क्रेस्ट फंड घोटाला: सीबीआई ने वरिष्ठ IFoS अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव को किया गिरफ्तार, ₹75 करोड़ की हेराफेरी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 17 जून 2026 को चंडीगढ़ में वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। श्रीवास्तव चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट), चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) थे। उन पर क्रेस्ट के बैंक खातों से लगभग ₹75 करोड़ की धोखाधड़ी से हेराफेरी का आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम
गिरफ्तारी के बाद नवनीत श्रीवास्तव को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश, चंडीगढ़ के समक्ष पेश किया गया, जहाँ उन्हें 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। जाँच में सामने आया कि चंडीगढ़ स्थित आईडीएफसी बैंक में क्रेस्ट के तीन बैंक खातों में जमा राशि को धोखाधड़ी के ज़रिये विभिन्न शेल कंपनियों में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद लाभार्थियों ने इस धनराशि को निजी उपयोग के लिए भुना लिया।
पत्नी और रिश्तेदार की कंपनी में पहुँची रकम
सीबीआई की जाँच में यह भी उजागर हुआ कि अपराध से अर्जित धनराशि का एक हिस्सा एक निजी कंपनी के खाते में भेजा गया, जिसमें श्रीवास्तव की पत्नी और एक करीबी रिश्तेदार निदेशक के पद पर हैं। यह तथ्य मामले को और अधिक गंभीर बनाता है, क्योंकि इससे संगठित वित्तीय षड्यंत्र की संभावना बलवती होती है।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियाँ
गौरतलब है कि इस मामले में क्रेस्ट के तत्कालीन परियोजना निदेशक सुखविंदर सिंह अब्रोल और लेखाकार साहिल कुक्कर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के विरुद्ध आरोप-पत्र भी दाखिल हो चुका है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने यह मामला इकोनॉमिक ऑफेंस पुलिस स्टेशन, चंडीगढ़ से अपने हाथ में लिया था।
13 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट
सीबीआई ने हाल ही में इस मामले में 13 आरोपियों के विरुद्ध पहली चार्जशीट दाखिल की है। इनमें एक निजी बैंक के 5 अधिकारी, क्रेस्ट (चंडीगढ़ यूटी प्रशासन) के 2 सरकारी कर्मचारी, 2 शेल कंपनियाँ (और उनके 3 भागीदार/निदेशक) तथा 1 निजी व्यक्ति शामिल हैं। सभी आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी संस्थाओं में वित्तीय अनुशासन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ है।
आगे क्या होगा
सीबीआई तेज़ी से जाँच आगे बढ़ा रही है ताकि सभी जिम्मेदार व्यक्तियों को विधिक प्रक्रिया के तहत जवाबदेह ठहराया जा सके। नवनीत श्रीवास्तव की 3 दिन की पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद अगली सुनवाई में उनकी भूमिका और स्पष्ट होने की संभावना है।