26 अक्टूबर 2026
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हन्नान मोल्लाह का खड़गे का बचाव: 'बुजुर्ग को गुस्सा आया, भाजपा को बस मुद्दा चाहिए'

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हन्नान मोल्लाह का खड़गे का बचाव: 'बुजुर्ग को गुस्सा आया, भाजपा को बस मुद्दा चाहिए'

सारांश

सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता हन्नान मोल्लाह ने खड़गे के विवादित बयान को बोलचाल की स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताया और कहा कि भाजपा को बस एक मुद्दा चाहिए था। साथ ही उन्होंने ज्ञानेश कुमार विवाद, राहुल गांधी के मानहानि मामले और चुनावी तकनीक पर भी तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने 26 अक्टूबर 2026 को मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादित बयान का बचाव किया, इसे बैठक में व्यवधान की स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताया।
मोल्लाह ने कहा कि BJP को विपक्ष के खिलाफ मुद्दा चाहिए था, इसलिए वह 'दो-तीन दिन शोर मचाएगी।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए 40,000-50,000 जवान तैनात कर रही है और छात्रों को पीट रही है।
राहुल गांधी के मानहानि मामले में अदालत के फैसले को उन्होंने 'पहले से अनुमानित' बताया।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे दुर्घटना की जाँच की माँग की; चुनावी तकनीक में हेरफेर के भी आरोप लगाए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता हन्नान मोल्लाह ने 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादित बयान का खुलकर बचाव किया। मोल्लाह ने कहा कि बैठक में बाधा डाले जाने के कारण एक बुजुर्ग व्यक्ति की स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी और इसे अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस मुद्दे को विपक्ष को घेरने के लिए जानबूझकर हवा दे रही है।

मुख्य घटनाक्रम

सीपीआई (एम) नेता मोल्लाह ने स्पष्ट किया, 'जब कोई बोल रहा हो और बैठक में कोई बाधा डालकर हंगामा करे, तो कभी-कभी ऐसी स्थिति बन जाती है। किसी सभा में लोगों को बीच में रोकना और व्यवधान उत्पन्न करना सही तरीका नहीं है। इसी वजह से बुजुर्ग व्यक्ति को गुस्सा आ गया।' उन्होंने जोड़ा कि बोलचाल में लोग कई तरह की बातें कह देते हैं और यह कोई असाधारण घटना नहीं है।

मोल्लाह ने सीधे शब्दों में कहा कि BJP को विपक्ष के विरुद्ध मुद्दों की तलाश रहती है और इस बार उन्हें एक मौका मिल गया है। उनके अनुसार, 'वे दो-तीन दिन तक इस पर शोर मचाएंगे, यही उनका स्वभाव है।'

ज्ञानेश कुमार विवाद और सुरक्षा तैनाती पर सवाल

मोल्लाह ने एक अलग प्रसंग में कहा कि सरकार कथित तौर पर ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए एक 'भ्रष्ट व्यक्ति' की रक्षा में 40,000 से 50,000 जवान तैनात कर रही है, जबकि अपनी जायज माँगें उठा रहे छात्रों को पीटा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, 'हमने तो सीमा पर भी इतनी तैनाती नहीं देखी। अरुणाचल में कुछ हो रहा है और सरकार हड़बड़ी में है।' यह टिप्पणी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।

गौरतलब है कि मोल्लाह के ये आरोप अपुष्ट हैं और सरकार ने इन पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

राहुल गांधी के मानहानि मामले पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मानहानि मामले में अदालत के फैसले पर मोल्लाह ने कहा कि परिणाम पहले से अनुमानित था। उनका तर्क था कि BJP द्वारा विपक्ष के विरुद्ध दर्ज अधिकांश मामले — चाहे एफआईआर हों, औपचारिक मुकदमे हों या आयकर से जुड़े मामले — 'समय के साथ झूठे साबित हुए हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल दोहरे मानदंड अपनाता है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कठोर बयानों पर कोई कार्रवाई नहीं होती, लेकिन विपक्ष के किसी नेता के बोलने पर तुरंत अदालत का दरवाज़ा खटखटाया जाता है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे दुर्घटना और चुनावी तकनीक विवाद

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुई दुर्घटना पर मोल्लाह ने कहा कि जाँच से स्पष्ट होगा कि यह घटना वास्तविक दुर्घटना थी या किसी साजिश का नतीजा। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में तकनीकी हेरफेर के भी आरोप लगाए और कहा कि चुनाव आयोग की एक महिला अधिकारी पर ऐसी तकनीक विकसित करने के आरोप हैं जिसका उपयोग केवल मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जा सकता था। मोल्लाह के अनुसार, 'मतदान का अधिकार देने के बजाय उसे छीनने के लिए इस तकनीक का उपयोग हुआ — इसका उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट प्रतीत होता है।' ये आरोप उनके अपने हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

आगे क्या

खड़गे के बयान पर राजनीतिक विवाद अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। BJP ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जबकि विपक्षी गठबंधन INDIA के घटक दलों ने खड़गे का बचाव करने का रुख अपनाया है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच यह तकरार संसद के अगले सत्र की बहस की भूमिका तैयार कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विपक्ष की असली चुनौती यह है कि वह अपने शीर्ष नेतृत्व की जवाबदेही और एकजुटता के बीच संतुलन बनाए। ज्ञानेश कुमार पर मोल्लाह के 40,000 जवानों वाले आरोप संख्यात्मक रूप से असत्यापित हैं, लेकिन वे सत्तारूढ़ पक्ष की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हैं जिनका जवाब सरकार को देना चाहिए। चुनावी रोल से नाम हटाने की तकनीक वाला आरोप सबसे गंभीर है — इसकी स्वतंत्र जाँच की माँग जायज है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हन्नान मोल्लाह ने मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान का बचाव क्यों किया?
मोल्लाह ने कहा कि बैठक में व्यवधान के कारण एक बुजुर्ग व्यक्ति को स्वाभाविक रूप से गुस्सा आ गया और बोलचाल में ऐसी बातें हो जाती हैं। उनके अनुसार यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है।
हन्नान मोल्लाह का भाजपा पर क्या आरोप है?
मोल्लाह ने कहा कि भाजपा को विपक्ष के विरुद्ध कोई न कोई मुद्दा चाहिए होता है, इसलिए वह इस विवाद को दो-तीन दिन तक उठाएगी। उनके अनुसार यह पार्टी का स्वभाव है।
राहुल गांधी के मानहानि मामले पर मोल्लाह ने क्या कहा?
मोल्लाह ने कहा कि अदालत का फैसला पहले से अनुमानित था क्योंकि भाजपा द्वारा विपक्ष पर लगाए गए अधिकांश आरोप समय के साथ झूठे साबित हुए हैं। उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप भी लगाया।
ज्ञानेश कुमार और 40,000 जवानों के तैनाती के आरोप क्या हैं?
मोल्लाह ने आरोप लगाया कि सरकार कथित तौर पर ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए 40,000 से 50,000 जवान तैनात कर रही है और अपनी माँगें उठाने वाले छात्रों पर बल प्रयोग कर रही है। ये आरोप उनके अपने हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे दुर्घटना पर मोल्लाह का क्या रुख है?
मोल्लाह ने माँग की कि जाँच से स्पष्ट किया जाए कि यह वास्तविक दुर्घटना थी या कोई साजिश। उन्होंने कहा कि लोगों को सच्चाई जानने का हक है।
राष्ट्र प्रेस
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