कावेरी विवाद: कर्नाटक CM शिवकुमार ने तमिलनाडु CM जोसेफ विजय से 3 अगस्त का बेंगलुरु दौरा टालने का आग्रह किया
सारांश
मुख्य बातें
कावेरी जल-बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच बढ़ते तनाव के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार, 31 जुलाई को स्पष्ट किया कि उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय से 3 अगस्त को प्रस्तावित बेंगलुरु यात्रा स्थगित करने का अनुरोध किया है। शिवकुमार ने कहा कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बैठक तभी होनी चाहिए जब माहौल पूरी तरह सौहार्दपूर्ण हो।
संयुक्त प्रेस वार्ता में किया ऐलान
विधान सौधा में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम डॉ. जी. परमेश्वर और जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी के साथ उपस्थित शिवकुमार ने बताया कि यह निर्णय कैबिनेट सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच शांति और सद्भाव बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
शिवकुमार ने कहा, 'मुख्यमंत्री विजय ने हमें बताया कि वह 3 अगस्त को पाँच-छह मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बेंगलुरु आने का इरादा रखते हैं। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए अगर मैं उन्हें आमंत्रित करता हूँ और कोई उनके खिलाफ नारे लगाता है या विरोध प्रदर्शन करता है, तो मुझे नहीं लगता कि यह उचित होगा। मैंने उनसे धैर्य रखने का अनुरोध किया है ताकि मुद्दों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सके।'
सर्वदलीय बैठक के बाद तय होगी नई तारीख
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि रविवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की यात्रा के लिए कोई नई तारीख निर्धारित की जाएगी। उन्होंने जोर दिया, 'हम शांतिप्रिय लोग हैं। जब दूसरे राज्य से कोई मेहमान आता है तो हमें उनका स्वागत सद्भाव के साथ करना चाहिए।'
उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक के लोग देशभर में रहते और काम करते हैं, इसलिए राज्य में शांति बनाए रखना सबके हित में है।
पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन से बैठक नहीं हो पाई थी
शिवकुमार ने पृष्ठभूमि साझा करते हुए बताया कि इससे पहले उन्होंने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के साथ कावेरी मुद्दे पर बैठक करने का प्रयास किया था, लेकिन वह सहमत नहीं हुए थे। इसके बाद तमिलनाडु में चुनाव हुए और सरकार बदल गई। नए मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने बेंगलुरु आने की इच्छा जताई थी, जिसे शिवकुमार ने सकारात्मक संकेत माना था।
गौरतलब है कि कावेरी जल-बंटवारे का विवाद दशकों पुराना है और दोनों राज्यों के बीच समय-समय पर तनाव का कारण बनता रहा है। यह ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक के जलाशयों में पानी की आवक को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।
बारिश से बेहतर होंगे हालात
शिवकुमार ने उम्मीद जताई कि राज्य में हो रही वर्तमान बारिश से जलाशयों में जलस्तर बढ़ेगा, जिससे कावेरी मुद्दे पर बातचीत के लिए अधिक अनुकूल परिस्थितियाँ बनेंगी। उन्होंने कहा, 'अब हमें बारिश के देवता वरुण की कृपा मिल रही है और जलाशयों में पानी की आवक बेहतर होने लगी है। इसलिए हम बेहतर माहौल में बैठक कर सकते हैं।'
आने वाले दिनों में सर्वदलीय बैठक के निष्कर्षों के आधार पर कर्नाटक सरकार तमिलनाडु के साथ बातचीत की अगली तारीख और रूपरेखा तय करेगी।