4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जयपुर में करणी सेना सदस्य देवराज सिंह की मौत, पुलिस लाठीचार्ज पर उठे सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जयपुर में करणी सेना सदस्य देवराज सिंह की मौत, पुलिस लाठीचार्ज पर उठे सवाल

सारांश

जयपुर में यूजीसी नियमों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान करणी सेना सदस्य देवराज सिंह की मौत ने राजनीतिक तनाव को हवा दे दी है। संगठन पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहा है, पुलिस आरोप नकार रही है — और जयपुर बंद की चेतावनी के साथ मामला और गरमा सकता है।

मुख्य बातें

देवराज सिंह , निवासी पलाडा गाँव, डीडवाना-कुचामन जिला , की 4 अगस्त 2026 को जयपुर प्रदर्शन के दौरान मौत हुई।
प्रदर्शन नए यूजीसी नियमों के विरोध में था; इसे श्री राजपूत करणी सेना, राष्ट्रीय हिंदू महासभा और सवर्ण संगठनों का समर्थन था।
डीसीपी (पश्चिम) प्रशांत किरण ने कहा कि मौत लाठीचार्ज या वाटर कैनन से नहीं, बल्कि अचानक तबीयत बिगड़ने से हुई।
करणी सेना अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई न होने पर जयपुर बंद की चेतावनी दी।
संगठन ने महिलाओं और युवा प्रदर्शनकारियों पर भी बल प्रयोग का आरोप लगाया।

श्री राजपूत करणी सेना के सदस्य देवराज सिंह की 4 अगस्त 2026 को जयपुर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई। संगठन का आरोप है कि पुलिस के लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी, जबकि पुलिस का कहना है कि उनकी मृत्यु अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण हुई। इस घटना के बाद संगठन ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मुख्य घटनाक्रम

यह प्रदर्शन नए यूजीसी नियमों के विरोध में आयोजित किया गया था, जिसे श्री राजपूत करणी सेना, राष्ट्रीय हिंदू महासभा और सवर्ण समुदाय के कई अन्य संगठनों का समर्थन प्राप्त था। डीडवाना-कुचामन जिले के पलाडा गाँव के निवासी देवराज सिंह इस मार्च में शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ते हुए चौमू पुलिया, अंबाबाड़ी और पानीपेच चौराहे से होते हुए कलेक्ट्रेट सर्कल तक मार्च किया। इसके बाद वे भाजपा राज्य कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे, जिससे पुलिस के साथ कई बार टकराव हुआ।

पुलिस की प्रतिक्रिया और विवाद

पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले वाटर कैनन और फिर लाठीचार्ज का सहारा लिया। डीसीपी (पश्चिम) प्रशांत किरण ने स्पष्ट किया कि देवराज सिंह की मौत लाठीचार्ज या वाटर कैनन के कारण नहीं हुई — प्रदर्शन के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

हालाँकि, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हंगामे के दौरान देवराज सिंह घबरा गए, गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। दोनों पक्षों के बयानों में अंतर होने के कारण मौत की वास्तविक परिस्थितियाँ अभी भी विवादित हैं।

करणी सेना की माँगें

संगठन के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए चेतावनी दी कि यदि दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो जयपुर बंद का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं और युवा प्रदर्शनकारियों पर भी बल प्रयोग किया।

मंगलवार सुबह जयपुर में देवराज सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में सवर्ण समुदाय के संगठन यूजीसी के नए नियमों को लेकर पहले से ही आंदोलित हैं। गौरतलब है कि इस तरह के प्रदर्शनों में पुलिस बल प्रयोग के आरोप राज्य में सामाजिक तनाव को और गहरा कर सकते हैं।

क्या होगा आगे

करणी सेना की माँगों और जयपुर बंद की चेतावनी के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ने की संभावना है। मौत की परिस्थितियों की स्वतंत्र जाँच की माँग भी उठ सकती है, क्योंकि संगठन और पुलिस के बयान परस्पर विरोधी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बिना स्वतंत्र चिकित्सा जाँच के सच्चाई सामने आना मुश्किल है। यूजीसी नियमों के खिलाफ आंदोलन पहले से ही राजस्थान में राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, और इस मौत ने उसे और धार दे दी है। जयपुर बंद की चेतावनी राज्य सरकार पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बनाती है — लेकिन किसी भी पक्ष की जल्दबाज़ी में की गई प्रतिक्रिया स्थिति को बिगाड़ सकती है। मुख्यधारा की कवरेज जो बात अक्सर चूकती है, वह यह है कि ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही एकमात्र निर्णायक तथ्य होती है — जिसका अभी तक कोई उल्लेख नहीं आया है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवराज सिंह कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
देवराज सिंह डीडवाना-कुचामन जिले के पलाडा गाँव के निवासी और श्री राजपूत करणी सेना के सदस्य थे। 4 अगस्त 2026 को जयपुर में यूजीसी नियमों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
पुलिस और करणी सेना के बयानों में क्या अंतर है?
करणी सेना का आरोप है कि पुलिस के लाठीचार्ज और वाटर कैनन के कारण देवराज सिंह की मौत हुई। डीसीपी (पश्चिम) प्रशांत किरण ने इसे नकारते हुए कहा कि उनकी मौत अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण हुई, न कि पुलिस कार्रवाई से।
करणी सेना ने क्या माँगें रखी हैं?
संगठन के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने पर जयपुर बंद का आह्वान किया जाएगा।
यह प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
यह प्रदर्शन नए यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) नियमों के विरोध में आयोजित किया गया था। इसे श्री राजपूत करणी सेना, राष्ट्रीय हिंदू महासभा और सवर्ण समुदाय के कई संगठनों का समर्थन प्राप्त था।
आगे क्या हो सकता है?
करणी सेना की जयपुर बंद की चेतावनी के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ने की संभावना है। मौत की परिस्थितियों की स्वतंत्र या न्यायिक जाँच की माँग भी उठ सकती है, क्योंकि दोनों पक्षों के बयान परस्पर विरोधी हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले