गुलजार-ए-रजा फंडिंग स्कैंडल: एटीएस ने शुरू की जांच, चार खातों की रकम फ्रीज
सारांश
Key Takeaways
- गुलजार-ए-रजा फंडिंग मामले में एटीएस ने चार खातों की रकम फ्रीज की।
- आर्थिक लेन-देन की जांच जारी है।
- पिछले चार वर्षों में 18,573 दानदाताओं ने फंडिंग की।
- विदेशों की विवादित संस्थाओं से फंडिंग की जानकारी मिली।
- जांच के नए पहलू सामने आ रहे हैं, जिससे स्थिति जटिल हो रही है।
मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में ‘गुलजार-ए-रजा’ फंडिंग मामले में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘दावते इस्लामी’ नाम की एक अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा इस संगठन से संबंधित एक खाते में लगभग 25 लाख रुपए जमा किए गए थे। एटीएस इस मामले की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिसके आधार पर अब तक चार खातों को फ्रीज कर दिया गया है। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि कुछ धनराशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर निकाली गई थी, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में 18,573 दानदाताओं ने चार जिलों में रखे गए लगभग 400 ड्रॉप बॉक्स के माध्यम से यह फंड जुटाया। हालांकि, सभी दानदाताओं की जानकारी पूरी तरह से उपलब्ध नहीं हो सकी है। जिन लोगों ने चेक या अन्य माध्यमों से धन दिया है, उनकी पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है, ताकि फंडिंग के स्रोतों की पुष्टि की जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले में एक नया पहलू सामने आने पर एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने समानांतर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई गई है कि ‘गुलजार-ए-रजा’ के माध्यम से जमा किए गए लगभग चार करोड़ रुपए का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, जिसकी गहन जांच चल रही है।
फडणवीस ने आगे कहा कि विदेशों की कुछ विवादित संस्थाओं से फंडिंग की जानकारी मिलने के बाद संबंधित सभी खातों को सील कर दिया गया है। अब तक हुए सभी वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि धन का उपयोग किन-किन गतिविधियों में किया गया। एटीएस भी इस मामले के अन्य पहलुओं पर अलग से जांच कर रही है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।