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जग्गा सिंह पर 9 एफआईआर और दुष्कर्म का मामला: संगरूर एसएसपी का बड़ा खुलासा

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जग्गा सिंह पर 9 एफआईआर और दुष्कर्म का मामला: संगरूर एसएसपी का बड़ा खुलासा

सारांश

संगरूर में डीसी कार्यालय के बाहर जहर निगलने वाले जग्गा सिंह की हालत सुधर रही है, लेकिन पुलिस ने उसका आपराधिक रिकॉर्ड उजागर कर दिया है — 9 एफआईआर, 4 में दोषसिद्धि और एक दुष्कर्म मामला। मामले में राजनीतिक उकसावे के आरोप और परिवार की शिकायतें जांच के दायरे में हैं।

मुख्य बातें

जग्गा सिंह ने रविवार शाम लगभग 4 बजे डीसी कार्यालय, संगरूर में जहर जैसी कोई वस्तु निगली; अस्पताल में उपचार जारी, हालत में सुधार।
एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल के अनुसार जग्गा सिंह के खिलाफ 9 एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें से 4 में दोषी करार दिया जा चुका है।
एनडीपीएस और एक्साइज मामलों के अतिरिक्त जग्गा सिंह पर दुष्कर्म का भी एक मामला लंबित है।
12 सितंबर 2026 को वायरल वीडियो में पुलिस को धमकी देने पर बीएनएस धारा 226 के तहत मामला दर्ज।
पंचायत का आरोप — जग्गा सिंह को राजनीतिक रूप से उकसाया जा रहा है; पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया।
पत्नी मनप्रीत कौर ने परिवार के साथ मारपीट और धमकी देने के कथित आरोप लगाए; पुलिस कार्रवाई की मांग।

संगरूर के नामोल गांव निवासी जग्गा सिंह द्वारा डीसी कार्यालय के बाहर जहर निगलकर आत्महत्या की कोशिश के मामले में संगरूर पुलिस ने 21 सितंबर 2026 को बड़ा खुलासा किया है। एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल ने स्पष्ट किया कि जग्गा सिंह खुद एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति है, जिसके विरुद्ध कुल 9 एफआईआर दर्ज हैं और एक दुष्कर्म का मामला भी लंबित है।

घटनाक्रम: जहर निगलने की वारदात

जग्गा सिंह ने रविवार शाम लगभग 4 बजे डीसी कार्यालय, संगरूर में कुछ निगल लिया था, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसएसपी के अनुसार, उनकी हालत अब पहले से कुछ बेहतर बताई जा रही है, हालांकि अस्पताल में उपचार जारी है।

गौरतलब है कि 12 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जग्गा सिंह ने कथित तौर पर पुलिस को धमकी दी थी कि यदि उनके मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वह आत्महत्या कर लेंगे। पुलिस ने उसी दिन इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया था।

एसएसपी का खुलासा: आपराधिक रिकॉर्ड

एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल ने बताया कि जग्गा सिंह के खिलाफ 9 एफआईआर पहले से दर्ज हैं। इनमें से वह 4 मामलों में न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है। इन मामलों में एक्साइज और एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) से संबंधित अपराध शामिल हैं। शेष 4 मामलों में अभी मुकदमा चल रहा है। इसके अतिरिक्त, उस पर दुष्कर्म का एक अलग मामला भी विचाराधीन है।

एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी कर्मचारी पर दबाव बनाने या ब्लैकमेल करने के इरादे से आत्महत्या का प्रयास करना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 226 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। इस प्रावधान के तहत 12 सितंबर 2026 को ही मामला दर्ज किया जा चुका है।

राजनीतिक उकसावे का आरोप

इस मामले में स्थानीय पंचायत का कहना है कि जग्गा सिंह को राजनीतिक रूप से उकसाया जा रहा है। पंचायत के अनुसार, गांव में ड्रग्स के खिलाफ जो भी व्यक्ति कार्रवाई करने की कोशिश करता है, जग्गा सिंह उसे रोकता है। एसएसपी ने कहा कि इस मामले से जुड़े तथ्य जांच का विषय हैं और जांच जारी है।

परिवार के आरोप और मांगें

जग्गा सिंह की पत्नी मनप्रीत कौर ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उनके परिवार के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि परिवार की मुख्य मांग यही है कि इस कथित मारपीट और बदसलूकी के मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज किया जाए।

मनप्रीत कौर ने यह भी आरोप लगाया कि परिवार की ओर से बनाई गई एक वीडियो के कई हिस्सों को बाद में काट दिया गया। उनका यह भी कहना है कि सरपंच के साथ हुई बातचीत के दौरान उन्हें कार्रवाई करवाने और जेल भिजवाने की कथित तौर पर धमकी दी गई। पुलिस ने इन आरोपों की जांच का आश्वासन दिया है।

आगे क्या होगा

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की विधिवत जांच की जाएगी। बीएनएस धारा 226 के तहत पहले से दर्ज मामले में कार्रवाई जारी रहेगी। मनप्रीत कौर की शिकायत पर पुलिस द्वारा जांच का आश्वासन दिया गया है। यह मामला संगरूर जिले में ड्रग्स विरोधी अभियान और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों के व्यापक संदर्भ में नई बहस छेड़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक संरक्षण और ड्रग्स-विरोधी अभियान एक-दूसरे से टकराते हैं। पंचायत का यह बयान कि जग्गा सिंह ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करने वालों को रोकता है, और साथ ही उसका खुद एनडीपीएस मामलों में दोषी होना — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है। बीएनएस धारा 226 का प्रयोग एक महत्वपूर्ण मिसाल है, लेकिन असली सवाल यह है कि राजनीतिक उकसावे के आरोपों की स्वतंत्र जांच कितनी पारदर्शी होगी।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जग्गा सिंह ने डीसी कार्यालय के बाहर जहर क्यों निगला?
जग्गा सिंह ने रविवार शाम लगभग 4 बजे संगरूर के डीसी कार्यालय में कोई पदार्थ निगल लिया। पुलिस के अनुसार, उन्होंने 12 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया वीडियो में पहले ही धमकी दी थी कि यदि उनके मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या करेंगे।
जग्गा सिंह के खिलाफ कितनी एफआईआर दर्ज हैं और वे किस बारे में हैं?
एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल के अनुसार जग्गा सिंह के खिलाफ कुल 9 एफआईआर दर्ज हैं। इनमें से 4 में वह दोषी ठहराया जा चुका है, जिनमें एक्साइज और एनडीपीएस से जुड़े मामले शामिल हैं। 4 अन्य मामलों में मुकदमा जारी है और एक दुष्कर्म का मामला भी लंबित है।
बीएनएस धारा 226 क्या है और यह इस मामले में कैसे लागू होती है?
बीएनएस की धारा 226 के अंतर्गत किसी सरकारी कर्मचारी को काम के लिए बाध्य करने या ब्लैकमेल करने के इरादे से आत्महत्या का प्रयास करना दंडनीय अपराध है। पुलिस ने 12 सितंबर 2026 को जग्गा सिंह के वायरल वीडियो के आधार पर इसी धारा के तहत मामला दर्ज किया था।
जग्गा सिंह की पत्नी मनप्रीत कौर ने क्या आरोप लगाए हैं?
मनप्रीत कौर ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद परिवार के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उनका यह भी कहना है कि परिवार की वीडियो के कई हिस्से काट दिए गए और सरपंच के साथ बातचीत के दौरान कार्रवाई करवाने की कथित धमकी भी दी गई। परिवार ने दोषियों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज करने की मांग की है।
क्या जग्गा सिंह को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है?
स्थानीय पंचायत का आरोप है कि जग्गा सिंह को राजनीतिक रूप से उकसाया जा रहा है और वह गांव में ड्रग्स विरोधी कार्रवाई में बाधा डालता रहा है। हालांकि एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले से जुड़े तथ्य जांच के दायरे में हैं और अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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