पेपर लीक बिल पर दिलीप जायसवाल और राजीव रंजन का बड़ा बयान — दोषियों को 10 साल जेल और ₹10 करोड़ जुर्माना
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने 27 जुलाई को पटना में प्रस्तावित पेपर लीक रोधी विधेयक, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के रोड शो और शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना में प्रकाशित राजनीतिक लेख सहित कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दर्ज कराईं। दोनों नेताओं ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए मसौदा विधेयक को छात्र-हितैषी कदम बताया और विपक्ष पर राजनीतिक स्वार्थ का आरोप लगाया।
पेपर लीक रोधी विधेयक — क्या है प्रावधान
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, 'सरकार छात्रों की चिंताओं को लेकर संवेदनशील है और संसद में एक ऐसा कानून ला रही है जिसमें परीक्षा का पेपर लीक करने वालों के लिए 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है।' उन्होंने जोड़ा कि सरकार का इरादा स्पष्ट है और विपक्ष इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहा है।
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी पुष्टि की कि केंद्रीय कैबिनेट ने मसौदा विधेयक को मंजूरी दे दी है। उनके अनुसार, 'पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों के लिए बहुत मुश्किल समय आने वाला है। दोषी पाए जाने पर ₹10 करोड़ तक का जुर्माना और 10 साल की सजा हो सकती है।'
तेजस्वी यादव के रोड शो पर प्रतिक्रिया
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के हालिया रोड शो को लेकर मंत्री जायसवाल ने कहा कि तेजस्वी यादव 'बहुत चालाकी से पूरे चुनाव प्रचार के दौरान गायब रहे' और अब केवल 'राजनीतिक ड्रामा' करने के लिए लौटे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और विपक्ष के मतदाता भी इस राजनीतिक खेल को समझते हैं।
सामना के राजनीतिक लेख पर तीखी प्रतिक्रिया
राजीव रंजन प्रसाद ने शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना में प्रकाशित राजनीतिक बयानों को 'वैचारिक दिवालियापन का बड़ा उदाहरण' करार दिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकार दबाए, वहीं वर्तमान केंद्र सरकार ने युवाओं की आवाज़ पर बड़े फैसले लिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधारों का विशेष उल्लेख किया।
ओवैसी-सपा गठबंधन प्रस्ताव पर जेडीयू का रुख
असदुद्दीन ओवैसी द्वारा समाजवादी पार्टी को गठबंधन के प्रस्ताव पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यह गठबंधन 'बिल्कुल नहीं होने वाला।' उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी अपने वोट बैंक को लेकर चिंतित है और कांग्रेस तथा सपा दोनों एक-दूसरे के साथ आने के इच्छुक नहीं हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या
प्रस्तावित पेपर लीक रोधी विधेयक के संसद में पेश होने की प्रतीक्षा है। यह विधेयक उस समय आया है जब देशभर में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर छात्रों में व्यापक असंतोष देखा गया है। विधेयक के संसद में पारित होने के बाद ही इसके दीर्घकालिक प्रभाव स्पष्ट होंगे।