जैसलमेर में मस्जिद-मजार ध्वस्तीकरण पर कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल बोले — धर्म के नाम पर निशाना बनाना गलत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने जैसलमेर में प्रशासन द्वारा मस्जिदों और मजारों को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। 19 जून को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह देश की साझा विरासत और भाईचारे के लिए भी खतरनाक है।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर आपत्ति
बेनीवाल ने कहा कि प्रशासन को किसी भी कार्रवाई से पहले दोनों पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए। उनके अनुसार, इन मामलों में बार-बार राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया जा रहा है, जो उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सभी नागरिकों की प्राथमिकता है, लेकिन इसे मोहरा बनाकर एक समुदाय विशेष को परेशान करना अनुचित है। कार्रवाई के दौरान प्रभावित पक्ष को कोई समय या अवसर नहीं दिया जा रहा, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
संसद में उठाएंगे मुद्दा
सांसद बेनीवाल ने घोषणा की कि वे इस विषय को संसद में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि देशभक्ति की परिभाषा क्या होती है, यह भी संसद में स्पष्ट किया जाएगा। उनके अनुसार, यह मुद्दा किसी एक दल का नहीं, बल्कि सामाजिक भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का है। उन्होंने कहा, जैसलमेर में हमेशा से एकता और सौहार्द का माहौल रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी की छवि पर हमले का आरोप
बेनीवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि सुनियोजित तरीके से उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई, ताकि देश की असली समस्याओं — विशेषकर आर्थिक संकट — से जनता का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का कोटा दौरा सफल रहा, हालांकि इसे असफल बताने के प्रयास किए गए। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना खरे सोने से करते हुए कहा कि कीचड़ में डालने से सोने का मूल्य कम नहीं होता।
महंगाई और आर्थिक समस्याओं पर चिंता
कांग्रेस सांसद ने देश में बढ़ती महंगाई पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि आर्थिक समस्याएं देश की सबसे बड़ी चुनौती हैं, लेकिन सरकार इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही। आलोचकों का कहना है कि धार्मिक मुद्दों को उछालकर जनता को आर्थिक मुद्दों से दूर रखने की रणनीति अपनाई जा रही है। बेनीवाल ने कहा कि देश के बुद्धिजीवी वर्ग इस वास्तविकता को समझ रहे हैं।