गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने मेहसाना में अवैध खनन और पाटन में आवास घोटाले की जांच के आदेश दिए
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 27 अगस्त 2026 को मेहसाना जिले के काडा गांव में गौचर भूमि पर कथित अवैध खनन के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए। साथ ही, उन्होंने पाटन जिले में सरकारी आवास योजना के अंतर्गत आवंटित मकानों को कथित तौर पर अवैध रूप से किराए पर देने की जांच के भी आदेश दिए। ये दोनों निर्देश अगस्त माह के राज्यव्यापी स्वागत ऑनलाइन शिकायत निवारण कार्यक्रम के दौरान दिए गए।
मेहसाना में गौचर भूमि पर अवैध खनन
मेहसाना जिले के काडा गांव से प्राप्त शिकायत में गौचर भूमि — जो पशुचारण के लिए आरक्षित सामुदायिक भूमि होती है — पर अवैध खनन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। मुख्यमंत्री पटेल ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और भूविज्ञान एवं खनन आयुक्त को तत्काल और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि गौचर भूमि पर खनन न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ग्रामीण समुदायों की आजीविका को भी सीधे प्रभावित करता है।
पाटन में आवास योजना के तहत अवैध किराएदारी
पाटन जिले से एक अलग शिकायत में आरोप लगाया गया कि सरकारी आवास योजना के लाभार्थी आवंटित मकानों को अनधिकृत रूप से किराए पर दे रहे हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई है। पटेल ने जिला कलेक्टर को उचित जांच करने और निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश दिया।
स्वागत कार्यक्रम: नागरिक शिकायतों का सीधा मंच
हर माह के चौथे गुरुवार को आयोजित होने वाला स्वागत कार्यक्रम नागरिकों को अपनी अनसुलझी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का अवसर देता है। अगस्त के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय में 171 से अधिक शिकायतकर्ता उपस्थित हुए। गांधीनगर, अरावली, अहमदाबाद, गिर सोमनाथ, साबरकांठा और वाव-थराद जिलों के नागरिकों ने विविध शिकायतें प्रस्तुत कीं।
इस माह दर्ज शिकायतों का आंकड़ा
आंकड़ों के अनुसार, इस माह के स्वागत कार्यक्रम के विभिन्न स्तरों पर कुल 5,313 शिकायतें दर्ज की गईं — जिनमें जिला स्वागत कार्यक्रम की 2,285 और तालुका स्वागत कार्यक्रम की 3,028 शिकायतें शामिल हैं। पटेल ने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रत्येक मामले का समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि नागरिकों को अनावश्यक प्रशासनिक देरी का सामना न करना पड़े।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इस अवसर पर अतिरिक्त प्रधान सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. विक्रांत पांडे, विशेष कर्तव्य अधिकारी धीरज पारेख और राकेश व्यास, संबंधित जिलों के कलेक्टर तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आगे देखना यह होगा कि मेहसाना और पाटन में जांच के क्या परिणाम सामने आते हैं और क्या दोषियों पर कार्रवाई समय पर पूरी होती है।