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कर्नाटक: 1,250 सरकारी स्कूलों में 1,582 शौचालय बनाने का फैसला, मंत्री मधु बंगारप्पा ने विधानसभा को दी जानकारी

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कर्नाटक: 1,250 सरकारी स्कूलों में 1,582 शौचालय बनाने का फैसला, मंत्री मधु बंगारप्पा ने विधानसभा को दी जानकारी

सारांश

कर्नाटक सरकार 2025-26 में 1,250 सरकारी स्कूलों में 1,582 शौचालय बनाएगी — राज्य क्षेत्र योजना के तहत ₹5.04 करोड़ आवंटित। मंत्री मधु बंगारप्पा ने विधानसभा में यह जानकारी दी और मध्याह्न भोजन कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मजदूरी दिलाने का भी आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

कर्नाटक सरकार 2025-26 में 1,250 सरकारी स्कूलों में 1,582 शौचालय निर्मित करेगी।
राज्य क्षेत्र योजना के तहत शौचालय निर्माण के लिए ₹5.04 करोड़ और कक्षाओं के लिए ₹23.17 करोड़ आवंटित।
समग्र शिक्षा कर्नाटक योजना के तहत 136 अतिरिक्त शौचालयों को मंजूरी; ₹544 लाख जारी।
पीएम श्री योजना के तहत 216 कक्षाओं के लिए ₹48.55 करोड़ स्वीकृत।
हीरेकेरुड़ क्षेत्र के 9 स्कूलों में 15 शौचालय (₹30 लाख) बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन।
मंत्री बंगारप्पा ने मध्याह्न भोजन कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मजदूरी व अन्य माँगें पूरी करने का आश्वासन दिया।

कर्नाटक के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने 20 अगस्त 2026 को विधानसभा में घोषणा की कि राज्य सरकार ने राज्य क्षेत्र योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 1,250 सरकारी स्कूलों में 1,582 शौचालय निर्मित करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी प्रश्नकाल के दौरान हीरेकेरुड़ से कांग्रेस विधायक यूबी बानाकर के सवाल के जवाब में दी गई।

योजनाओं के तहत वित्तीय आवंटन

मंत्री बंगारप्पा ने बताया कि राज्य क्षेत्र योजना के तहत शौचालय निर्माण के लिए ₹5.04 करोड़ और कक्षाओं के निर्माण के लिए ₹23.17 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, समग्र शिक्षा कर्नाटक योजना के तहत 136 शौचालयों को भी मंजूरी दी गई है, जिसके लिए ₹544 लाख जारी किए गए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि पीएम श्री योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 216 कक्षाओं के निर्माण हेतु ₹48.55 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। गौरतलब है कि यह निवेश राज्य के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हीरेकेरुड़ क्षेत्र की स्थिति

मंत्री ने स्पष्ट किया कि शौचालय निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत करते समय शुरुआत में अधिक छात्र-संख्या वाले विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई, जिसके कारण हीरेकेरुड़ विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के लिए प्रारंभिक चरण में कोई धनराशि स्वीकृत नहीं हो सकी।

हालाँकि, सरकार अब शेष धनराशि से इस क्षेत्र के नौ सरकारी विद्यालयों में शौचालय निर्मित करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव में दो स्कूलों में दो लड़कों के शौचालय और सात स्कूलों में 13 लड़कियों के शौचालय शामिल हैं। प्रत्येक शौचालय की अनुमानित लागत ₹2 लाख है, जिससे इन कार्यों की कुल अनुमानित लागत ₹30 लाख बनती है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि प्रस्ताव की नियमानुसार जाँच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

मध्याह्न भोजन कार्यकर्ताओं को मंत्री का आश्वासन

इसी दिन एक अन्य घटनाक्रम में मंत्री मधु बंगारप्पा ने विधान सौधा स्थित अपने कार्यालय में राज्य अक्षरा दासोहा मध्याह्न भोजन निर्माता संघ के सदस्यों से मुलाकात की। यूनियन अध्यक्ष होनप्पा मारेमन्नावर और अन्य प्रतिनिधियों ने मंत्री को अपनी माँगें सौंपीं, जिनमें न्यूनतम मजदूरी का भुगतान और एकमुश्त राशि में वृद्धि शामिल है।

कार्यकर्ता इन माँगों को लेकर फ्रीडम पार्क में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मंत्री ने कहा, 'मैं राज्य के मध्याह्न भोजन कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा खड़ा रहूँगा। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एस. बंगारप्पा के पुत्र के रूप में मैं आप सभी की मदद करने के लिए तैयार हूँ।'

आम जनता और छात्रों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में सरकारी स्कूलों में स्वच्छता सुविधाओं की कमी एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है, विशेष रूप से छात्राओं के लिए। आँकड़ों के अनुसार, शौचालय की अनुपलब्धता लड़कियों के स्कूल छोड़ने के प्रमुख कारणों में से एक है। इस दृष्टि से कर्नाटक सरकार की यह पहल न केवल बुनियादी ढाँचे को मजबूत करेगी, बल्कि छात्राओं की उपस्थिति दर में सुधार लाने में भी सहायक हो सकती है।

सभी प्रस्तावित कार्यों की प्रगति और क्रियान्वयन पर नज़र रखी जाएगी, और आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं के ज़मीनी स्तर पर शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

582 शौचालयों की यह घोषणा संख्या में प्रभावशाली लगती है, लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता का है — कर्नाटक समेत कई राज्यों में अतीत में शौचालय निर्माण की परियोजनाएँ कागज़ों पर पूरी होती रही हैं, जबकि ज़मीन पर उपयोग-योग्य सुविधाएँ नहीं बन पाईं। हीरेकेरुड़ जैसे क्षेत्रों का 'प्रस्ताव विचाराधीन' वाला दर्जा यह भी दर्शाता है कि प्राथमिकता-निर्धारण की प्रक्रिया में राजनीतिक दबाव की भूमिका रहती है। मध्याह्न भोजन कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मजदूरी का आश्वासन स्वागत योग्य है, परंतु 'हर संभव सहायता' जैसे अस्पष्ट वादे तब तक अर्थहीन हैं जब तक समयसीमा और बजटीय प्रतिबद्धता सार्वजनिक न हो।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में सरकारी स्कूलों में कितने शौचालय बनाए जाएँगे?
कर्नाटक सरकार 2025-26 में राज्य क्षेत्र योजना के तहत 1,250 सरकारी स्कूलों में 1,582 शौचालय बनाएगी। इसके अलावा समग्र शिक्षा कर्नाटक योजना के तहत 136 अतिरिक्त शौचालयों को भी मंजूरी दी गई है।
शौचालय निर्माण के लिए कितनी धनराशि आवंटित की गई है?
राज्य क्षेत्र योजना के तहत शौचालय निर्माण के लिए ₹5.04 करोड़ आवंटित किए गए हैं। समग्र शिक्षा कर्नाटक योजना के तहत ₹544 लाख अलग से जारी किए गए हैं।
हीरेकेरुड़ क्षेत्र के स्कूलों को शौचालय निर्माण में शामिल क्यों नहीं किया गया था?
शुरुआत में अधिक छात्र-संख्या वाले विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई, जिससे हीरेकेरुड़ के स्कूल पहले चरण में शामिल नहीं हो सके। अब सरकार शेष धनराशि से इस क्षेत्र के 9 स्कूलों में 15 शौचालय (₹30 लाख अनुमानित) बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।
पीएम श्री योजना के तहत कर्नाटक में क्या प्रावधान किया गया है?
पीएम श्री योजना के तहत 2025-26 में 216 कक्षाओं के निर्माण के लिए ₹48.55 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि राज्य के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए है।
मध्याह्न भोजन कार्यकर्ताओं की क्या माँगें हैं और सरकार ने क्या कहा?
राज्य अक्षरा दासोहा मध्याह्न भोजन निर्माता संघ के कार्यकर्ता न्यूनतम मजदूरी और एकमुश्त राशि में वृद्धि की माँग को लेकर फ्रीडम पार्क में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मंत्री मधु बंगारप्पा ने उनसे मुलाकात कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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