बुलेट ट्रेन हब विवाद: बहादुरगुडा में 650 एकड़ पर फेंसिंग जारी, किसानों से झड़प के बाद पुलिस का कब्जा
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के शमशाबाद स्थित बहादुरगुडा गाँव में 19 जुलाई 2026 को भी तनाव बरकरार रहा, जब अधिकारियों ने प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल हब के लिए चिह्नित 650 एकड़ भूमि पर बाड़ लगाने का काम नहीं रोका। हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (हाइड्रा) ने शनिवार देर रात किसानों का भूख हड़ताल शिविर हटाकर कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच फेंसिंग का कार्य आगे बढ़ाया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस ने बहादुरगुडा गाँव को अपने नियंत्रण में ले लिया है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। शनिवार को जब रेवेन्यू डिपार्टमेंट और हाइड्रा के कर्मचारियों ने जमीन पर बाड़ लगाना शुरू किया, तो किसानों ने तीखा विरोध किया। कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और मिर्च पाउडर फेंका, जिससे डीसीपी योगेश गौतम और दो सब-इंस्पेक्टर को मामूली चोटें आईं। कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं समेत अनेक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात गाँव की बिजली काट दी गई, बाहरी लोगों को अंदर आने से रोका गया और स्कूल बसों को भी रोके जाने के कारण बच्चों को घर पर रहना पड़ा। हालाँकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
किसानों की माँग और सरकारी रुख
किसानों का कहना है कि वे सालों से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं और अपनी आजीविका के लिए इसी पर निर्भर हैं। उनकी माँग है कि सरकार या तो वैकल्पिक भूमि दे या बाजार दर पर मुआवजा दे। किसान स्वीकार करते हैं कि उनके पास औपचारिक मालिकाना हक नहीं है, लेकिन वे दशकों से यहाँ काबिज हैं।
दूसरी ओर, रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि सर्वे नंबर 25 और 26 में दर्ज 650 एकड़ भूमि सरकारी रिकॉर्ड में सरकारी जमीन है। हाइड्रा ने अपने बयान में कहा कि रियल एस्टेट डेवलपर्स ने इस जमीन को — जो आउटर रिंग रोड से सटी होने के कारण बेशकीमती है — किसानों से कुछ लाख रुपये में हासिल किया था, जबकि इसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये है।
हाइड्रा के अनुसार, जमीन को नियमित करने का एक प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था, जिसे चीफ कमिश्नर ऑफ लैंड एडमिनिस्ट्रेशन ने 2006 में यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वह क्षेत्र एक विकसित जोन है और वहाँ भूमि आवंटन पर प्रतिबंध है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने प्रदर्शनकारी किसानों का समर्थन करते हुए सरकार के भूमि अधिग्रहण का विरोध किया है। बीआरएस नेता पी. कार्तिक रेड्डी को पुलिस ने गाँव की ओर जाते समय रोककर उनके घर के पास हिरासत में ले लिया। यह विरोध ऐसे समय में आया है जब राज्य में भूमि अधिग्रहण को लेकर सियासी तापमान पहले से ऊँचा है।
बुलेट ट्रेन हब की पृष्ठभूमि
केंद्र सरकार ने हाल ही में हैदराबाद को पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है। तेलंगाना राज्य सरकार राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, शमशाबाद के निकट एक बुलेट ट्रेन हब विकसित करने की योजना बना रही है। किसान आठ दिनों से इस परियोजना के विरुद्ध धरना दे रहे थे, जिसे शनिवार देर रात हाइड्रा ने हटवा दिया।
आगे क्या होगा
फिलहाल गाँव में भारी पुलिस बल तैनात है और फेंसिंग का काम जारी है। किसानों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। बीआरएस के हस्तक्षेप के बाद यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना पर्याप्त पुनर्वास नीति के इस तरह के अधिग्रहण भविष्य में और टकराव को जन्म दे सकते हैं।