10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हज-उमरा के नाम पर ₹46 लाख की ठगी करने वाला बीटेक आरोपी गिरफ्तार, नोएडा साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हज-उमरा के नाम पर ₹46 लाख की ठगी करने वाला बीटेक आरोपी गिरफ्तार, नोएडा साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

सारांश

हज और उमरा के नाम पर सस्ते पैकेज का झाँसा देकर 6 राज्यों में ₹46 लाख की ठगी करने वाले बीटेक पास आरोपी तसलीम साद को नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट से गिरफ्तार किया। 10 सिम कार्ड और ग्राहक डेटा डायरी बरामद; नेटवर्क की जाँच जारी।

मुख्य बातें

नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने 24 जून 2026 को तसलीम साद को ग्रेटर नोएडा वेस्ट से गिरफ्तार किया।
आरोपी बीटेक (EC) शिक्षित है और हज-उमरा के सस्ते पैकेज का लालच देकर एडवांस वसूलता था।
जाँच में अब तक ₹46 लाख की साइबर धोखाधड़ी सामने आई; 6 राज्यों में 9 शिकायतें दर्ज।
बरामदगी में 2 मोबाइल फोन , 10 सिम कार्ड , 2 एटीएम कार्ड , प्रचार बैनर और डेटा डायरी शामिल।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की — केवल सरकारी मान्यता प्राप्त एजेंसियों से बुकिंग कराएँ और ठगी होने पर 1930 पर कॉल करें।

नोएडा साइबर क्राइम पुलिस, गौतमबुद्धनगर ने 24 जून 2026 को एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया, जो हज और उमरा यात्रा के नाम पर सस्ते पैकेज का लालच देकर देशभर में लोगों से ₹46 लाख से अधिक की धोखाधड़ी कर चुका था। आरोपी को ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर दबोचा गया।

आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार आरोपी की पहचान तसलीम साद, पुत्र जाकिर हुसैन, निवासी कृष्णा एन्कलेव, थाना बारादरी, बरेली के रूप में हुई है। 35 वर्षीय तसलीम बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन) शिक्षित है और अपनी तकनीकी दक्षता का दुरुपयोग कर पीड़ितों को जाल में फँसाता था। यह ऐसे समय में आया है जब हज सीजन के दौरान धार्मिक यात्रा के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

ठगी का तरीका

पुलिस जाँच के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया, फोन कॉल और अन्य डिजिटल माध्यमों से संभावित पीड़ितों से संपर्क करता था। वह हज और उमरा के लिए अत्यंत सस्ते पैकेज उपलब्ध कराने का दावा करते हुए एडवांस भुगतान करवा लेता था और रकम मिलते ही संपर्क तोड़ लेता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ दिल्ली, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में कुल 9 शिकायतें दर्ज हैं। जाँच में अब तक ₹46 लाख की साइबर धोखाधड़ी सामने आई है, हालाँकि अधिकारियों को आशंका है कि वास्तविक रकम और पीड़ितों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।

बरामद सामग्री

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2 मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड, 2 एटीएम कार्ड, एक प्रचार बैनर और ग्राहकों का विवरण दर्ज डेटा डायरी बरामद की है। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी के नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की भी जाँच कर रही है।

पुलिस की नागरिकों से अपील

साइबर क्राइम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि हज, उमरा या किसी भी धार्मिक यात्रा की बुकिंग केवल सरकारी मान्यता प्राप्त ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से ही कराएँ। अज्ञात कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया पर आने वाले आकर्षक ऑफर से सतर्क रहें और किसी भी एजेंसी को भुगतान से पहले उसकी वैधता की जाँच अवश्य करें। साथ ही बैंकिंग जानकारी, पासपोर्ट विवरण और ओटीपी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।

साइबर ठगी का शिकार होने पर क्या करें

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएँ अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें। जाँच अधिकारियों के अनुसार, जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, धनराशि वापसी की संभावना उतनी अधिक रहती है। आरोपी के नेटवर्क की गहन जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित ढाँचे का मामला हो सकता है — जिसकी जाँच अभी बाकी है। जब तक केवल गिरफ्तारी पर ज़ोर रहेगा और नेटवर्क की जड़ें नहीं काटी जाएँगी, ऐसे मामले हर हज सीजन में दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में हज-उमरा ठगी के आरोपी को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
आरोपी तसलीम साद को नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र से गिरफ्तार किया। वह मूल रूप से बरेली के कृष्णा एन्कलेव का निवासी है।
तसलीम साद ने कितने रुपए की ठगी की और कितने राज्यों में शिकायतें हैं?
जाँच में अब तक लगभग ₹46 लाख की साइबर धोखाधड़ी सामने आई है। दिल्ली, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित 6 राज्यों में कुल 9 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस को आशंका है कि वास्तविक रकम और पीड़ितों की संख्या इससे अधिक हो सकती है।
आरोपी ठगी के लिए किस तरीके का इस्तेमाल करता था?
आरोपी सोशल मीडिया, फोन कॉल और अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों को हज और उमरा के सस्ते पैकेज का लालच देता था। एडवांस भुगतान मिलते ही वह संपर्क तोड़ लेता था। बीटेक (EC) शिक्षित होने के कारण वह तकनीकी जानकारी का कुशलता से दुरुपयोग करता था।
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
पुलिस की सलाह है कि धार्मिक यात्रा की बुकिंग केवल सरकारी मान्यता प्राप्त ट्रैवल एजेंसियों से कराएँ। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी, पासपोर्ट विवरण या ओटीपी साझा न करें और सस्ते ऑफर या तत्काल वीजा के दावों से सतर्क रहें।
साइबर ठगी का शिकार होने पर कहाँ शिकायत करें?
ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएँ। जितनी जल्दी शिकायत होगी, धनराशि वापसी की संभावना उतनी अधिक रहती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले