5 सितंबर 2026
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ईडी का नागपट्टिनम में बड़ा छापा: ड्रग तस्करी की काली कमाई से बने झींगा फार्म साम्राज्य का भंडाफोड़

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ईडी का नागपट्टिनम में बड़ा छापा: ड्रग तस्करी की काली कमाई से बने झींगा फार्म साम्राज्य का भंडाफोड़

सारांश

ड्रग तस्करी की काली कमाई से झींगा फार्म, ज़मीन और गाड़ियों का साम्राज्य — ईडी ने नागपट्टिनम में 6 ठिकानों पर एक साथ छापा मारकर मुख्य आरोपी एम. एलेक्स के मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज जब्त, जांच जारी।

मुख्य बातें

ईडी ने 3 सितंबर 2026 को तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले में 6 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
एलेक्स को 13 अप्रैल 2025 को एनसीबी ने मेथम्फेटामाइन हाइड्रोक्लोराइड के साथ रंगे हाथों पकड़ा था।
ड्रग्स की काली कमाई से नागपट्टिनम, वेलंकन्नी और थलियामाडी में झींगा फार्म, ज़मीनें और वाहन खरीदे गए।
एलेक्स और उसके पिता महालिंगम के खिलाफ 2023 और 2024 में भी तमिलनाडु पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।
छापेमारी में डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेन-देन से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 3 सितंबर 2026 को तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले में एक साथ 6 ठिकानों पर छापेमारी कर ड्रग तस्करी से जुड़े बड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई इस कार्रवाई में मेथम्फेटामाइन और गांजे की तस्करी से अर्जित करोड़ों रुपये की काली कमाई को झींगा फार्म, ज़मीन और वाहनों में निवेश कर सफेद करने का मामला सामने आया है।

मुख्य आरोपी और मामले की पृष्ठभूमि

जांच में मुख्य आरोपी के रूप में नागपट्टिनम के विलुंडमावडी निवासी एम. एलेक्स का नाम सामने आया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की चेन्नई जोनल यूनिट की शिकायत के आधार पर ईडी ने यह जांच शुरू की थी। एनसीबी ने मेथम्फेटामाइन और गांजे की अवैध तस्करी को लेकर स्पेशल कोर्ट में मामला दर्ज कराया था।

13 अप्रैल 2025 को एनसीबी ने पुदुक्कोट्टई-मदुरै रोड पर मेलाविलाकुडी के निकट भारती नगर में एम. एलेक्स को मेथम्फेटामाइन हाइड्रोक्लोराइड के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी उजागर हुआ कि एलेक्स कोई पहली बार का अपराधी नहीं है — तमिलनाडु पुलिस 2023 और 2024 में भी गांजा और मेथम्फेटामाइन तस्करी के कई मामलों में एलेक्स और उसके पिता महालिंगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी थी।

ड्रग मनी से खड़ा किया संपत्तियों का जाल

ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि एम. एलेक्स ने ड्रग तस्करी से अर्जित करोड़ों रुपये की अवैध कमाई को अचल और चल संपत्तियों में निवेश कर छुपाया। नागपट्टिनम, वेलंकन्नी और थलियामाडी में झींगा फार्म, महंगी ज़मीनें और वाहन — ये सभी संपत्तियां एलेक्स और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई थीं।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु के तटीय जिलों में मत्स्य पालन और झींगा उद्योग में अवैध धन के निवेश की प्रवृत्ति पर जांच एजेंसियों की नज़र पहले से है। गौरतलब है कि झींगा फार्मिंग जैसे नकद-प्रधान व्यवसाय अक्सर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका

जांच अधिकारियों के अनुसार, ड्रग्स से हुई कमाई को परिवार के सदस्यों और तीसरे पक्ष के व्यक्तियों के बैंक खातों के ज़रिए घुमाया जाता था — इस प्रक्रिया को वित्तीय भाषा में 'लेयरिंग' कहा जाता है। परिवार और अन्य लोगों के नाम पर ऋण लिए गए और फिर उन्हें ड्रग्स की कमाई से नकद में चुकाया गया। इसके अलावा, कई फर्जी संस्थाओं के माध्यम से भी धन को रूट किया गया, जिससे पैसों की उत्पत्ति को छुपाया जा सके।

छापेमारी में मिले अहम सबूत

ईडी के मदुरै सब-जोनल ऑफिस द्वारा संचालित इस तलाशी अभियान में कई डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेन-देन, ज़मीन खरीद तथा झींगा फार्म में निवेश से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। ये दस्तावेज़ आगे की जांच में अहम साक्ष्य के रूप में काम आएंगे।

आगे की कार्रवाई

जब्त साक्ष्यों के आधार पर ईडी संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। पीएमएलए के तहत जांच जारी है और आरोपियों के अन्य वित्तीय संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि तटीय क्षेत्रों में ड्रग नेटवर्क किस तरह वैध व्यवसायों की आड़ में फलते-फूलते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यही इसे तस्करों के लिए आकर्षक बनाता है। एम. एलेक्स के खिलाफ 2023 और 2024 की एफआईआर के बावजूद उसका नेटवर्क फलता-फूलता रहा — यह स्थानीय निगरानी तंत्र की खामियों पर गंभीर सवाल उठाता है। ईडी की कार्रवाई देर से आई, लेकिन संपत्ति-कुर्की की प्रक्रिया कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती है, यही इस मामले की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने नागपट्टिनम में छापा क्यों मारा?
ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में 3 सितंबर 2026 को नागपट्टिनम में 6 ठिकानों पर छापा मारा। यह कार्रवाई एनसीबी की शिकायत पर शुरू हुई जांच का हिस्सा है, जिसमें मेथम्फेटामाइन और गांजे की तस्करी से अर्जित धन को संपत्तियों में लगाने का आरोप है।
मुख्य आरोपी एम. एलेक्स कौन है?
एम. एलेक्स नागपट्टिनम के विलुंडमावडी का निवासी है और इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्य आरोपी है। उसे 13 अप्रैल 2025 को एनसीबी ने मेथम्फेटामाइन हाइड्रोक्लोराइड के साथ गिरफ्तार किया था, और 2023-2024 में भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
ड्रग्स की कमाई को कैसे सफेद किया गया?
आरोपी ने परिवार के सदस्यों और तीसरे पक्ष के बैंक खातों के ज़रिए 'लेयरिंग' तकनीक से धन को घुमाया। परिवार के नाम पर लोन लेकर उन्हें नकद में चुकाया गया और फर्जी संस्थाओं के माध्यम से भी पैसे रूट किए गए।
छापेमारी में क्या-क्या ज़ब्त किया गया?
ईडी ने छापेमारी में कई डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेन-देन, ज़मीन खरीद तथा झींगा फार्म में निवेश से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज़ जब्त किए हैं। ये साक्ष्य आगे की कानूनी कार्रवाई और संपत्ति कुर्की में उपयोग किए जाएंगे।
इस मामले में आगे क्या होगा?
जब्त साक्ष्यों के आधार पर ईडी पीएमएलए के तहत संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। आरोपियों के अन्य वित्तीय संबंधों और नेटवर्क की भी जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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