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गोमुखासन से गर्दन-पीठ दर्द में राहत, आयुष मंत्रालय ने बताया सही तरीका

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गोमुखासन से गर्दन-पीठ दर्द में राहत, आयुष मंत्रालय ने बताया सही तरीका

सारांश

योग दिवस से 15 दिन पहले आयुष मंत्रालय ने गोमुखासन को गर्दन, पीठ और कंधों की तकलीफ के लिए सबसे सुलभ उपाय बताया है। रोज़ाना 10-15 मिनट का यह अभ्यास सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस और फ्रोजन शोल्डर में भी राहत दे सकता है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 21 जून 2025 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले गोमुखासन की अनुशंसा की।
यह आसन गर्दन दर्द, फ्रोजन शोल्डर और सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस में कारगर बताया गया है।
अभ्यास की शुरुआत 30 सेकंड से करें और धीरे-धीरे 1-2 मिनट तक बढ़ाएं।
रोज़ाना 10-15 मिनट के अभ्यास से लचीलापन, माँसपेशियों की मज़बूती और बेहतर पोस्चर मिलता है।
बच्चे, युवा और बुज़ुर्ग — सभी इसे कर सकते हैं; गंभीर बीमारी में डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह ज़रूरी।

आयुष मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 से पहले गोमुखासन को गर्दन, पीठ और कंधों की अकड़न दूर करने के लिए एक प्रभावी और सुलभ योगाभ्यास के रूप में अनुशंसित किया है। 21 जून को मनाए जाने वाले योग दिवस से महज 15 दिन पहले जारी इस सलाह में मंत्रालय ने इस आसन की चरण-दर-चरण विधि भी साझा की है।

गोमुखासन क्या है और यह नाम क्यों पड़ा

गोमुखासन में घुटनों और पैरों की स्थिति गाय के मुंह जैसी दिखती है, इसीलिए इसे यह नाम मिला है। यह आसन मुख्य रूप से कंधों, पीठ, गर्दन और पैरों की माँसपेशियों पर काम करता है। शुरुआती अभ्यासकर्ता भी इसे अपेक्षाकृत आसानी से सीख सकते हैं।

अभ्यास की सही विधि

आयुष मंत्रालय के अनुसार गोमुखासन करने के लिए सबसे पहले फर्श पर आराम से बैठ जाएं। बाएं पैर को मोड़कर दाएं कूल्हे के पास रखें और दाएं पैर को मोड़कर बाएं पैर के ऊपर इस प्रकार रखें कि दोनों घुटने एक-दूसरे के ऊपर आ जाएं।

इसके बाद दाएं हाथ को पीछे से कमर की ओर ले जाएं और बाएं हाथ को ऊपर से कमर की दिशा में लाएं। दोनों हाथों की उंगलियाँ एक-दूसरे को पकड़ने का प्रयास करें। रीढ़ सीधी रखते हुए 30 सेकंड से शुरू करें और धीरे-धीरे 1 से 2 मिनट तक अभ्यास बढ़ाएं। श्वास सामान्य बनाए रखें, फिर पैर और हाथ बदलकर दूसरी ओर दोहराएं।

स्वास्थ्य लाभ

मंत्रालय के अनुसार नियमित अभ्यास से फ्रोजन शोल्डर, गर्दन का दर्द और सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। पीठ और बाइसेप्स की माँसपेशियाँ मज़बूत होती हैं, पैरों की ऐंठन कम होती है और शरीर का लचीलापन बढ़ता है।

इसके अतिरिक्त रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है, जिससे श्वास-संबंधी समस्याओं में भी सुधार देखा गया है। रोज़ाना 10 से 15 मिनट के अभ्यास से शरीर में स्थिरता और मन में शांति आती है।

किसे और कब करना चाहिए

यह आसन बच्चों, युवाओं और बुज़ुर्गों — सभी आयु वर्गों के लिए उपयुक्त है। इसे सुबह खाली पेट या शाम को हल्के भोजन के बाद किया जा सकता है। गंभीर शारीरिक समस्या होने पर किसी चिकित्सक या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है।

योग दिवस की तैयारी

यह ऐसे समय में आया है जब 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियाँ पूरे देश में ज़ोर पकड़ रही हैं। आयुष मंत्रालय इस वर्ष सरल किंतु प्रभावशाली आसनों को बढ़ावा देने पर ज़ोर दे रहा है, ताकि व्यस्त दिनचर्या में भी लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन योग दिवस के इर्द-गिर्द जारी होने वाली ऐसी अनुशंसाएं अक्सर उत्सव के बाद लोगों की दिनचर्या से गायब हो जाती हैं। असली चुनौती यह है कि क्या मंत्रालय केवल आसन का प्रचार करता है या नियमित अभ्यास को मापने योग्य सार्वजनिक स्वास्थ्य लक्ष्यों से जोड़ता है। गर्दन और पीठ दर्द शहरी कामकाजी आबादी की बढ़ती समस्या है, जिसमें गोमुखासन जैसे सरल आसन वाकई उपयोगी हो सकते हैं — बशर्ते अभ्यास साल के 365 दिन हो, सिर्फ 21 जून को नहीं।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोमुखासन क्या है और इसके क्या फायदे हैं?
गोमुखासन एक पारंपरिक योगासन है जिसमें घुटनों और पैरों की स्थिति गाय के मुंह जैसी दिखती है। यह कंधों, गर्दन, पीठ और पैरों की माँसपेशियों को खींचता और मज़बूत करता है, पोस्चर सुधारता है और सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस व फ्रोजन शोल्डर में राहत देता है।
गोमुखासन कैसे करें — सही तरीका क्या है?
फर्श पर बैठकर बाएं पैर को दाएं कूल्हे के पास और दाएं पैर को बाएं के ऊपर रखें ताकि घुटने एक-दूसरे के ऊपर आएं। दाएं हाथ को पीछे से और बाएं हाथ को ऊपर से कमर की ओर लाकर उंगलियाँ मिलाने की कोशिश करें। 30 सेकंड से शुरू कर धीरे-धीरे 1-2 मिनट तक रहें, फिर पक्ष बदलें।
गोमुखासन किसे नहीं करना चाहिए?
जिन्हें गंभीर जोड़ों की बीमारी, कंधे या घुटने में हाल की चोट हो, उन्हें यह आसन बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए। आयुष मंत्रालय की सलाह है कि किसी भी गंभीर शारीरिक समस्या में डॉक्टर या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ से परामर्श ज़रूरी है।
गोमुखासन कब और कितनी देर करना चाहिए?
इसे सुबह खाली पेट या शाम को हल्के भोजन के बाद किया जा सकता है। रोज़ाना 10 से 15 मिनट के अभ्यास से शरीर में मज़बूती और स्थिरता आती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 कब है और आयुष मंत्रालय क्या कर रहा है?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को मनाया जाएगा। आयुष मंत्रालय इस अवसर पर गोमुखासन जैसे सरल और प्रभावी आसनों को बढ़ावा दे रहा है, ताकि व्यस्त जीवनशैली में भी लोग योग को अपनाएं।
राष्ट्र प्रेस
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