ईडी ने अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले कॉल सेंटर नेटवर्क की ₹187 करोड़ की संपत्ति कुर्क की
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1 अगस्त 2026 को अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर लाखों डॉलर की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गोवा, दिल्ली और हरियाणा में ₹187.13 करोड़ की लग्जरी फार्महाउस, विला और अन्य अचल संपत्तियाँ कुर्क की हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत ईडी के जालंधर जोनल कार्यालय द्वारा की गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी ने यह मनी लॉन्ड्रिंग जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। उक्त प्राथमिकी में दर्ज तथ्य मूलतः अमेरिकी संघीय जाँच एजेंसी (एफबीआई) से प्राप्त सूचना पर आधारित थे। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत अमेरिकी नागरिकों से लाखों डॉलर की ठगी करने का मामला दर्ज किया गया था।
कैसे चलाया जाता था ठगी का नेटवर्क
जाँच में सामने आया कि 'डिजीकैप्स - द फ्यूचर ऑफ डिजिटल' नाम का एक अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था, जिसमें जिगर अहमद, यश खुराना, इंद्रजीत सिंह भाली, निखिल शर्मा सहित कुल 36 कर्मचारी कार्यरत थे। इस कॉल सेंटर की निगरानी जोनी, दक्षय सेठी और गौरव वर्मा करते थे।
आरोपी खुद को टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर के प्रतिनिधि बताकर अमेरिकी पीड़ितों से संपर्क करते थे। वे पीड़ितों की व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी चुराते थे और अमेरिकी आंतरिक राजस्व सेवा (IRS) की ओर से कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर उन्हें अपना पैसा क्रिप्टो अकाउंट में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर करते थे।
विदेशी पीड़ितों के खातों से निकाली गई राशि को क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में डाला गया और फिर 'ब्लिस इंफ्राप्रॉपर्टीज एलएलपी' सहित विभिन्न शेल कंपनियों के माध्यम से अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।
पूर्व में की गई छापेमारी
इससे पहले जनवरी और फरवरी 2026 में ईडी ने पीएमएलए के तहत पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 13 स्थानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान कई डिजिटल उपकरण बरामद हुए, ₹34 लाख की बिना हिसाब की नकदी जब्त की गई और आरोपियों को देश-विदेश में महंगी संपत्तियों से जोड़ने वाले अहम दस्तावेज़ भी मिले।
मुख्य आरोपी और संपत्ति का ब्योरा
जाँच के अनुसार जोनी त्यागी, दक्षय सेठी, राघव सतिहा, निखिल वर्मा, गौरव वर्मा और गौतम ढींगरा ने अपराध से अर्जित धन को हरियाणा, दिल्ली और गोवा में रियल एस्टेट संपत्तियों में लगाया। कुर्क की गई संपत्तियों में लग्जरी फार्महाउस और विला शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत ₹187.13 करोड़ आँकी गई है।
आगे की कार्रवाई
यह मामला भारत-अमेरिका साइबर अपराध सहयोग का एक महत्त्वपूर्ण उदाहरण है, जहाँ एफबीआई की सूचना के आधार पर भारतीय एजेंसियों ने ठोस कार्रवाई की। ईडी की जाँच जारी है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया अपेक्षित है।