ई-कॉमर्स में मुनाफे का लालच देकर ₹5.88 लाख की ठगी, वाराणसी का जिम ट्रेनर सूरत पुलिस की गिरफ्त में
सारांश
मुख्य बातें
सूरत शहर पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी से 32 वर्षीय जिम ट्रेनर अब्दुल्ला उर्फ सोनू मजीद को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक गुजरात निवासी से ई-कॉमर्स निवेश में अधिक रिटर्न का झांसा देकर की गई ₹5,88,909 रुपए की ऑनलाइन ठगी की रकम को बैंक खातों के ज़रिए इधर-उधर करने में मदद की। पुलिस के अनुसार, इस पूरे षड्यंत्र की डोर दुबई में छिपे एक अन्य आरोपी के हाथ में थी।
ठगी का तरीका
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता से पहले एक डेटिंग ऐप के ज़रिए संपर्क किया गया। इसके बाद उसे एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजा गया और उस पर अकाउंट बनाने के लिए राजी किया गया। वेबसाइट पर दावा किया गया कि ई-कॉमर्स गतिविधियों में पैसे लगाने पर अच्छा रिटर्न मिलेगा।
इस विश्वास में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹5,88,909 रुपए ट्रांसफर किए, जो वापस नहीं मिले। यह रकम कई खातों में बंटवाई गई — जिनमें से एक खाता पहले से गिरफ्तार आरोपी इमरान यूसुफ खिलची के नाम से जुड़ा HDFC बैंक खाता था, जिसमें ₹1,77,590 रुपए स्थानांतरित किए गए थे।
मजीद की भूमिका और क्रिप्टो कनेक्शन
जाँच में सामने आया कि अब्दुल्ला मजीद ने कमीशन के बदले अपने बैंक खाते धोखाधड़ी के लिए उपलब्ध कराए। कैश डिपॉजिट मशीनों (CDM) के ज़रिए इन खातों में पैसे जमा कराए गए। इसके बाद मजीद ने एटीएम और चेक से रकम निकाली।
आरोप है कि मजीद ने ₹12,590 रुपए अपने कमीशन के रूप में रखे और शेष ₹1.65 लाख से यूएसडीटी (USDT) — अमेरिकी डॉलर से जुड़ी एक क्रिप्टोकरेंसी — खरीदकर दुबई में बैठे मुख्य आरोपी को ट्रांसफर कर दी। यह कथित तौर पर साइबर ठगों का वह तरीका है जिससे वे धन के स्रोत को छिपाने के लिए क्रिप्टो माध्यम का उपयोग करते हैं।
गिरफ्तारी और जाँच
पुलिस इंस्पेक्टर ए.एम. मोरी के नेतृत्व में साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी पड़ताल के ज़रिए मजीद की वाराणसी में मौजूदगी का पता लगाया और उसे वहाँ से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई।
इस मामले में पहले से गिरफ्तार 46 वर्षीय इमरान यूसुफ खिलची, मुंबई, महाराष्ट्र के रहने वाले एक व्यवसायी हैं। मुख्य साजिशकर्ता अभी दुबई में फरार बताया जा रहा है और उसकी पहचान का खुलासा पुलिस ने अभी तक नहीं किया है।
मामला साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, सूरत में भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (2008 में संशोधित) की संगत धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस की नागरिकों से अपील
सूरत शहर पुलिस ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार के कमीशन या लालच के बदले अपने बैंक खाते किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने के लिए न दें। पुलिस का कहना है कि ऐसा करना न केवल अपराध में सहयोग है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकता है।
गौरतलब है कि यह मामला उस बड़े पैटर्न का हिस्सा है जिसमें साइबर ठग डेटिंग ऐप्स के ज़रिए पीड़ितों को निशाना बनाते हैं और फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के ज़रिए उनसे पैसे ऐंठते हैं। आने वाले दिनों में दुबई के मुख्य आरोपी तक पहुँचने के लिए जाँच जारी रहने की संभावना है।