₹42.50 लाख करोड़ की 1,987 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर केंद्र की नजर, 51% से अधिक खर्च पूरा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 25 जून 2026 को जानकारी दी कि मई 2026 तक देशभर में 17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के अंतर्गत कुल 1,987 बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की सक्रिय निगरानी की जा रही है, जिनकी संशोधित कुल लागत ₹42.50 लाख करोड़ है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के आँकड़ों के अनुसार, इन परियोजनाओं पर अब तक ₹21.82 लाख करोड़ — यानी कुल संशोधित लागत का लगभग 51.34 प्रतिशत — खर्च किया जा चुका है।
परियोजनाओं का वर्गीकरण और प्रगति
MoSPI के अनुसार, निगरानी में शामिल 1,987 परियोजनाओं में से 813 मेगा परियोजनाएँ हैं, जिनकी प्रत्येक की लागत ₹1,000 करोड़ या उससे अधिक है और इनकी मूल संयुक्त लागत ₹31.58 लाख करोड़ है। शेष 1,174 प्रमुख परियोजनाएँ ₹150 करोड़ से ₹1,000 करोड़ से कम की श्रेणी में आती हैं, जिनकी कुल लागत ₹5.52 लाख करोड़ है।
भौतिक प्रगति के लिहाज़ से 817 परियोजनाओं (41 प्रतिशत) में 80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है, जबकि 280 परियोजनाओं (14 प्रतिशत) में वित्तीय प्रगति भी 80 प्रतिशत से ऊपर दर्ज की गई है। मंत्रालय ने बताया कि अंतिम चरण की परियोजनाओं में भौतिक प्रगति वित्तीय प्रगति से आगे है, जबकि प्रारंभिक चरण में प्रारंभिक पूँजी निवेश के कारण वित्तीय खर्च अपेक्षाकृत अधिक दिखता है।
परिवहन और लॉजिस्टिक्स अग्रणी
क्षेत्रवार देखें तो परिवहन और लॉजिस्टिक्स सबसे बड़ा हिस्सेदार है, जिसमें 1,476 परियोजनाएँ चल रही हैं और उनकी संशोधित लागत ₹23.50 लाख करोड़ है। यह आँकड़ा स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार कनेक्टिविटी-आधारित विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
मंत्रालय-स्तरीय आँकड़ों के अनुसार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) सबसे अधिक 1,149 परियोजनाओं को कार्यान्वित कर रहा है, जिनकी कुल संशोधित लागत ₹10.95 लाख करोड़ है — यह कुल परियोजना लागत का लगभग 26 प्रतिशत है। रेल मंत्रालय 261 परियोजनाओं पर कार्यरत है, जिनकी संशोधित लागत ₹8.79 लाख करोड़ (कुल का लगभग 21 प्रतिशत) है।
अन्य मंत्रालयों की हिस्सेदारी
कोयला मंत्रालय के तहत 121 परियोजनाएँ चल रही हैं, जिनकी लागत ₹2.23 लाख करोड़ (5 प्रतिशत) है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय 109 परियोजनाओं (₹5.14 लाख करोड़), विद्युत मंत्रालय 101 परियोजनाओं (₹5.77 लाख करोड़), आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय 50 परियोजनाओं (₹3.65 लाख करोड़), और जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग 40 परियोजनाओं (₹2.04 लाख करोड़) को क्रियान्वित कर रहे हैं।
PAYMALA प्लेटफॉर्म से डेटा-आधारित निगरानी
MoSPI अपने PAYMALA (पैमाला) प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन सभी केंद्रीय क्षेत्र की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की रीयल-टाइम निगरानी करता है। यह प्लेटफॉर्म समय पर समीक्षा, प्रगति ट्रैकिंग और डेटा-आधारित निर्णय-प्रक्रिया को सक्षम बनाता है। गौरतलब है कि परियोजनाओं का एक बड़ा हिस्सा एक साथ शुरुआती (0–20 प्रतिशत) और अंतिम (81–100 प्रतिशत) चरणों में है, जो एक मजबूत पाइपलाइन और निकट भविष्य में परियोजनाओं के पूरा होने का संकेत देता है। आने वाले महीनों में पूर्णता की गति और बढ़ने की उम्मीद है।