इंदौर का सफाई मॉडल सीखने पहुंचे बंगाल मंत्री दिलीप घोष, बोले- राज्य में लागू करेंगे
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष 20 अगस्त को इंदौर पहुंचे — उद्देश्य था देश के सबसे स्वच्छ शहर का सफाई मॉडल समझना और उसे बंगाल में लागू करना। इंदौर नगर निगम (IMC) द्वारा स्थापित सफाई रिकॉर्ड्स और ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली का गहन अध्ययन करने के लिए घोष के साथ सरकारी अधिकारियों और IIT के प्रोफेसरों सहित पाँच सदस्यीय दल भी आया है। इंदौर लगातार आठ बार से अधिक केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में भारत के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीतता रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
घोष ने इंदौर में स्थानीय अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और शहर की विभिन्न सफाई योजनाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, 'हम यहां देखने आए हैं कि सॉलिड वेस्ट को कैसे मैनेज किया जाता है। इसे कैसे प्रोसेस किया जाता है? सफाई कैसे रखी जाती है? इंदौर ने इतने सालों से इस लेवल की सफाई कैसे बनाए रखी है?'
उन्होंने इस यात्रा को 'नया अनुभव' बताया और स्पष्ट किया कि दल का लक्ष्य केवल देखना नहीं, बल्कि सीखकर पश्चिम बंगाल में व्यावहारिक बदलाव लाना है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के 100 दिन
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर घोष ने कहा कि इस अल्प अवधि में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में केंद्र सरकार की योजनाएँ बंगाल में लागू नहीं हो पाती थीं और राज्य के अधिकारी केंद्रीय बैठकों व प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग नहीं लेते थे।
वर्तमान सरकार द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णयों में महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना, बसों में मुफ्त यात्रा और बंग आवास योजना का सर्वे शुरू करना शामिल है।
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ पर बयान
घोष ने सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) के पास पर्याप्त भूमि न होने के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में रिक्तता थी। उनके अनुसार, 400-500 किमी की सीमा में से 250 किमी भूमि पहले ही बीएसएफ को आवंटित कर दी गई है और उस पर काम शुरू हो चुका है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 91 लाख कथित घुसपैठियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची से हटाया गया है।
ममता बनर्जी पर तीखी टिप्पणी
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी पर घोष ने कहा कि वे अब अपनी पार्टी को भी संभालने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 वर्षों के शासन में ममता बनर्जी ने कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं किया। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
आगे की राह
इंदौर के सफाई मॉडल का अध्ययन कर लौटने के बाद दिलीप घोष की टीम पश्चिम बंगाल में इसे लागू करने की रूपरेखा तैयार करेगी। यह यात्रा संकेत देती है कि नई BJP सरकार राज्य में शहरी स्वच्छता को प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मंशा रखती है।