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हस्तशिल्प विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में काम जारी: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बड़ा ऐलान

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हस्तशिल्प विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में काम जारी: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बड़ा ऐलान

सारांश

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का ऐलान — UP में हस्तशिल्प विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में काम जारी है। 13 जिलों के बुनकरों की प्रदर्शनी, 17 शिल्पियों को डी.लिट., और पूर्वांचल की 2,500 'ग्रीन आर्मी' महिलाएं — परंपरा और आजीविका को जोड़ने की बड़ी कोशिश।

मुख्य बातें

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर उत्तर प्रदेश में हस्तशिल्प विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में कार्य जारी होने की पुष्टि की।
नाबार्ड के सहयोग से 13 जिलों के बुनकरों और शिल्पकारों की हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी जनभवन, लखनऊ में आयोजित हुई।
प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अब तक 17 हस्तशिल्पियों को डी.लिट.
की मानद उपाधि दी जा चुकी है।
पूर्वांचल में 'ग्रीन आर्मी' की लगभग 2,500 महिलाएं परित्यक्त वस्त्रों से उत्पाद बनाकर आजीविका कमा रही हैं।
'क्राफ्ट्स रूट्स' संस्था देशभर में 75 हजार महिलाओं को हस्तशिल्प और स्वरोजगार से जोड़ रही है; विदेशी विद्यार्थी भी इंटर्नशिप के लिए आते हैं।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर घोषणा की कि प्रदेश में हस्तशिल्प विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के माध्यम से बुनकरों, शिल्पकारों और उनके परिवारों को शिक्षा, कौशल विकास तथा रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। राजभवन स्थित जनभवन, लखनऊ में आयोजित इस समारोह में उन्होंने प्रदेश के 13 जिलों के बुनकरों और शिल्पकारों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

मुख्य घटनाक्रम

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नाबार्ड के सहयोग से आयोजित हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी में बागपत, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर, बाराबंकी, आजमगढ़, कानपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद, लखीमपुर खीरी, बिजनौर, हापुड़ और उन्नाव के कारीगरों की कृतियों का अवलोकन किया। उन्होंने हस्तनिर्मित वस्त्रों और उत्पादों की गुणवत्ता एवं कलात्मकता की सराहना करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही बुनकरों से सीधे संवाद कर उनके उत्पादों के विपणन, बिक्री और आजीविका से जुड़ी चुनौतियों को समझा।

शिल्पकारों को मिली नई पहचान

राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में अब तक 17 हस्तशिल्पियों को डी.लिट. की मानद उपाधि प्रदान की जा चुकी है। यह पहल स्थानीय शिल्प को शैक्षणिक मान्यता दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि 'क्राफ्ट्स रूट्स' संस्था कारीगरों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्यरत है।

पूर्वांचल की 'ग्रीन आर्मी' की भूमिका

आनंदीबेन पटेल ने बताया कि पूर्वांचल में 'ग्रीन आर्मी' से जुड़ी लगभग 2,500 महिलाएं परित्यक्त वस्त्रों से बैग और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन महिलाओं को सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे उनकी आय और उत्पादों की बिक्री दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण का भी उदाहरण बन रही है।

क्राफ्ट्स रूट्स संस्था का योगदान

समारोह में 'क्राफ्ट्स रूट्स' की संस्थापक अनारबेन पटेल ने बताया कि संस्था के माध्यम से देशभर में लगभग 75 हजार महिलाएं हस्तशिल्प और स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ी हैं। संस्था उन्हें कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ उनके उत्पादों के विपणन और बाजार उपलब्ध कराने में भी सहयोग कर रही है। उल्लेखनीय है कि भारतीय पारंपरिक शिल्प और हस्तकला के अध्ययन के लिए विदेशों से भी विद्यार्थी इस संस्था में इंटर्नशिप करने आते हैं।

आगे की राह

राज्यपाल ने बुनकरों और शिल्पकारों से आह्वान किया कि वे प्रत्येक वर्ष फरवरी के प्रथम सप्ताह में जनभवन में आयोजित पुष्प प्रदर्शनी में भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करें, जिससे उन्हें व्यापक बाजार और अधिक खरीदार मिल सकें। यह ऐसे समय में आया है जब पारंपरिक हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार में अपनी जगह बनाने के लिए संस्थागत समर्थन की सबसे अधिक जरूरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'दिशा में काम जारी है' जैसे अस्पष्ट वाक्यांश समयसीमा और बजट के बारे में ठोस सवाल खड़े करते हैं। उत्तर प्रदेश में बुनकर समुदाय दशकों से संस्थागत उपेक्षा झेलता रहा है — वाराणसी से लेकर भदोही तक। 17 शिल्पकारों को डी.लिट. और 2,500 'ग्रीन आर्मी' महिलाओं की पहल सराहनीय हैं, पर असली कसौटी यह होगी कि विश्वविद्यालय कब तक ज़मीन पर आता है और क्या इसमें बुनकरों के बच्चों के लिए वास्तविक प्रवेश और छात्रवृत्ति का प्रावधान होगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में हस्तशिल्प विश्वविद्यालय कब तक स्थापित होगा?
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 7 अगस्त 2026 को बताया कि हस्तशिल्प विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में कार्य प्रगति पर है, लेकिन अभी तक कोई निश्चित समयसीमा या तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर UP के किन जिलों के बुनकरों ने भाग लिया?
लखनऊ के जनभवन में आयोजित प्रदर्शनी में बागपत, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर, बाराबंकी, आजमगढ़, कानपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद, लखीमपुर खीरी, बिजनौर, हापुड़ और उन्नाव — कुल 13 जिलों के बुनकरों और शिल्पकारों ने भाग लिया। यह आयोजन नाबार्ड के सहयोग से किया गया।
'क्राफ्ट्स रूट्स' संस्था क्या काम करती है?
'क्राफ्ट्स रूट्स' संस्था की स्थापना अनारबेन पटेल ने की है और यह देशभर में लगभग 75 हजार महिलाओं को हस्तशिल्प व स्वरोजगार से जोड़ती है। संस्था कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ उत्पादों के विपणन और बाजार उपलब्ध कराने में भी सहयोग करती है, और विदेशी विद्यार्थी भी यहाँ इंटर्नशिप के लिए आते हैं।
पूर्वांचल की 'ग्रीन आर्मी' क्या है और इससे महिलाओं को क्या फायदा हो रहा है?
'ग्रीन आर्मी' पूर्वांचल में सक्रिय लगभग 2,500 महिलाओं का एक समूह है जो परित्यक्त वस्त्रों से बैग और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार करती हैं। इन्हें सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे उनकी आय और उत्पादों की बिक्री दोनों में वृद्धि हुई है।
हस्तशिल्पकारों को डी.लिट. की मानद उपाधि देने का क्या महत्व है?
उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में अब तक 17 हस्तशिल्पियों को डी.लिट. की मानद उपाधि दी जा चुकी है। यह पहल पारंपरिक कारीगरों को शैक्षणिक मान्यता और सामाजिक सम्मान दिलाने की दिशा में एक अभिनव कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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