इंडिया ब्लॉक का 5 नवंबर को बेंगलुरु में बड़ा प्रदर्शन, एसआईआर और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में इंडिया ब्लॉक के घटक दलों ने 5 नवंबर 2026 को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में एक बड़े राज्यस्तरीय विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग को लेकर आयोजित किया जाएगा। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष एवं एमएलसी बी.के. हरिप्रसाद ने मंगलवार, 3 नवंबर को केपीसीसी कार्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
दिल्ली प्रदर्शन की अगली कड़ी
हरिप्रसाद ने स्पष्ट किया कि 5 नवंबर का यह प्रदर्शन 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया ब्लॉक के राष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन की सीधी अगली कड़ी है। उस प्रदर्शन में भी एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आवाज़ उठाई गई थी।
उन्होंने बताया कि दिल्ली बैठक में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने देशभर में तालुका और ब्लॉक स्तर पर आंदोलन चलाने का सामूहिक निर्णय लिया था। कर्नाटक में गठबंधन ने पहले बेंगलुरु में राज्यस्तरीय प्रदर्शन करने और फिर इसे जिला व तालुका स्तर तक विस्तारित करने की रणनीति तय की है।
इंडिया ब्लॉक की तीन प्रमुख माँगें
माकपा के राज्य सचिव के. प्रकाश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गठबंधन की तीन केंद्रीय माँगें सामने रखीं। पहली — एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रद्द किया जाए। दूसरी — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें। तीसरी — मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया का लोकतंत्रीकरण किया जाए और यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप हो।
प्रकाश ने यह भी माँग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त को स्थायी प्रतिरक्षा प्रदान करने वाले कानून को वापस लिया जाए। गौरतलब है कि यह कानून पिछले कुछ वर्षों से विपक्षी दलों के निशाने पर रहा है।
भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप
हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कथित तौर पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
प्रकाश ने कहा कि इंडिया ब्लॉक देश को यह संदेश देना चाहता है कि कथित तौर पर भारत को एक सांप्रदायिक और तानाशाही व्यवस्था में बदलने की किसी भी कोशिश के लिए यहाँ कोई जगह नहीं है। लोकतंत्र की रक्षा गठबंधन के सभी घटक दलों की साझा जिम्मेदारी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित प्रमुख नेता
इस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में माकपा नेता साथी सुंदरैश, फॉरवर्ड ब्लॉक के महांतेश और शिवशंकर, अली, भाकपा (माले) के नेता क्लिफ्टन डी'रोसारियो तथा केपीसीसी के मीडिया एवं संचार विभाग के अध्यक्ष रमेश बाबू उपस्थित रहे।
यह ऐसे समय में आया है जब एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों का असंतोष बढ़ता जा रहा है और मामला कई राज्यों में राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में कर्नाटक से यह आंदोलन जिला और स्थानीय स्तर तक पहुँचने की संभावना है।