीनगर स्थित संपत्ति जब्त कर ली। यह कार्रवाई 2020 में दर्ज एक मामले की चल रही जांच के तहत की गई है।

क्या है जब्त संपत्ति

अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई संपत्ति श्रीनगर जिले के बुचवारा इलाके में स्थित 12 मरला भूमि है। काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर की एक विशेष टीम ने नायब तहसीलदार शाह मोहम्मद आसिफ की मौजूदगी में स्थानीय राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर यह प्रक्रिया पूरी की। मौके पर ही सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई संपन्न की गई।

मामले की पृष्ठभूमि

यह जब्ती सीआईके पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद की गई। डॉ. मुबीन शाह को 2019 में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें एक अलगाववादी समर्थक और प्रभावशाली कश्मीरी व्यवसायी के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने कथित तौर पर कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को अपने प्रभाव से समर्थन दिया।

डॉ. मुबीन शाह: कौन हैं वे

डॉ. मुबीन शाह 2006 से 2008 के बीच केसीसीआई के अध्यक्ष रहे और घाटी के एक जाने-माने उद्योगपति हैं। उनका परिवार कश्मीर में एक स्थापित कारोबारी परिवार रहा है — घाटी में उनके परिवार का ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बड़ा व्यवसाय था और वे जम्मू-कश्मीर में हिंदुस्तान मोटर्स की एकमात्र एजेंसी संचालित करते थे, उस दौर में जब देश की संरक्षणवादी औद्योगिक नीति के कारण विदेशी वाहन भारतीय बाज़ार में नहीं आ सकते थे। बताया जाता है कि 2019 के अंत से वे अपने परिवार के साथ मलेशिया में रह रहे हैं और वहाँ कश्मीरी हस्तशिल्प का व्यवसाय कर रहे हैं।

आगे की कानूनी कार्रवाई

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह जब्ती चल रही जांच का हिस्सा है और आगे की सभी कानूनी कार्रवाई कानून के प्रावधानों के अनुसार जारी रहेगी। हालांकि, अधिकारियों ने फिलहाल मामले के विस्तृत ब्यौरे साझा करने से परहेज किया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियाँ अलगाववादी नेटवर्क से जुड़ी वित्तीय संपत्तियों पर शिकंजा कसने में तेज़ी दिखा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह जब्ती ही अंतिम कदम बनकर रह जाएगी — जैसा कि कई ऐसे मामलों में होता आया है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. मुबीन अहमद शाह की संपत्ति क्यों जब्त की गई?
सीआईके पुलिस स्टेशन में 2020 में दर्ज एफआईआर के तहत चल रही जांच के सिलसिले में यह जब्ती की गई है। अधिकारियों के अनुसार डॉ. शाह पर कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप है।
जब्त की गई संपत्ति कहाँ स्थित है और कितनी बड़ी है?
जब्त संपत्ति श्रीनगर जिले के बुचवारा इलाके में स्थित 12 मरला भूमि है। स्थानीय राजस्व अधिकारियों और नायब तहसीलदार शाह मोहम्मद आसिफ की उपस्थिति में यह प्रक्रिया पूरी की गई।
डॉ. मुबीन अहमद शाह कौन हैं?
डॉ. मुबीन अहमद शाह 2006 से 2008 के बीच कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केसीसीआई) के अध्यक्ष रहे और घाटी के एक जाने-माने उद्योगपति हैं। उनके परिवार का जम्मू-कश्मीर में हिंदुस्तान मोटर्स की एजेंसी सहित ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बड़ा कारोबार था।
डॉ. मुबीन शाह अभी कहाँ हैं?
बताया जाता है कि डॉ. मुबीन शाह 2019 के अंत से अपने परिवार के साथ मलेशिया में रह रहे हैं। वहाँ वे कश्मीरी हस्तशिल्प का व्यवसाय कर रहे हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार इस मामले में आगे की सभी कानूनी कार्रवाई कानून के प्रावधानों के तहत जारी रहेगी। हालांकि, अधिकारियों ने फिलहाल मामले के विस्तृत ब्यौरे साझा नहीं किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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