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इरोड में बेबी नहर योजना का किसानों ने किया विरोध, पानी आपूर्ति बंद करने पर चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी

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इरोड में बेबी नहर योजना का किसानों ने किया विरोध, पानी आपूर्ति बंद करने पर चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी

सारांश

इरोड जिले में किसानों ने बेबी नहर परियोजना का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि पानी की आपूर्ति बंद करने पर उनकी फसलों को भारी नुकसान होगा। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे आगामी विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे।

मुख्य बातें

किसानों ने बेबी नहर परियोजना का विरोध किया।
पानी की आपूर्ति रोकने से फसलों को होगा नुकसान।
किसानों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी।
जल संसाधन विभाग की अनदेखी से बढ़ा तनाव।
प्रशासन को जल्द समाधान खोजने की जरूरत।

इरोड, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के इरोड जिले में किसानों ने कलिंगरायन नहर के किनारे प्रस्तावित “बेबी नहर” परियोजना का तीखा विरोध आरंभ कर दिया है। उनका कहना है कि इस योजना के कारण उनकी खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।

असल में, बेबी नहर का मुख्य उद्देश्य सीवेज के गंदे पानी को मुख्य नहर में जाने से रोककर उसे दूसरी दिशा में मोड़ना है। लेकिन इसके निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग ने निर्धारित समय से पहले पानी की आपूर्ति रोकने का निर्णय लिया है।

कलिंगरायन सिंचाई प्रणाली इरोड जिले में कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहां लगभग 1,500 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है। यहाँ किसान गन्ना, हल्दी, केला और नारियल जैसी फसलें उगाते हैं। इसके अलावा, इरोड कॉर्पोरेशन से लेकर कोडुमुडी तक के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी इस नहर के माध्यम से भूजल स्तर में सुधार मिलता है।

किसानों का कहना है कि उनकी फसलें पहले से ही बोई जा चुकी हैं और अब कटाई के चरण में हैं। ऐसे समय में अगर पानी की आपूर्ति रोकी जाती है, तो उनकी मेहनत पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया है कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर ठेकेदार का पक्ष ले रहे हैं।

इस विषय पर किसानों और अधिकारियों के बीच अब तक चार दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया है। किसानों ने मांग की है कि पानी की आपूर्ति कम से कम 15 अप्रैल तक जारी रखी जाए, जैसा कि पहले योजनाबद्ध था। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया है कि बेबी नहर का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाए ताकि कृषि पर इसका नकारात्मक असर न पड़े।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगामी विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे। इस विवाद के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि कृषि क्षेत्र को नुकसान न हो। यह समय सभी पक्षों के लिए सहानुभूतिपूर्ण और जिम्मेदार होने का है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेबी नहर योजना का क्या उद्देश्य है?
बेबी नहर योजना का मुख्य उद्देश्य सीवेज के गंदे पानी को मुख्य नहर में जाने से रोककर उसे दूसरी दिशा में मोड़ना है।
किसानों ने पानी की आपूर्ति कब तक जारी रखने की मांग की है?
किसानों ने पानी की आपूर्ति को कम से कम 15 अप्रैल तक जारी रखने की मांग की है।
किसानों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी क्यों दी है?
किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगामी विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
कृषि के लिए कलिंगरायन नहर का क्या महत्व है?
कलिंगरायन नहर इरोड जिले में कृषि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जहां यह लगभग 1,500 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई करती है।
इस मुद्दे पर अब तक कितनी बैठकें हुई हैं?
किसानों और अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर अब तक चार दौर की बैठकें हो चुकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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