जम्मू-कश्मीर नौकरी घोटाला: बेरोज़गार युवाओं से ₹25 लाख की ठगी, दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने 29 अक्टूबर 2026 को एक बहुचर्चित नौकरी घोटाले में दो आरोपियों के खिलाफ जम्मू की सब-जज की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी नौकरी दिलाने का झाँसा देकर बेरोज़गार युवाओं से कथित तौर पर ₹25 लाख की ठगी की।
कौन हैं आरोपी
चार्जशीट में नामज़द दो आरोपी हैं — अनंतनाग के दमहल निवासी पीरजादा अब्दुल हमीद और पुंछ के संगयोटे निवासी मुनीर हुसैन। यह मामला रणबीर दंड संहिता (RPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत जम्मू अपराध शाखा के पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
मामले की शुरुआत तब हुई जब मुनीर हुसैन ने पीरजादा अब्दुल हमीद के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। अदालत के निर्देश पर मामला दर्ज हुआ। हालाँकि, इंस्पेक्टर मीनू शर्मा के नेतृत्व में हुई जाँच ने चौंकाने वाला खुलासा किया — शिकायतकर्ता मुनीर हुसैन स्वयं कथित तौर पर इस गिरोह का हिस्सा था।
जाँच के अनुसार, दोनों आरोपियों ने मिलकर सरकारी नौकरी दिलाने का लालच दिखाया, युवाओं से पैसे वसूले और बाद में जब संदेह बढ़ा तो मुनीर हुसैन ने ज़िम्मेदारी से बचने के लिए झूठी शिकायत दर्ज करा दी। यह रणनीति जाँचकर्ताओं को भ्रमित करने का प्रयास थी, लेकिन गवाहों के बयान और दस्तावेज़ी साक्ष्यों ने दोनों की कथित संलिप्तता उजागर कर दी।
जाँच में क्या सामने आया
जाँच में पाया गया कि आरोपियों ने सामूहिक रूप से बेरोज़गार युवाओं को निशाना बनाया और उनसे कुल मिलाकर कथित तौर पर ₹25 लाख की धनराशि ऐंठी। गवाहों के बयान, वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज़ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने अदालत में चार्जशीट पेश की। गौरतलब है कि इस प्रकार के फ़र्जी नौकरी गिरोह जम्मू-कश्मीर में बेरोज़गारी की समस्या का फायदा उठाकर युवाओं को ठगते रहे हैं।
अधिकारियों की अपील
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फैसल कुरैशी ने आम जनता से ऐसे आर्थिक अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के साथ इस तरह की धोखाधड़ी हो, तो वे आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जम्मू को सूचित कर सकते हैं। पीड़ित 0191-2578901 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या ईमेल के ज़रिए शिकायत भेज सकते हैं।
क्या होगा आगे
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला अदालती कार्यवाही के अगले चरण में प्रवेश करेगा। अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ उच्च-प्रोफाइल वित्तीय अपराधों और तकनीकी जाँच की ज़रूरत वाले विशेष मामलों को देखता है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में फ़र्जी भर्ती रैकेट के खिलाफ प्रशासन की सख्ती बढ़ रही है।