जमीन कब्जे के आरोप में पूर्व TMC विधायक अतिन घोष और बेटी को पुलिस नोटिस, ₹50 लाख धोखाधड़ी का मामला
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक अतिन घोष और उनकी बेटी प्रियदर्शिनी घोष को कोलकाता पुलिस ने 24 जून 2026 को जमीन पर जबरन कब्जे और ₹50 लाख की कथित धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। एक होटल मालिक की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के आधार पर यह नोटिस जारी किया गया है।
मामले का मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, अतिन घोष — जो कोलकाता नगर निगम (KMC) के पूर्व डिप्टी मेयर भी रह चुके हैं — पर पूर्वी महानगर बाइपास (ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाइपास) से सटे मेट्रोपॉलिटन इलाके में ढाई कट्ठा जमीन पर बने तीन मंजिला बंगले पर करीब नौ वर्षों से कब्जा रखने का आरोप है। सूत्रों के अनुसार, उस संपत्ति की वर्तमान बाज़ार कीमत लगभग ₹4 करोड़ आँकी गई है, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि उसे केवल ₹50 लाख का भुगतान किया गया।
मामला पहले प्रगति मैदान थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ, लेकिन बाद में इसे बिधाननगर नॉर्थ थाने को स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ अब जाँच जारी है। घोष और उनकी बेटी पर जमीन हड़पने, धमकी देने, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने समेत कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
अतिन घोष का पक्ष
हालाँकि, अतिन घोष ने बुधवार को दावा किया कि उन्हें अब तक पुलिस की ओर से कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उनकी बेटी प्रियदर्शिनी घोष ने मीडिया से कहा, 'मेरे पिता की 50 साल की राजनीतिक छवि को कोई धूमिल नहीं कर पाया है। हम इन आरोपों की ज़िम्मेदारी नहीं लेते। अब मैं मानहानि का मुकदमा दायर करूँगी।'
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य की नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस मामले पर कहा, 'पहले न तो उचित जाँच होती थी और न ही मुकदमा चलता था। अब शिकायत दर्ज हुई है और मामले की जाँच की जाएगी।' यह बयान राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पुलिस कार्रवाई में आई तेज़ी का संकेत देता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
अतिन घोष ने 2021 के विधानसभा चुनाव में काशीपुर-बेलगछिया सीट से जीत हासिल की थी। हालिया चुनाव में भी उन्होंने इसी सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार रितेश तिवारी से हार गए। गौरतलब है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC नेताओं के खिलाफ दर्ज शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई तेज़ हुई है और कई TMC नेताओं, पार्षदों व विधायकों को वसूली, भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों में गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने दोनों को इसी सप्ताह पूछताछ के लिए बुलाया है। बिधाननगर नॉर्थ थाने में जाँच जारी है और आरोपों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। यह मामला पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद विपक्षी नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की बड़ी होती श्रृंखला का हिस्सा बनता जा रहा है।