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जैसलमेर में मस्जिद-मजार ध्वस्तीकरण पर कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल बोले — धर्म के नाम पर निशाना बनाना गलत

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जैसलमेर में मस्जिद-मजार ध्वस्तीकरण पर कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल बोले — धर्म के नाम पर निशाना बनाना गलत

सारांश

जैसलमेर में मस्जिदों और मजारों पर प्रशासनिक कार्रवाई के बीच कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सीधे निशाना साधा — राष्ट्रीय सुरक्षा को बहाना बनाकर एक समुदाय को परेशान करना अनुचित है। उन्होंने इस मुद्दे को संसद में उठाने की घोषणा की और महंगाई को देश की असली समस्या बताया।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने जैसलमेर में मस्जिदों और मजारों के ध्वस्तीकरण को निंदनीय करार दिया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मोहरा बनाकर विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है।
बेनीवाल ने इस मुद्दे को संसद में उठाने और देशभक्ति की परिभाषा पर बहस कराने की घोषणा की।
राहुल गांधी की छवि को सुनियोजित तरीके से धूमिल करने का आरोप लगाया; कोटा कार्यक्रम को सफल बताया।
देश में बढ़ती महंगाई को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाए।

कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने जैसलमेर में प्रशासन द्वारा मस्जिदों और मजारों को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। 19 जून को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह देश की साझा विरासत और भाईचारे के लिए भी खतरनाक है।

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर आपत्ति

बेनीवाल ने कहा कि प्रशासन को किसी भी कार्रवाई से पहले दोनों पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए। उनके अनुसार, इन मामलों में बार-बार राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया जा रहा है, जो उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सभी नागरिकों की प्राथमिकता है, लेकिन इसे मोहरा बनाकर एक समुदाय विशेष को परेशान करना अनुचित है। कार्रवाई के दौरान प्रभावित पक्ष को कोई समय या अवसर नहीं दिया जा रहा, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।

संसद में उठाएंगे मुद्दा

सांसद बेनीवाल ने घोषणा की कि वे इस विषय को संसद में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि देशभक्ति की परिभाषा क्या होती है, यह भी संसद में स्पष्ट किया जाएगा। उनके अनुसार, यह मुद्दा किसी एक दल का नहीं, बल्कि सामाजिक भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का है। उन्होंने कहा, जैसलमेर में हमेशा से एकता और सौहार्द का माहौल रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाना चाहिए।

राहुल गांधी की छवि पर हमले का आरोप

बेनीवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि सुनियोजित तरीके से उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई, ताकि देश की असली समस्याओं — विशेषकर आर्थिक संकट — से जनता का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का कोटा दौरा सफल रहा, हालांकि इसे असफल बताने के प्रयास किए गए। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना खरे सोने से करते हुए कहा कि कीचड़ में डालने से सोने का मूल्य कम नहीं होता।

महंगाई और आर्थिक समस्याओं पर चिंता

कांग्रेस सांसद ने देश में बढ़ती महंगाई पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि आर्थिक समस्याएं देश की सबसे बड़ी चुनौती हैं, लेकिन सरकार इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही। आलोचकों का कहना है कि धार्मिक मुद्दों को उछालकर जनता को आर्थिक मुद्दों से दूर रखने की रणनीति अपनाई जा रही है। बेनीवाल ने कहा कि देश के बुद्धिजीवी वर्ग इस वास्तविकता को समझ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि सरकार इन्हें अतिक्रमण-विरोधी या सुरक्षा उपाय बताती है। राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर की जाने वाली कार्रवाइयों में पारदर्शिता और 'सुनवाई का अवसर' जैसे मूलभूत प्रश्न उठाना वैध है — लेकिन इस बहस में तथ्यात्मक आधार की कमी दोनों पक्षों को कमज़ोर करती है। महंगाई और आर्थिक संकट जैसे ठोस मुद्दों को धार्मिक विवादों की आड़ में दबाने की प्रवृत्ति नई नहीं है — यह सवाल पूछना ज़रूरी है कि क्या विपक्ष भी इन्हीं मुद्दों को केंद्र में रखने में सफल हो पा रहा है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने जैसलमेर में किस कार्रवाई की आलोचना की?
बेनीवाल ने जैसलमेर जिले में प्रशासन द्वारा मस्जिदों और मजारों को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि कार्रवाई से पहले दोनों पक्षों को सुना जाना चाहिए था।
बेनीवाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा के तर्क पर क्या कहा?
उन्होंने स्वीकार किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सभी की प्राथमिकता है, लेकिन आरोप लगाया कि इसे बहाना बनाकर एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, कार्रवाई के दौरान प्रभावित पक्ष को कोई समय नहीं दिया जा रहा।
क्या बेनीवाल इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे?
हाँ, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इस विषय को संसद में उठाएंगे और देशभक्ति की परिभाषा पर भी बहस कराएंगे। उन्होंने इसे किसी एक दल का नहीं, बल्कि भाईचारे का मुद्दा बताया।
बेनीवाल ने राहुल गांधी के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सुनियोजित तरीके से राहुल गांधी की छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई, ताकि देश की आर्थिक समस्याओं से ध्यान भटकाया जा सके। राहुल गांधी की तुलना खरे सोने से करते हुए उन्होंने कहा कि कोटा कार्यक्रम सफल रहा।
बेनीवाल ने महंगाई पर क्या रुख अपनाया?
उन्होंने कहा कि देश में महंगाई चरम पर है और आर्थिक समस्याएं सबसे प्रमुख चुनौती हैं। उनके अनुसार, सरकार इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही और धार्मिक मुद्दों को उछालकर असली समस्याओं से ध्यान भटकाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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