इंडिया ब्लॉक की बैठक पर BJP सांसदों का हमला: 'विपक्ष में मोदी फोबिया, गठबंधन नहीं अवसरवाद'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई सांसदों ने सोमवार, 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। BJP नेताओं ने एकस्वर में कहा कि विपक्षी दलों को 'मोदी फोबिया' ने जकड़ा हुआ है और यही कारण है कि ये दल बार-बार एकत्रित होते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
BJP सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, 'जनता ने गठबंधन को बैकफुट पर धकेल दिया है और उन्हें नकार दिया है। डीएमके ने पहले कहा था कि कांग्रेस धोखेबाज है। इसी तरह, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी चुनाव हारने के बाद कांग्रेस को धोखेबाज कहा। यह मैं नहीं कह रहा हूँ — उन्होंने खुद एक-दूसरे के बारे में ऐसा कहा है, लेकिन दिलचस्प है कि वे बाद में एकजुट भी हो जाते हैं।'
शर्मा ने आगे कहा, 'विपक्षी दलों के मन में 'मोदी' नाम का डर बस चुका है। उससे निकलने के लिए इन दलों को बार-बार मिलने की जरूरत होती है। ये लोग मिलते हैं और हारने के बाद रोते हैं, फिर एक-दूसरे को कोसते हैं। इसलिए इंडिया गठबंधन न था और न ही आगे रहेगा।'
BJP सांसदों की प्रतिक्रिया
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 'इंडी' अलायंस को 'अवसरवादिता का गठजोड़' करार दिया। उन्होंने कहा, 'इंडी अलायंस कोई गठबंधन नहीं है, बल्कि अवसरवादिता का गठजोड़ है। बार-बार चुनावी हार के कारण पूरा विपक्ष हताश है। वे निराश और मायूस हैं और निराश लोगों के समूह के तौर पर एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं। गठबंधन में सभी पार्टियाँ साथ मिलकर काम करती हैं — यहाँ हर पार्टी अलग-अलग काम कर रही है।'
BJP सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि इंडी गठबंधन में कांग्रेस के साथ किसी भी राजनीतिक पार्टी के विचार नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस को लगता है कि सारा विपक्ष एकजुट हो जाएगा, लेकिन कोई भी कांग्रेस के साथ खड़ा नहीं होगा। कांग्रेस देश के लिए सबसे बड़ी बाधा है और इसलिए भारत की जनता ने उसे पूरी तरह से नकार दिया है।'
राज्यसभा सांसद का बयान
राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने इंडी गठबंधन को 'टूटा हुआ जहाज' बताया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस देश के मुद्दे उठाने में नाकाम रही है — वह सिर्फ स्टंटबाजी कर रही है।'
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक नई दिल्ली में बुलाई गई है। गौरतलब है कि गठबंधन के भीतर कई दलों के बीच समन्वय को लेकर पहले भी मतभेद सामने आ चुके हैं। BJP के इस हमले को इंडी अलायंस की बैठक से पहले राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
आने वाले दिनों में इंडिया ब्लॉक की बैठक में क्या निर्णय होते हैं और गठबंधन की एकजुटता किस रूप में सामने आती है, यह देखना अहम होगा।