जग्गा सिंह पर 9 एफआईआर और दुष्कर्म का मामला: संगरूर एसएसपी का बड़ा खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
संगरूर के नामोल गांव निवासी जग्गा सिंह द्वारा डीसी कार्यालय के बाहर जहर निगलकर आत्महत्या की कोशिश के मामले में संगरूर पुलिस ने 21 सितंबर 2026 को बड़ा खुलासा किया है। एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल ने स्पष्ट किया कि जग्गा सिंह खुद एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति है, जिसके विरुद्ध कुल 9 एफआईआर दर्ज हैं और एक दुष्कर्म का मामला भी लंबित है।
घटनाक्रम: जहर निगलने की वारदात
जग्गा सिंह ने रविवार शाम लगभग 4 बजे डीसी कार्यालय, संगरूर में कुछ निगल लिया था, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसएसपी के अनुसार, उनकी हालत अब पहले से कुछ बेहतर बताई जा रही है, हालांकि अस्पताल में उपचार जारी है।
गौरतलब है कि 12 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जग्गा सिंह ने कथित तौर पर पुलिस को धमकी दी थी कि यदि उनके मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वह आत्महत्या कर लेंगे। पुलिस ने उसी दिन इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया था।
एसएसपी का खुलासा: आपराधिक रिकॉर्ड
एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल ने बताया कि जग्गा सिंह के खिलाफ 9 एफआईआर पहले से दर्ज हैं। इनमें से वह 4 मामलों में न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है। इन मामलों में एक्साइज और एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) से संबंधित अपराध शामिल हैं। शेष 4 मामलों में अभी मुकदमा चल रहा है। इसके अतिरिक्त, उस पर दुष्कर्म का एक अलग मामला भी विचाराधीन है।
एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी कर्मचारी पर दबाव बनाने या ब्लैकमेल करने के इरादे से आत्महत्या का प्रयास करना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 226 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। इस प्रावधान के तहत 12 सितंबर 2026 को ही मामला दर्ज किया जा चुका है।
राजनीतिक उकसावे का आरोप
इस मामले में स्थानीय पंचायत का कहना है कि जग्गा सिंह को राजनीतिक रूप से उकसाया जा रहा है। पंचायत के अनुसार, गांव में ड्रग्स के खिलाफ जो भी व्यक्ति कार्रवाई करने की कोशिश करता है, जग्गा सिंह उसे रोकता है। एसएसपी ने कहा कि इस मामले से जुड़े तथ्य जांच का विषय हैं और जांच जारी है।
परिवार के आरोप और मांगें
जग्गा सिंह की पत्नी मनप्रीत कौर ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उनके परिवार के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि परिवार की मुख्य मांग यही है कि इस कथित मारपीट और बदसलूकी के मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज किया जाए।
मनप्रीत कौर ने यह भी आरोप लगाया कि परिवार की ओर से बनाई गई एक वीडियो के कई हिस्सों को बाद में काट दिया गया। उनका यह भी कहना है कि सरपंच के साथ हुई बातचीत के दौरान उन्हें कार्रवाई करवाने और जेल भिजवाने की कथित तौर पर धमकी दी गई। पुलिस ने इन आरोपों की जांच का आश्वासन दिया है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की विधिवत जांच की जाएगी। बीएनएस धारा 226 के तहत पहले से दर्ज मामले में कार्रवाई जारी रहेगी। मनप्रीत कौर की शिकायत पर पुलिस द्वारा जांच का आश्वासन दिया गया है। यह मामला संगरूर जिले में ड्रग्स विरोधी अभियान और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों के व्यापक संदर्भ में नई बहस छेड़ रहा है।