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गाजीपुर डीएम अनुपम शुक्ला: जनगणना नागरिकता से नहीं जुड़ी, 15 नवंबर से स्व-गणना शुरू

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गाजीपुर डीएम अनुपम शुक्ला: जनगणना नागरिकता से नहीं जुड़ी, 15 नवंबर से स्व-गणना शुरू

सारांश

गाजीपुर के डीएम अनुपम शुक्ला ने साफ किया कि जनगणना नागरिकता नहीं, नीति-निर्माण का आधार है। 15 नवंबर से स्व-गणना और 1 दिसंबर से घर-घर सर्वे शुरू होगा। छठ पर 95 किमी गंगा तट पर सुरक्षा के लिए फ्लोटिंग बैरियर और स्थायी गोताखोर तैनात होंगे।

मुख्य बातें

गाजीपुर के डीएम अनुपम शुक्ला ने 31 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि जनगणना का नागरिकता से कोई संबंध नहीं है।
15 नवंबर से 30 नवंबर तक स्व-गणना और 1 दिसंबर से एक माह तक हाउस-टू-हाउस विजिट होगी।
जनगणना में व्यवसाय, आय स्रोत, मकान की स्थिति जैसे सामाजिक-आर्थिक संकेतक एकत्र किए जाएँगे।
छठ पर्व पर गंगा के सभी महत्वपूर्ण घाटों पर फ्लोटिंग बैरियर, बैरिकेडिंग और स्थायी गोताखोरों की तैनाती होगी।
पिछले वर्ष छठ के दौरान लगभग 8 लोगों की मृत्यु डूबने से हुई थी; इस बार विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
गाजीपुर में गंगा लगभग 95 किलोमीटर तक बहती है, जिससे व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम अनिवार्य हो जाते हैं।

गाजीपुर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने 31 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि आगामी जनगणना का नागरिकता से कोई संबंध नहीं है और इसे केवल जनसंख्या की गिनती के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर से 30 नवंबर तक स्व-गणना और इसके बाद 1 दिसंबर से अगले एक माह तक घर-घर जाकर जानकारी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने छठ पर्व के मद्देनज़र गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी दी।

जनगणना को लेकर भ्रांतियाँ और डीएम का स्पष्टीकरण

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय कार्य है जो सेंसस एक्ट के अंतर्गत कराया जाता है। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि इस प्रक्रिया को किसी भी प्रकार से नागरिकता से न जोड़ा जाए। यह केवल हेड काउंट का कार्यक्रम है, जिससे सरकार अपनी आर्थिक और सामाजिक नीतियाँ अधिक प्रभावी ढंग से बना सके।

उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में व्यक्ति का व्यवसाय, आय के स्रोत, मकान पक्का है या कच्चा — जैसे सामाजिक और आर्थिक संकेतकों से जुड़े आँकड़े एकत्र किए जाते हैं। इन्हीं आँकड़ों के आधार पर सरकार जनकल्याणकारी योजनाएँ तैयार करती है।

गणनाकारों का प्रशिक्षण और जनगणना की समयसीमा

डीएम ने जानकारी दी कि वर्तमान में गाजीपुर की प्रत्येक तहसील में गणनाकारों का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है। इन एन्यूमरेटरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जहाँ भी जाएँ, लोगों को जनगणना की सही जानकारी दें ताकि किसी प्रकार की भ्रांति न रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे दिन चलता है और उसमें भोजन व पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

गणना की समयसीमा के अनुसार, 15 नवंबर से 30 नवंबर 2026 के बीच नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 1 दिसंबर से अगले एक माह तक प्रशिक्षित गणनाकार घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

छठ पर्व पर गंगा घाटों की सुरक्षा व्यवस्था

छठ पर्व के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीएम अनुपम शुक्ला ने बताया कि सभी महत्वपूर्ण गंगा घाटों पर फ्लोटिंग बैरियर, बैरिकेडिंग और गोताखोरों की स्थायी तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष डूबने से लगभग आठ लोगों की मृत्यु हुई थी और हाल ही में भी ऐसी घटनाएँ हुई हैं — इसलिए इस बार विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

गोताखोरों के मोबाइल नंबर संबंधित घाटों पर प्रदर्शित किए जाएँगे ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। डीएम ने यह भी स्वीकार किया कि कई बार बचाव दल को पहुँचने में देरी के कारण जानें नहीं बचाई जा सकीं — इस कमी को दूर करने के लिए घाटों पर स्थायी गोताखोर तैनात रहेंगे।

गाजीपुर में गंगा की लंबाई और सुरक्षा की चुनौती

जनपद गाजीपुर में लगभग 95 किलोमीटर तक गंगा नदी बहती है, जो व्यापक सुरक्षा व्यवस्था को अनिवार्य बनाती है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब छठ पर्व के दौरान लाखों श्रद्धालु घाटों पर एकत्र होते हैं। प्रशासन ने उन स्थानों की पहचान की है जहाँ पहले क्षति हुई है और वहाँ मरम्मत तथा सुदृढ़ व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने नाविकों और गोताखोरों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती जागरूकता को जमीनी स्तर तक पहुँचाना है जहाँ सोशल मीडिया पर फैली भ्रांतियाँ अभी भी गहरी हैं। छठ सुरक्षा के मोर्चे पर, पिछले वर्ष आठ मौतों के बाद प्रशासन की सक्रियता स्वागतयोग्य है — पर 95 किलोमीटर लंबे गंगा तट पर स्थायी गोताखोरों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करना एक बड़ी प्रशासनिक परीक्षा होगी।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजीपुर में जनगणना 2026 कब से शुरू होगी?
गाजीपुर में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में होगी — 15 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करेंगे (स्व-गणना), और 1 दिसंबर से अगले एक माह तक प्रशिक्षित गणनाकार घर-घर जाकर आँकड़े एकत्र करेंगे।
क्या जनगणना में भाग लेने से नागरिकता पर असर पड़ेगा?
नहीं। गाजीपुर के डीएम अनुपम शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती है और इसका नागरिकता से कोई संबंध नहीं है। यह सेंसस एक्ट के तहत कराई जाने वाली एक राष्ट्रीय प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं को बेहतर बनाना है।
जनगणना में कौन-सी जानकारी माँगी जाएगी?
जनगणना में व्यक्ति का व्यवसाय, आय के स्रोत, मकान पक्का है या कच्चा — जैसे सामाजिक और आर्थिक संकेतकों से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इन आँकड़ों का उपयोग सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से तैयार करने में करती है।
छठ पर्व पर गाजीपुर के गंगा घाटों पर क्या सुरक्षा इंतज़ाम होंगे?
डीएम अनुपम शुक्ला के अनुसार, सभी महत्वपूर्ण गंगा घाटों पर फ्लोटिंग बैरियर, बैरिकेडिंग और स्थायी गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। गोताखोरों के मोबाइल नंबर भी घाटों पर प्रदर्शित किए जाएँगे ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।
गाजीपुर में पिछले वर्ष छठ पर कितने लोगों की मृत्यु हुई थी?
डीएम अनुपम शुक्ला के अनुसार, पिछले वर्ष छठ पर्व के दौरान गाजीपुर में डूबने के कारण लगभग आठ लोगों की मृत्यु हुई थी। इसी के मद्देनज़र इस वर्ष घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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